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भारत के फ्लेक्सी स्टाफिंग इंडस्ट्री में वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में सालाना आधार पर 6.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. इंडियन स्टाफिंग फेडरेशन की रिपोर्ट में बताया गया कि वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही की तुलना में तिमाही आधार पर 1.5 प्रतिशत की बढ़त हुई है.
आईटी को छोड़कर जनरल फ्लेक्सी सेक्टर में तिमाही आधार पर 1.4 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई. इस आंकड़े से स्पष्ट होता है कि इंडस्ट्री में मांग बनी हुई है, लेकिन आर्थिक परिस्थितियों और हायरिंग से जुड़े निर्णयों में देरी की वजह से गति अपेक्षाकृत धीमी रही.
रिपोर्ट के अनुसार FMCG, ई-कॉमर्स, रिटेल, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों से मांग ने फ्लेक्सी रोजगार को बढ़ावा दिया. इन सेक्टरों में नए प्रोजेक्ट्स, डिजिटल और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों की वजह से कर्मचारियों की जरूरत बढ़ी है.
हालांकि, कुछ क्षेत्रों में नियुक्तियों की गति धीमी रही क्योंकि कंपनियों ने आर्थिक अनिश्चितता और उपभोक्ता खर्च में कमी के कारण हायरिंग निर्णय में देरी की.
आईटी फ्लेक्सी स्टाफिंग इंडस्ट्री ने सबसे मजबूत प्रदर्शन किया. तिमाही आधार पर 5.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई और सालाना आधार पर 12.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. यह वृद्धि डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, एआई, क्लाउड और डिजिटल सर्विसेज की मजबूत मांग और वैश्विक क्षमता केंद्रों (GCC) के विस्तार का परिणाम है.
आईटी सेक्टर की यह वृद्धि दिखाती है कि तकनीकी जरूरतों में मजबूत पुनरुत्थान हुआ है. कंपनियां तेजी से डिजिटल बदलाव की ओर बढ़ रही हैं और नई परियोजनाओं के लिए फ्लेक्सी कर्मचारियों की मांग लगातार बनी हुई है.
इंडियन स्टाफिंग फेडरेशन के प्रेसिडेंट लोहित भाटिया ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही औपचारिक रोजगार वृद्धि के बदलते स्वरूप को दर्शाती है. सालाना आधार पर 6.1 प्रतिशत की वृद्धि महामारी के बाद पहली तिमाही की सबसे धीमी गति है. उन्होंने कहा कि यह धीमी गति मुख्य रूप से आर्थिक चुनौतियों और उपभोक्ता खर्च में कमी के कारण है, जिससे कुल नियुक्तियों की संख्या सीमित रही.
वाइस प्रेसिडेंट मनमीत सिंह ने बताया कि आईटी स्टाफिंग सेगमेंट ने शानदार प्रदर्शन किया और तिमाही आधार पर 5.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की. सालाना आधार पर 12.3 प्रतिशत की वृद्धि ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की नॉन-साइक्लिकल मांग को स्पष्ट किया.
ISF के अनुसार, पिछले वर्ष उनके सदस्यों ने 91,500 फॉर्मल पॉजीशन क्रिएट कीं. वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के अंत तक मेंबर्स द्वारा एम्प्लोयड कुल फॉर्मल फ्लेक्सी वर्कफोर्स लगभग 1.83 मिलियन हो गया.
भारत की फ्लेक्सी स्टाफिंग इंडस्ट्री वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में सालाना और तिमाही दोनों आधार पर बढ़त दिखा रहा है. आईटी सेक्टर ने सबसे मजबूत प्रदर्शन किया जबकि जनरल फ्लेक्सी सेक्टर की वृद्धि अपेक्षाकृत धीमी रही. FMCG, ई-कॉमर्स, रिटेल, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में मांग बनी हुई है.
आर्थिक अनिश्चितताओं और हायरिंग निर्णयों में देरी के बावजूद इंडस्ट्री की यह वृद्धि सकारात्मक संकेत देती है. डिजिटल और तकनीकी सेक्टर की मांग के चलते फ्लेक्सी कर्मचारियों की जरूरत बढ़ रही है और यह ट्रेंड आगे भी जारी रहने की संभावना है.
Q1. वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में फ्लेक्सी स्टाफिंग इंडस्ट्री की सालाना वृद्धि कितनी रही
सालाना 6.1 प्रतिशत.
Q2. आईटी सेक्टर ने तिमाही आधार पर कितनी वृद्धि दर्ज की?
तिमाही आधार पर 5.5 प्रतिशत.
Q3. आईटी सेक्टर की सालाना वृद्धि कितनी रही?
सालाना आधार पर 12.3 प्रतिशत.
Q4. अन्य सेक्टरों में गति धीमी क्यों रही?
आर्थिक अनिश्चितता और हायरिंग निर्णय में देरी के कारण.
Q5. कुल फॉर्मल फ्लेक्सी वर्कफोर्स कितनी हो गई है?
वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही तक लगभग 1.83 मिलियन.