Budget 2025: बायोगैस पर हो सकता है बड़ा ऐलान, कॉरपोरेट टैक्स में मिल सकती है छूट

Budget 2025: आईबीए ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में देश में लगभग 100 सीबीजी प्लांट चालू थे. कुल सीबीजी की बिक्री लगभग 1,200 करोड़ रुपये रही है.
Budget 2025: बायोगैस पर हो सकता है बड़ा ऐलान, कॉरपोरेट टैक्स में मिल सकती है छूट

Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) एक फरवरी को वित्त वर्ष 2025-26 का आम बजट पेश करेंगी. आईबीए आगामी बजट (Budger 2025) में बायोगैस (Biogas) उत्पादन पर व्यापक कॉर्पोरेट टैक्स छूट की मांग की. आईबीए (IBA) का कहना है कि इससे क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी और रिन्युएबल एनर्जी सोर्स को बढ़ावा देने का लक्ष्य हासिल हो सकेगा.

भारतीय बायोगैस एसोसिएशन (IBA) ने वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) से आगामी आम बजट में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) उत्पादन के लिए पूरी तरह कॉरपोरेट टैक्स की छूट देने की मांग की है. इस महीने की शुरुआत में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे एक पत्र में IBA ने कहा कि यह उन कारोबार क्षेत्रों के लिए एक प्रोत्साहन के रूप में कार्य करेगा, जो स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में योगदान करते हुए सीबीजी उत्पादन में निवेश करने और इसे बढ़ाने के इच्छुक हैं.

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कॉरपोरेट टैक्स हॉलिडे की मांग

उद्योग निकाय ने कहा, यह प्रस्ताव है कि सरकार सीबीजी उत्पादन के लिए व्यापक रूप से ‘कॉरपोरेट टैक्स हॉलिडे’ यानी छूट दे. विशेष रूप से सीबीजी उत्पादकों को परिचालन के शुरुआती वर्षों में पूरा टैक्स राहत दी जानी चाहिए.

रोजगार का बनेगा मौका

आईबीए ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में देश में लगभग 100 सीबीजी प्लांट चालू थे. कुल सीबीजी की बिक्री लगभग 1,200 करोड़ रुपये रही है. इसका मतलब यह है कि पूरी तरह से टैक्स माफ करने के बाद सरकार को राजस्व का करीब 100 करोड़ रुपये का नुकसान होगा. आईबीए ने यह यह एक अल्पकालिक नुकसान है, लेकिन यह लॉन्ग टर्म में रिन्युएबल एनर्जी इंडस्ट्री को आगे बढ़ने में मदद करेगा. पत्र में कहा गया है कि इस कदम से भारत अपने रिन्युएबल एनर्जी टारगेट को हासिल कर सकेगा, निजी निवेश प्राप्त कर सकेगा और इससे रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.

उद्योग निकाय ने कहा कि इस मामले में टैक्स छूट से सीबीजी उत्पादकों को अपने उत्पादों को प्रतिस्पर्धी कीमतों पर बेचने में भी मदद मिलेगी, जिससे भारत के ऊर्जा मिश्रण में सीबीजी की स्वीकार्यता बढ़ेगी. आईबीए ने कहा कि इसके अलावा इससे बायोगैस (Biogas) के उत्पादन में धान के भूसे और फसल कचरे जैसे कृषि अवशेषों का इस्तेमाल बढ़ेगा. इससे कृषि अवशेषों को जलाने की जरूरत नहीं होगा, जिससे अंतत: प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी.