पेट्रोल पंप लाइसेंस के नियम होंगे आसान! 6 साल बाद विचार कर रही सरकार, इन कंपनियों ने दिखाई दिलचस्पी

Petrol Pump Licensing: इससे पहले, सरकार ने वर्ष 2019 में पेट्रोल पंप खोलने के नियमों में ढील दी थी, जिससे नॉन-ऑयल कंपनियों के लिए फ्यूल रिटेल बिजनेस में एंट्री के रास्ते खुल गए थे.
पेट्रोल पंप लाइसेंस के नियम होंगे आसान! 6 साल बाद विचार कर रही सरकार, इन कंपनियों ने दिखाई दिलचस्पी

Petrol Pump license rules.

Petrol Pump Licensing: आने वाले दिनों में पेट्रोल पंप खोलना आसान हो सकता है. सरकार दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते ईंधन बाजार में पेट्रोल पंप (Petrol Pump) खोलने के नियमों को और आसान बनाने पर विचार कर रही है. सरकारी आदेश के अनुसार, यह कदम दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते ईंधन बाजार भारत में ऊर्जा सुरक्षा के बदलते परिप्रेक्ष्य और वैकल्पिक ईंधनों के बढ़ते महत्व को ध्यान में रखकर उठाया गया है.

2019 में नियमों दी गई थी ढील

बता दें कि सरकार ने वर्ष 2019 में पेट्रोल पंप (Petrol Pump) खोलने के नियमों में ढील दी थी, जिससे नॉन-ऑयल कंपनियों के लिए फ्यूल रिटेल बिजनेस में एंट्री के रास्ते खुल गए थे.

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पेट्रोल पंप खोलने के क्या हैं नियम?

  • 2019 में नियमों को संशोधित कर 250 करोड़ रुपये की नेट वर्थ वाली नॉन-पेट्रोलियम कंपनियों को भी पेट्रोल और डीजल (Petrol-Diesel) बेचने की मंजूरी दी गई थी.
  • अगर कोई कंपनी खुदरा और थोक दोनों उपभोक्ताओं को आपूर्ति करना चाहती है, तो उसकी नेट वर्थ 500 करोड़ रुपये होनी चाहिए.
  • वहीं, फ्यूल बिक्री लाइसेंस पाने के पुराने नियमों के तहत कंपनियों को 2,000 करोड़ रुपये की ऊर्जा क्षेत्र में निवेश प्रतिबद्धता दिखानी होती थी.

एक विशेषज्ञ समिति का गठन

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 2019 के दिशा-निर्देशों की प्रभावशीलता को परखने और ऊर्जा सुरक्षा एवं कार्बन उत्सर्जन में कटौती के राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप नीति को अद्यतन बनाने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की है.

विशेषज्ञ समिति की अध्यक्षता भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) के पूर्व निदेशक (मार्केटिंग) सुखमल जैन कर रहे हैं. इसके अन्य सदस्यों में पेट्रलियम नियोजन एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ के महानिदेशक पी. मनोज कुमार, फिपी के सदस्य पीएस रवि और मंत्रालय के निदेशक (विपणन) अरुण कुमार शामिल हैं.

14 दिनों के भीतर मांगे सुझाव

इस समिति के गठन का उद्देश्य 2019 की मौजूदा नीति की समीक्षा करना, वैकल्पिक ईंधनों एवं इलेक्ट्रिक ट्रांसपोर्टेशन को बढ़ावा देने के उपाय सुझाना और मौजूदा दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों को चिन्हित करना है. मंत्रालय ने 6 अगस्त को जारी इस आदेश पर हितधारकों और आम लोगों से 14 दिनों के भीतर सुझाव मांगे हैं.

फिलहाल देश में कितने हैं पेट्रोल पंप?

  • फिलहाल देश में 97,804 पेट्रोल पंप हैं, जिनमें सबसे बड़ा हिस्सा सरकारी कंपनियों- इंडियन ऑयल (40,666), बीपीसीएल (23,959) और एचपीसीएल (23,901) के पास है.
  • प्राइवेट सेक्टर में रिलायंस-बीपी के ज्वाइंट वेंचर के 1,991 पंप, नायरा एनर्जी के 6,763 पंप और शेल के 355 पंप हैं.

टोटल एनर्जीज (अदानी के साथ), बीपी (रिलायंस के साथ), ट्रैफिगुरा की प्यूमा एनर्जी और सऊदी अरामको जैसी वैश्विक ऊर्जा कंपनियां भी भारतीय रिटेल फ्यूल मार्केट में हिस्सेदारी की इच्छुक रही हैं.

कंपनी का नामपेट्रोल पंपों की संख्या
इंडियन ऑयल (IOC)40,666
भारत पेट्रोलियम (BPCL)23,959
हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)23,901
नायरा एनर्जी6,763
रिलायंस-बीपी (JV)1,991
शेल (Shell)355
कुल संख्या97,804

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)


Q1. क्या अब पेट्रोल पंप खोलना आसान हो जाएगा?
Ans: हां, सरकार पेट्रोल पंप खोलने के नियमों को और आसान बनाने पर विचार कर रही है.

Q2. क्या पहले भी नियमों में ढील दी गई थी?
Ans: जी हां, 2019 में सरकार ने पेट्रोल पंप खोलने के नियमों में ढील दी थी, जिससे गैर-तेल कंपनियों को फ्यूल रिटेल बिजनेस में प्रवेश की मंजूरी मिली थी.

Q3. 2019 में पेट्रोल पंप खोलने के लिए क्या शर्तें थीं?
Ans: कंपनी की नेट वर्थ कम से कम ₹250 करोड़ होनी चाहिए, अगर कंपनी खुदरा और थोक दोनों उपभोक्ताओं को ईंधन बेचना चाहती है, तो नेट वर्थ ₹500 करोड़ होनी चाहिए.

Q4. देश में वर्तमान में कितने पेट्रोल पंप हैं?
Ans: भारत में वर्तमान में 97,804 पेट्रोल पंप हैं.

Q5. किन कंपनियों ने भारतीय बाजार में दिलचस्पी दिखाई है?
Ans: टोटल एनर्जीज, बीपी, ट्रैफिगुरा की प्यूमा एनर्जी, और सऊदी अरामको जैसी वैश्विक कंपनियां भारतीय फ्यूल रिटेल बाजार में हिस्सेदारी की इच्छुक रही हैं.

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