युद्ध के बीच रसोई गैस की नहीं होगी किल्लत! सरकार ने ऑयल रिफाइनरीज को दिया बड़ा आदेश

LPG Price: सरकार ने सभी रिफाइनरी कंपनियों को आदेश दिया किए वे एलपीजी उत्पादन को प्राथमिकता दें और केवल केवल घरेलू ग्राहकों को ही LPG बेचें. 
युद्ध के बीच रसोई गैस की नहीं होगी किल्लत! सरकार ने ऑयल रिफाइनरीज को दिया बड़ा आदेश

सरकार का रिफाइनरीज को आदेश, केवल घरेलू ग्राहकों को ही LPG बेचें कंपनियां. (File Image)

LPG Price: मिडिल ईस्ट में युद्ध का असर तेल और गैस की सप्लाई पड़ा है. आम लोगों को रसोई गैस की किल्लत न हो, इसके लिए सरकार ने ऑयल रिफाइनरीज कंपनियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं. सरकार ने सभी रिफाइनरी कंपनियों को आदेश दिया किए वे एलपीजी उत्पादन को प्राथमिकता दें और केवल केवल घरेलू ग्राहकों को ही LPG बेचें.

LPG उत्पादन बढ़ाने पर जोर

केंद्र सरकार ने ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि वे अपनी क्षमता का इस्तेमाल एलपीजी उत्पादन बढ़ाने पर करें. सरकार ने कहा कि प्रोपेन और ब्यूटेन स्ट्रीम्स का अधिकतम उपयोग एलपीजी बनाने में किया जाए. ये स्ट्रीम्स अब पेट्रोकेमिकल या अन्य उपयोग के बजाय सिर्फ एलपीजी प्रोडक्शन के लिए इस्तेमाल होंगी.

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सरकारी कंपनियों को ही बेचना होगा स्टॉक

सरकार ने कहा कि सभी रिफाइनरी कंपनियां प्रोपेन-ब्यूटेन को रिकवर, फ्रैक्शनेट या उपलब्ध कराकर सिर्फ तीन पब्लिक सेक्टर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को सप्लाई करेंगी. देश में 99% से ज्यादा घरेलू एलपीजी इन्हीं तीन कंपनियों के जरिए सप्लाई होती है.

तीनों पब्लिक सेक्टर कंपनियां-

  • Indian Oil (IOC0
  • Hindustan Petroleum (HPCL)
  • Bharat Petroleum (BPCL)

इस आदेश का मकसद घरों में रसोई गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना है, खासकर आम जनता के लिए.

रूस से तेल खरीदने पर अमेरिका से भारत को मिली 30 दिन की छूट

आपको बता दें कि पिछले हफ्ते इजरायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 15% से ज्यादा उछाल आया था, लेकिन शुक्रवार सुबह तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. इसकी मुख्य वजह यह रही कि अमेरिका ने भारतीय रिफाइनरीज को समुद्र में फंसे रूसी कच्चे तेल को खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट देने का फैसला किया है.

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अमेरिका द्वारा दी गई 30 दिन की छूट से वैश्विक तेल सप्लाई चेन को लेकर बनी चिंता कुछ हद तक कम हुई है. खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास बढ़े तनाव के कारण सप्लाई में बाधा की आशंका थी. इस फैसले से भारतीय रिफाइनरियों को रूसी कच्चे तेल की खरीद में कुछ अतिरिक्त राहत मिल सकती है.

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