सरकार की एक और बड़ी कामयाबी, नॉर्थ ईस्ट को मिला जलमार्ग का तोहफा

पीएम मोदी की विदेश नीति की सफलता का नतीजा, बांग्लादेश के साथ हाल में हुए करार के कारण भारत सरकार ने नार्थ ईस्ट में दो नए पोर्ट चटोग्राम और मोंगला पोर्ट या बंदरगाह चालू कर दिए हैं.
सरकार की एक और बड़ी कामयाबी, नॉर्थ ईस्ट को मिला जलमार्ग का तोहफा

कोलकाता से त्रिपुरा की दूरी सड़क मार्ग से करीब 2000 किमी की थी. (Dna)

पीएम मोदी की विदेश नीति की सफलता का नतीजा, बांग्लादेश के साथ हाल में हुए करार के कारण भारत सरकार ने नार्थ ईस्ट में दो नए पोर्ट चटोग्राम और मोंगला पोर्ट या बंदरगाह चालू कर दिए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के बीच हाल में हुए समझौते के कारण कोलकाता और नार्थ ईस्ट स्थित त्रिपुरा के बीच जल मार्ग के जरिये माल ढुलाई और क्रूज टूरिज़म संभव हुआ है.

पश्चिम बंगाल में चटोग्राम और मोंगला पोर्ट से पहले कोलकाता से त्रिपुरा की दूरी सड़क मार्ग से करीब 2000 किमी की थी. जबकि दोनों पोर्ट के चालू होने से ये दूरी घटकर महज़ 250 किमी रह जाएगी.

कुल मिलाकर देखें तो कोलकाता से चटोग्राम पोर्ट और फिर चटोग्राम पोर्ट से जल मार्ग के जरिये त्रिपुरा के नज़दीक श्रीमंतपुर पोर्ट तक की दूरी अब सिर्फ 600 किमी की ही रह जायेगी.

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चटोग्राम और मोंगला पोर्ट को लेकर भारत सरकार ने बांग्लादेश सरकार के साथ SOP यानी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर करार किया है. यह इसलिए कि ये जलमार्ग बांग्लादेश होते हुए नार्थ ईस्ट को भारत से जोड़ता है

इस जलमार्ग से सरकार कई फायदे देख रही है. एक तो मालभाड़े की ढुलाई पहले के मुकाबले काफी कम समय और लागत में संभव हो पाएगी. .साथ ही नार्थ ईस्ट में इंफ्रा बढ़ावा के लिए ज़रूरी इक्विपमेंट की सप्लाई भी जलमार्ग के जरिये आसान हो सकेगी.

यही नहीं, सरकार जल्द ही इस जल मार्ग पर क्रूज टूरिज्म की भी शुरुआत करने जा रही है. शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक अक्टूबर अंत तक, कोलकाता से ढाका और ढाका से नार्थ ईस्ट जल मार्ग पर क्रूज चलाया जाएगा. ये क्रूज टूरिज्म वाराणसी तक के लिए भी चलवाने की योजना है.

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