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मध्य पूर्व में चल रहे ईरान-इजरायल युद्ध और लाल सागर (Red Sea) के संकट के बीच भारतीय उपभोक्ताओं में तेल और गैस की किल्लत को लेकर डर बना हुआ था. इसी डर को दूर करने के लिए आज पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. सरकार का संदेश साफ है: "घबराएं नहीं, भारत सुरक्षित है." आइए, प्रेस कॉन्फ्रेंस की मुख्य बातों को विस्तार से समझते हैं.
मंत्रालय की ओर से सुजाता शर्मा (Joint Secretary, MoPNG) ने कहा कि क्रूड को लेकर चिंता की बात नहीं. उन्होंने तकनीकी पक्ष रखते हुए बताया कि भारत ने कैसे खुद को सुरक्षित किया है:
खपत बनाम आवक: भारत में रोजाना 55 लाख बैरल तेल की खपत होती है. अच्छी खबर यह है कि हमारी आवक (Inflow) इससे कहीं अधिक है.
बास्केट का विविधीकरण: भारत अब केवल खाड़ी देशों पर निर्भर नहीं है. हम दुनिया के 40 अलग-अलग देशों से क्रूड ऑयल मंगवा रहे हैं.
हॉर्मूज का विकल्प: रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'हॉर्मूज जलडमरूमध्य' (जो अक्सर युद्ध के कारण बंद हो जाता है) पर निर्भरता कम की गई है. अब हमारा 70% क्रूड अन्य सुरक्षित रास्तों से भारत पहुंच रहा है.
रिफाइनरी क्षमता: रिफाइनरी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं. 189MMSCMD रोज उत्पादन हो रहा है. 47.4MMSCMD फॉर्स मौज्यूर के चलते प्रभावित हुआ है.
एलपीजी संकट को ध्यान में रखते हुए भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई अहम बातें कही गईं:
60% आयात निर्भरता: भारत एलपीजी के लिए 60 फीसदी आयात पर निर्भर है, जिसमें से 90% तक हॉर्मूज से आता था.
उत्पादन में करीब 25% की बढ़ोतरी: सरकार ने कमी को देखते हुए घरेलू उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है. रिफाइनरी ने उत्पादन बढ़ा दिया है. उत्पादन में करीब 25 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है.
बनाई गई कमेटी: OMCs के 3 ED की कमेटी बनाई गई है, ताकि कमर्शियल LPG उपभोक्ता की जरूरत को समझ उसके अनुसार प्लान कर सकें.
सऊदी बेंचमार्क में बढ़ोतरी: LPG कीमतों के लिए सऊदी बेंचमार्क में बढ़ोतरी 33% तक हुई है.
Panic Booking: वहीं Panic Booking से क्राइसिस गंभीर दिखने लगी है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया है कि Rush Booking की कोई जरूरत नहीं.
One Time Delivery Code: डिस्ट्रीब्यूशन स्तर पर मनमाने डायवर्शन रोकने के लिए One Time Delivery Code के जरिए डिलीवरी सुनिश्चित कर रहे हैं. LPG सिलिंडर ReBooking को 21 से बढ़ाकर 25 दिन किया गया है.
बड़े पोर्ट्स ने मॉनिटरिंग: राजेश कुमार सिन्हा ने कहा देश के सभी बड़े पोर्ट्स ने मॉनिटरिंग बढ़ाई है. कार्गो मैनेजमेंट और हैंडलिंग की real time reporting हो रही है. पोर्ट functioning लगभग सामान्य है.
सबकी सुरक्षा देश की जिम्मेदारी: रंधीर जयसवाल ने कहा कि GCC देशों में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं. उनकी सुविधा, सुरक्षा देश की जिम्मेदारी. विदेश मंत्री और मंत्रालय लगातार संबंधित देशों से चर्चा में हैं.
24*7 कंट्रोल रूम: सुरक्षा एडवाइजरी और अन्य जानकारी के साथ 24*7 कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं.
2 भारतीयों की मौत: 2 भारतीय नागरिकों के मरने की खबर है, जबकि 1 लापता है.
राजेश कुमार बोले अभी 28 इंडियन फ्लैग के शिप वेसल समुंदर में है, जिसमें 24 वेसल हॉर्मुज़ के पश्चिम में हैं, जिसमें 677 भारतीय हैं. वहीं 4 वेसल हॉर्मुज़ के पूर्व में हैं जहां 101 भारतीय हैं. मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम तैयार किया गया है, जो 24 घंटे मॉनिटर कर रहा है.
विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव असीम महाजन ने कहा वेस्ट एशिया में हालात पर नजर है.
फंसे यात्रियों की मदद: जमीन पर सभी भारतीय नागरिकों और फंसे यात्रियों की मदद की जा रही है. वीज़ा समेत अन्य मुद्दों पर लगातार अपडेट दिए जा रहे हैं और मिशन के जरिए मदद की हर संभव कोशिश है.
हेल्पलाइन नंबर जारी: हेल्पलाइन नंबर के जरिए भी मदद की जा रही है. हालिया अपडेट के साथ अंतर मंत्रालयीय को-ऑर्डिनेशन के साथ जरूरत को समय पर पूरा करने के प्रयास हो रहे हैं.
हवाई यात्रा: एयर स्पेस बंद होने की वजह से फंसे यात्रियों को ऑल्टरनेट अरेंजमेंट और लोकल एडमिनिस्ट्रेशन से ट्रांजिट वीज़ा दिलाने के प्रयास जारी हैं. Non Scheduled Commercial Flights के जरिए वतन वापसी कराने के प्रयास हो रहे हैं. सभी की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता.
सूचना प्रसारण मंत्रालय के ज्वाइंट सचिव C Senthil Rajan ने कहा कि गृह सचिव ने आज सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के साथ बैठक की है. कालाबाजारी और होर्डिंग रोकने के लिए एक्शन लिया जा रहा है. राज्य स्तर पर स्पोक्सपर्सन बनाए जाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पुष्ट जानकारी सबको उपलब्ध हो. लोकल एडमिनिस्ट्रेशन के जरिए ऐसी स्थिति से निपटने के उपाय सुनिश्चित करने का प्रायस करने की जरूरत पर जोर. उन्होंने लोकल मिडिया के जरिए अफवाहों को रोकने के लिए भी कहा.
सरकार की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस समय पर लिया गया एक महत्वपूर्ण कदम है. 40 देशों से तेल का आयात और समुद्री रास्तों में बदलाव यह दर्शाता है कि भारत ने पिछले दो वर्षों में अपनी ऊर्जा नीति को बहुत मजबूत किया है. रूस से तेल की निरंतर खरीद और अमेरिका से LPG के नए अनुबंधों ने भारत को एक 'सुरक्षा कवच' प्रदान किया है.
1- क्या पेट्रोल-डीजल की कमी होने वाली है?
नहीं, सरकार और IOC ने स्पष्ट किया है कि भारत के पास पर्याप्त स्टॉक है और सप्लाई सामान्य है.
2- हॉर्मूज जलडमरूमध्य बंद होने से क्या भारत पर असर होगा?
असर कम होगा क्योंकि भारत अब अपना 70% तेल दूसरे रास्तों से मंगा रहा है.
3- भारत रोजाना कितना तेल खर्च करता है?
भारत की रोजाना की औसत खपत लगभग 55 लाख बैरल है.
4- क्या उद्योगों को गैस कम मिलेगी?
घरेलू ग्राहकों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि उद्योगों को 70-80% सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है.
5- क्या रूस से तेल आना बंद हो गया है?
नहीं, रूस अभी भी भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है और वहां से आयात जारी है.
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