पहली छमाही में बाजार से ₹8.20 लाख करोड़ जुटाएगी सरकार, जारी हुआ उधारी का कैलेंडर, हर हफ्ते आएंगे T-Bills

लोकसभा से वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पारित हो चुका है. इसके बाद सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही के लिए अपना उधारी कार्यक्रम जारी कर दिया है.
पहली छमाही में बाजार से ₹8.20 लाख करोड़ जुटाएगी सरकार, जारी हुआ उधारी का कैलेंडर, हर हफ्ते आएंगे T-Bills

Government Borrowing Calendar

वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही का अपना बाजारी उधारी कार्यक्रम जारी कर दिया है. भारतीय रिजर्व बैंक के साथ विचार के बाद तय किया है. सरकार अपनी बजट की जरूरतों और विकास की योजनाओं को पूरा करने के लिए अप्रैल से सितंबर के बीच अनुमानित उधारी का 51 फीसदी हिस्सा बाजर से जुटाने जा रही है. आपको बता दें कि लोकसभा से वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पारित हो चुका है.

16.09 लाख करोड़ रुपए का बॉरोइंग टारगेट

सरकार ने अपने बजट अनुमानों 2026-27 के दौरान शुरुआत में कुल मार्केट बॉरोइंग का टारगेट 17.20 लाख करोड़ रुपए रखा था. हालांकि, फिस्कल मैनेजमेंट और अच्छे टैक्स कैलेक्शन के संकेतों को देखते हुए इसे बदकर 16.09 लाख करोड़ रुपए किया गया है.

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जारी होंगे सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड्स

  • सरकार के मुताबिक 16.09 लाख करोड़ रुपए में से 8.20 लाख करोड़ रुपए की उधारी सितंबर 2026 तक पूरी कर दी जाएगी.
  • सरकार के बॉरोइंग प्रोग्राम की खास बात है कि इस बार इको फ्रेंडली प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा दिया जाएगा.
  • अप्रैल से सितंबर के बीच जुटाए जाने वाले 8.20 लाख करोड़ रुपए में से 15 हजार करोड़ रुपए के सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड्स जारी होंगे.
  • बॉन्ड की रीपेमेंट प्रोफाइल को बैलेंस करने के लिए स्विचिंग और बायबैक जैसे फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स का इस्तेमाल किया जाएगा. सरकार का उद्देश्य है कि भविष्य में रीपेमेंट का बोझ एक साथ न आए.

दो हजार करोड़ रुपए का ग्रीन शू ऑप्शन

बाजार में लिक्विडिटी की स्थित को देखते हुए, सरकार ने हर नीलामी में दो हजार करोड़ रुपए तक का अतिरिक्त चंदा (ग्रीन शू ऑप्शन) स्वीकार करने का विकल्प रखा है.

T-Bills का रोडमैप भी तैयार

  • सरकार द्वारा ग्रीन शू ऑप्शन का इस्तेमाल तब किया जाता है जब बाजार में डिमांड ज्यादा हो और सरकार को अच्छे दरों पर लोन मिल रहा है.
  • वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए ट्रेजरी बिल्स (T-Bills) के जरिए भी उधारी का रोडमैप तैयार किया गया है.
  • सरकार हर हफ्ते 24000 करोड़ रुपए के T-Bills जारी करने जा रही है. इसमें 12,000 करोड़ प्रति सप्ताह 91 दिन के T-Bills होंगे.
  • 6,000 करोड़ रुपए प्रति सप्ताह वाले 182 दिन के T Bills, 6,000 करोड़ रुपए प्रति सप्तह वाले 364 दिन के T Bills जारी किए जाएंगे.

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WMA की लिमिट 2.50 लाख करोड़ रुपए

सरकार के रोजाना के खर्चें और प्राप्तियों के बीच होने वाले कैश गैप को पाटने के लिए RBI ने पहले छमाही के लिए वेज और मीन्स एडवांस (WMA) की सीमा भी 2.50 लाख करोड़ रुपए तय की है. WMA सरकार को तब मदद करता है जब अचानक से नकदी की जरूरत पड़ती है, इससे सरकारी कामकाज बिना किसी रुकावट के चलता रहता है.

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