हाई इनकम फिर भी टेंशन! बच्चों के एजुकेशन से लेकर रिटायरमेंट तक की प्लानिंग में क्यों फेल हो रहे हैं भारत के अमीर

India Wealth Survey 2025: भारत में ज्यादा नेट वर्थ वाले अमीर लोगों को अपने बच्चों के एजुकेशन से लेकर रिटायरमेंट तक की प्लानिंग में काफी परेशानी आती है. एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है.
हाई इनकम फिर भी टेंशन! बच्चों के एजुकेशन से लेकर रिटायरमेंट तक की प्लानिंग में क्यों फेल हो रहे हैं भारत के अमीर

India Wealth Survey 2025: भारत की इकोनॉमी तेजी से आगे बढ़ रही है, शेयर बाजार में बुल रन लगातार रिकॉर्ड बना रहा है, लेकिन इसके बावजूद भारत के हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग और टारगेट को हासिल करने में नाकाम साबित हो रहे हैं. "इंडिया वेल्थ सर्वे 2025" नाम की एक रिपोर्ट में इसे लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. इस रिपोर्ट को मार्सेलस इन्वेस्टमेंट और डन एंड ब्रैडस्ट्रीट ने मिलकर तैयार किया है.रिपोर्ट के मुताबिक, देश के HNI में सेविंग्स की कमी, भारी कर्ज, फाइनेंशियल प्लानिंग की भारी कमी है.

कर्ज के बोझ में दबे हैं ये लोग

रिपोर्ट में बताया गया है कि 43% HNI अपनी टैक्स के बाद की आय का 20% से भी कम बचा रहे हैं, खासकर 30 से 45 वर्ष की आयु के लोग इस समस्या से ज्यादा जूझ रहे हैं. इनमें से आधे कर्ज से दबे हुए हैं, जिससे रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई या घर खरीदने जैसे बड़े जीवन लक्ष्यों की योजना प्रभावित हो रही है.

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इस सर्वे में देश के मेट्रो, टियर-1 और टियर-2 शहरों के 465 ऐसे लोगों को शामिल किया गया जिनकी सालाना पोस्ट-टैक्स इनकम 20 लाख रुपये से ज्यादा है.

किन जगहों पर खर्च करते हैं HNI

रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि HNI ग्रुप के लोगों के सपने काफी ऊंचे हैं. इनमें 75% अपने बच्चों की पढ़ाई और शादी की प्लानिंग कर रहे हैं, 40% घर खरीदना या बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं और कई लोग जल्दी रिटायरमेंट का सपना भी देख रहे हैं. लेकिन इनमें से बहुत कम लोगों के पास कोई सुनियोजित फाइनेंशियल प्लान है.

रियल एस्टेट है प्राथमिकता

रियल एस्टेट अभी भी इनकी प्राथमिकता है, आधे से ज्यादा HNI लोगों ने अपनी संपत्ति का 20% से ज्यादा हिस्सा रियल एस्टेट (मुख्य घर को छोड़कर) में लगा रखा है, जबकि केवल एक-तिहाई लोगों ने इतना निवेश इक्विटी मार्केट में किया है. 14% HNIs के पास कोई इमरजेंसी फंड नहीं है, और 25% लोग ग्लोबल इनवेस्टिंग से अनजान हैं.

हालांकि 87% HNI वित्तीय सलाहकारों पर निर्भर हैं, लेकिन उनमें से दो-तिहाई अपनी सलाह से असंतुष्ट हैं. उन्हें शिकायत है कि सलाहकार कमिशन के लिए प्रोडक्ट बेचते हैं, पर्सनलाइज्ड गाइडेंस नहीं देते और सलाह के पीछे की सोच भी नहीं समझाते.

फाइनेंस एडवाइजरों से परेशान HNI!

बता दें कि इस रिपोर्ट ज्यादातर HNI निवेशकों ने एक ही बात कही, "मेरा एडवाइजर मेरी ज़रूरतों को ठीक से नहीं समझता और उसकी सलाह मेरे लक्ष्यों के अनुरूप नहीं होती."

लेकिन उम्मीद की किरण ये है कि 82% HNI मानते हैं कि प्रोफेशनल फाइनेंशियल प्लानिंग से वे अपने लक्ष्यों को बेहतर ढंग से पा सकते हैं. वे ऐसे सलाहकार चाहते हैं जो व्यक्तिगत जरूरतों और जोखिम क्षमता के अनुसार एसेट एलोकेशन करें, जीवन की बड़ी घटनाओं की योजना में मदद करें और निष्पक्ष तथा पारदर्शी सलाह दें.

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