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मार्च में जीएसटी कलेक्शन 8.8% बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपए रहा. (फाइल फोटो)
सरकार ने कहा कि वैश्विक हालात के कारण दी गई रियायत के कारण FY27 के लिए कस्टम और एक्साइज ड्यूटी कलेक्शन का दोबारा मूल्यांकन करना होगा. बता दें कि 27 मार्च को सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए की कटौती का ऐलान किया था. पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी अब 3 रुपए और डीजल पर 0 रुपए कर दी गई है.
सरकार का कहना है कि GST कलेक्शन स्टेबल नजर आ रहा है, क्योंकि कंजप्शन अभी स्टेबल और फॉर्मलाइजेशन का असर दिख रहा है. हालांकि, FY27 में यह मोमेंटम बना रहता है कि नहीं इसपर सवाल खड़े हो रहे हैं. 1 फरवरी 2026 से सेस में हुए बदलाव के कारण सेस कलेक्शन में भी गिरावट आई है. ऐसे में सरकार के खजाने पर FY27 में दबाव रहने की संभावना है.
बता दें कि FY26 में सरकार का कुल GST कलेक्शन संशोधित अनुमान से भी ज्यादा रहा. मार्च में जीएसटी कलेक्शन सालाना आधार पर 8.8 फीसदी बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपए रहा है. वहीं, FY2026 में कुल जीएसटी कलेक्शन सालाना आधार पर 22.27 लाख करोड़ रुपए रहा और इसमें 8.3% का इजाफा हुआ है.
बता दें कि FY26 में CGST, कस्टम ड्यूटी और एक्साइज ड्यूटी का कुल कलेक्शन 15.52 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा. संशोधित अनुमान के तहत कस्टम ड्यूटी 2.58 लाख करोड़ रुपये, एक्साइज ड्यूटी 3.38 लाख करोड़ रुपये और CGST 9.58 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान था. अधिकारी ने वास्तविक आंकड़े दिए बिना बताया कि कस्टम ड्यूटी कलेक्शन संशोधित अनुमान का 102 फीसदी रहा, एक्साइज ड्यूटी कलेक्शन 101 फीसदी रहा. GST कलेक्शन संशोधित अनुमान का 100.8 फीसदी रहा. दूसरी तरफ पान मसाला उत्पादन पर लगने वाले हेल्थ और सिक्योरिटी सेस कलेक्शन में गिरावट आ रही है. FY26 में हेल्थ एंड सिक्योरिटी सेस से 2330 करोड़ रुपए के कलेक्शन का अनुमान था जबकि नेट कलेक्शन केवल 63 फीसदी रहा.