GST रिफॉर्म्स से कंजप्शन को मिलेगा 1 लाख करोड़ का बूस्टर, महंगाई और घटेगी : रिपोर्ट

बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि GST में रिफॉर्म्स के कारण कंजप्शन को करीब 1 लाख करोड़ रुपए का बूस्टर मिलेगा. इसके अलावा महंगाई में 75 bps तक की कमी आ सकती है.
GST रिफॉर्म्स से कंजप्शन को मिलेगा 1 लाख करोड़ का बूस्टर, महंगाई और घटेगी : रिपोर्ट

एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में जीएसटी सुधारों से महंगाई में 75 bps तक की कमी आ सकती है और कंजप्शन में 1 लाख करोड़ रुपए तक की वृद्धि होने की संभावना है. बैंक ऑफ बड़ौदा की रिसर्च विंग ने कहा है कि इस सुधार से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर 55 से 75 आधार अंकों तक प्रभाव पड़ेगा, जिसके चलते 2025-26 के लिए मौजूदा महंगाई अनुमान 3.5% से घटाकर 3.1% किया गया है.

कर दरों में कटौती और उपभोग पर प्रभाव

विश्लेषकों का मानना है कि GST रिफॉर्म्स के तहत प्रभावी कर दरें लगभग 10-11% तक कम हो जाएंगी, जिससे कर योग्य उपभोग समूह के आकार में वृद्धि होगी. बैंक के अनुसार यह समूह 150-160 लाख करोड़ रुपए का होगा और उपभोग में 70,000 करोड़ से 1 लाख करोड़ रुपए के शुद्ध लाभ की उम्मीद है, जो जीडीपी का 0.2 से 0.3 फीसदी है.

महंगाई में गिरावट के अनुमान

अगले छह महीनों में खाद्य महंगाई में 25-35 आधार अंकों की गिरावट की संभावना है, क्योंकि मक्खन, वनस्पति तेल, ब्रेड, नूडल्स जैसी वस्तुओं की कीमतें कम हो रही हैं. साथ ही साबुन, टूथपेस्ट, घरेलू उपकरणों और दवाओं पर कम कर दरों के कारण कोर महंगाई में 30-40 आधार अंकों की कमी आ सकती है.

खुदरा महंगाई 25-35 bps कम हो सकती है

बैंक ने अनुमान लगाया है कि अगले 6 महीनों में खाद्य महंगाई में 25-35 आधार अंकों की गिरावट आएगी, क्योंकि मक्खन और वनस्पति की कीमतों में गिरावट के कारण प्रीपेयर्ड मील्स, तेल, ब्रेड और नूडल्स सस्ते हो गए हैं. साबुन, टूथपेस्ट, घरेलू उपकरणों और दवाओं पर कम दरों के कारण कोर महंगाई में 30-40 आधार अंकों की कमी आ सकती है.

लोन डिमांड में मजबूती आ सकती है

कम दरों से मक्खन, जैम, जेली, शहद और जूस जैसी नॉन-ड्यूरेब ते उत्पादन में भी तेजी आने की उम्मीद है. साथ ही, त्योहारी सीजन से पहले ऋण की मांग में भी वृद्धि होने की उम्मीद है. बैंक ने कहा कि इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) ग्रोथ को घरेलू मांग से महत्वपूर्ण समर्थन मिल सकता है.

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