MSME के लिए बड़ी खुशखबरी! सरकार लाने जा रही नई लोन स्कीम, SMA कैटेगरी से बाहर निकलने का मिलेगा मौका

MSME Relief Scheme: सरकार जल्द ही नई स्कीम लाने जा रही है, जिसके तहत SMA कैटेगरी में फंसी MSME कंपनियों को नया लोन मिलेगा. सरकारी गारंटी से बैंकों का रिस्क कम होगा और कारोबारियों को दोबारा खड़े होने का मौका.
MSME के लिए बड़ी खुशखबरी! सरकार लाने जा रही नई लोन स्कीम, SMA कैटेगरी से बाहर निकलने का मिलेगा मौका

देश के छोटे कारोबारियों और MSME कंपनियों के लिए एक राहत भरी खबर है. वित्त मंत्रालय सितंबर 2025 तक एक नई स्कीम लॉन्च करने जा रहा है, जिसके जरिए उन बिज़नेस को दोबारा खड़े होने का मौका मिलेगा, जो SMA (Special Mention Account) कैटेगरी में फंसे हुए हैं. ये वही कंपनियां हैं जिनके लोन का पैसा समय पर जमा नहीं हो पाया, लेकिन वजह उनकी लापरवाही नहीं बल्कि बाहरी कारण रहे – जैसे प्राकृतिक आपदा (Natural Calamity) या अन्य एक्सटर्नल फैक्टर्स. इससे जुड़ी एक स्कीम को आज कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है.

क्या है SMA कैटेगरी?

बैंकिंग सेक्टर में SMA यानी Special Mention Account उस स्थिति को कहते हैं, जब किसी उधारकर्ता ने लोन की EMI समय पर नहीं भरी हो, लेकिन खाता अभी NPA (Non-Performing Asset) नहीं बना है. यानी देरी है, पर खाता डूबा हुआ नहीं माना जाता. SMA को भी तीन हिस्सों में बांटा गया है:

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  • SMA-0 : जहां भुगतान 30 दिन तक लेट है.
  • SMA-1 : जहां भुगतान 31 से 60 दिन तक लेट है.
  • SMA-2 : जहां भुगतान 61 से 90 दिन तक लेट है.

यही वो खाते हैं, जो बैंकों के लिए रिस्क बन जाते हैं, क्योंकि समय पर पैसा न आने से आगे चलकर ये NPA भी हो सकते हैं.

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कितना बड़ा है मामला?

फिलहाल देशभर में SMA कैटेगरी में करीब 4 लाख करोड़ रुपये का लोन अटका हुआ है. इसमें सबसे ज्यादा हिस्सा MSME सेक्टर का है. MSME यानी माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज, जो देश की अर्थव्यवस्था और रोज़गार का बड़ा आधार हैं. अगर ये कंपनियां कमजोर पड़ती हैं तो सीधे तौर पर लाखों नौकरियां प्रभावित होती हैं.

क्या है सरकार का नया प्लान?

वित्त मंत्रालय इस कैटेगरी में फंसी MSME कंपनियों को नया लोन देने की तैयारी में है. प्लान ये है कि सरकार बैंकों को 10-15% तक की गारंटी देगी, ताकि बैंक बिना रिस्क लिए इन कंपनियों को नया क्रेडिट उपलब्ध करा सकें. इससे MSME दोबारा खड़े हो सकेंगे और धीरे-धीरे अपने पुराने बकाए को भी चुका पाएंगे.

अनुमान है कि इस स्कीम से बैंक लगभग 35 से 40 हजार करोड़ रुपये तक का लोन SMA में फंसी MSME कंपनियों को दे पाएंगे.

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कब लागू होगी स्कीम?

सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय ने इस स्कीम को लेकर इंटर-मिनिस्टीरियल कंसल्टेशन शुरू कर दिया है. इसे सितंबर 2025 तक लॉन्च करने का प्लान है. कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह स्कीम लागू होगी और बैंकों को इस पर काम करने के लिए गाइडलाइन जारी की जाएगी.

बैंकों को भी फायदा

इस स्कीम से सिर्फ MSME ही नहीं, बल्कि बैंकों को भी राहत मिलेगी. सरकारी गारंटी से उनका रिस्क कम होगा और लोन रिकवरी की संभावना बढ़ जाएगी. इससे बैंकों की बैलेंस शीट मजबूत होगी और भविष्य में वो और ज्यादा लोन देने की स्थिति में होंगे.

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एक्सपोर्टर्स को भी राहत

कैबिनेट की बैठक में एक्सपोर्टर्स के लिए भी राहत पैकेज पर विचार हो सकता है. सूत्र बताते हैं कि सरकार चाहती है कि एक्सपोर्टर्स को आसान फाइनेंसिंग मिले, ताकि भारत की एक्सपोर्ट ग्रोथ और तेज हो सके.

क्यों है यह स्कीम अहम?

भारत में MSME सेक्टर करीब 11 करोड़ लोगों को रोजगार देता है और देश की GDP में लगभग 30% का योगदान करता है. कोरोना महामारी और उसके बाद की आर्थिक चुनौतियों से कई MSME डगमगा गए. अब ये स्कीम उन्हें दोबारा ट्रैक पर लाने में गेमचेंजर साबित हो सकती है.

FAQs: MSME नई लोन स्कीम से जुड़े सवाल

Q1. SMA कैटेगरी में कौन आता है?
जिनका लोन 30-90 दिन तक लेट है लेकिन खाता अभी NPA नहीं हुआ, वे SMA कैटेगरी में आते हैं.

Q2. इस स्कीम का फायदा किन्हें मिलेगा?
केवल उन MSME को जो एक्सटर्नल फैक्टर्स या प्राकृतिक आपदा जैसी वजहों से SMA में आए हैं.

Q3. सरकारी गारंटी कितनी होगी?
सरकार बैंकों को 10-15% तक की गारंटी देगी.

Q4. कब लॉन्च होगी स्कीम?
सितंबर 2025 तक इस स्कीम के लॉन्च होने की संभावना है.

Q5. कितना लोन मिलेगा?
इस स्कीम के तहत बैंकों से MSME को लगभग 35-40 हजार करोड़ रुपये तक का लोन मिलने की उम्मीद है.

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