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सरकार ने कहा है कि ऐसी कोई योजना नहीं है. (Dna)
सरकार ने सोने (Gold) का हिसाब देने पर किसी तरह की पॉलिसी लाने की खबरों का खंडन किया है. मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि सरकार सोने के रूप में जमा अघोषित संपत्ति (Undisclosed asset) का पता लगाने के लिए स्वर्ण माफी योजना (Gold Amnesty Scheme) पेश करने पर विचार कर रही है.
सूत्रों ने बताया कि सरकार ने कहा है कि ऐसी कोई योजना नहीं है. मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि गोल्ड एमनेस्टी स्कीम में लोगों को सोने में अपने निवेश का खुलासा करना होगा.
भारतीयों के पास सोना
अनुमान है कि भारतीयों के पास लगभग 20,000 टन सोना जमा होगा. अघोषित आयात, पैतृक संपत्ति के रूप में मिले सोने इत्यादि को जोड़ लिया जाए तो भारत में 25,000-30,000 टन सोने का वास्तविक भंडार होने का अनुमान है.
स्वर्ण माफी योजना नहीं लाएगी सरकार
सूत्रों ने PTI से कहा कि आयकर विभाग ऐसी किसी भी स्वर्ण माफी योजना पर विचार नहीं कर रहा है जैसा कि मीडिया में खबरें चल रही हैं. उन्होंने कहा कि बजट प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और आमतौर पर बजट से पहले इस तरह के कयास सामने आते रहते हैं.
जमाखोरों पर शिकंजा
खबरों में कहा गया है कि नई आम माफी योजना से सोने के जमाखोरों को कालेधन से किए गए निवेश को वैध बनाने का मौका मिलेगा. इसके लिए उन्हें अपने पास मौजूद सोने का खुलासा करना होगा और इस पर टैक्स देना होगा.
2016 में हुई थी नोटबंदी
इससे पहले सरकार ने कालेधन पर लगाम लगाने की कोशिशों के रूप में आठ नवंबर 2016 को 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोट को चलन से हटाने की घोषणा की थी.