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देशवासियों के चेहरे पर एक खुशी लाने वाली खबर सामने आई है. असल में अब भारत में बेहद अमीर लोगों यानी अल्ट्रा हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल्स (UHNWIs) की संख्या 2023 से 2028 के बीच करीब 50% तक बढ़ने का कयास लगाया गया है.ये ग्रोथ दुनिया में सबसे तेज वृद्धि मानी जा रही है. वैसे इस बात कता खुलासा मैकिन्जी एंड कंपनी और BoF (बिज़नेस ऑफ फैशन) की एक ताजा रिपोर्ट में किया गया है.
सामने आई इस रिपोर्ट की मानें तो भारतीय लग्जरी मार्केट 2025 तक 15-20% की दर से बढ़ सकता है. वैसे तो इसके पीछे डेमोग्राफिक्स में बदलाव, शहरीकरण और उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताएं अहम कारण मानी जा रही हैं. आपको बता दें कि भारत में Jio World Plaza और Galeries Lafayette जैसे कई नए प्रीमियम मॉल्स और डिपार्टमेंट स्टोर्स खुलने से लग्जरी रिटेल सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिलता दिखाई दे रहा है.
हालांकि ₹7 लाख से ज्यादा के इंपोर्टेड प्रोडक्ट्स पर टैक्स बढ़ने से लोग देश में बनी चीजें (मेड इन इंडिया) खरीदने के लिए प्रेरित हो सकते हैं, लेकिन लग्जरी सामानों पर 28% जीएसटी अब भी एक बड़ी मुश्किल बना हुआ है.
दूसरी तरफ जहां भारत रफ्तार से आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है वहीं जापान का लग्जरी मार्केट भी 2025 तक 6-10% की ग्रोथ दिखा सकता है, जो घरेलू मांग और पर्यटन से प्रेरित होने वाला है. वैसे सामने आई रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि जापान में UHNWIs की संख्या भी 2023 से 2028 के बीच 12% तक बढ़ेगी,हालांकि ये ग्रोथ भारत से कम ही रहेगी.
दूसरी तरफ नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने भी हाल ही में ऐलान किया है कि भारत अब जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है. इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के आंकड़ों की मानें तो भारत की अर्थव्यवस्था USD 4 ट्रिलियन तक पहुंची हैं.
IMF की वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट (अप्रैल 2025)में ये अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 तक भारत की GDP लगभग USD 4.187 ट्रिलियन होगी, जो जापान की अनुमानित GDP USD 4.186 ट्रिलियन से ज्यादा ही होगी.रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2019 से 2023 तक लग्जरी इंडस्ट्री में बेहतरीन ग्रोथ दिखाई दी है. फैशन, बैग्स, वॉचेस और ज्वेलरी जैसे पर्सनल लग्जरी प्रोडक्ट्स वाले इन सेक्टर ने 5% तक का सालाना ग्रोथ रेट दिखा है. वैसे 2025 में लग्ज़री सेक्टर को बड़ा झटका लगा क्योंकि 2016 के बाद पहली बार(2020 को छोड़कर)इसकी वैल्यू में गिरावट आई है.हालांकि चीन जैसे बाजारों में आर्थिक सुस्ती के कारण से शायद इंडस्ट्री की ग्रोथ पर असर पड़ा है.