रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद क्या दिवाली पर टूटेगा सोना-चांदी का जलवा? रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Gold-Silver Price Diwali 2025: सोना और चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं, लेकिन दिवाली पर इनकी मांग में कमी नहीं आएगी. एमपी फाइनेंशियल की रिपोर्ट के मुताबिक, सोना स्थिर रह सकता है जबकि औद्योगिक मांग से चांदी 50 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती है.
रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद क्या दिवाली पर टूटेगा सोना-चांदी का जलवा? रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Gold-Silver Price Diwali 2025: दिवाली और धनतेरस से पहले सोना और चांदी दोनों ही रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं का इन धातुओं के प्रति प्यार कम नहीं हुआ है. एमपी फाइनेंशियल एडवाइजरी सर्विसेज की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में सोने के स्वामित्व को बनाए रखने में सांस्कृतिक मांग (cultural demand) की अहम भूमिका रहेगी. वहीं, औद्योगिक उपयोग की वजह से चांदी की कीमत 50 डॉलर प्रति औंस से ऊपर जाने की संभावना जताई गई है.

रिपोर्ट में क्या कहा गया है

रिपोर्ट के अनुसार, "हालांकि सोना 2025 के अपने शानदार प्रदर्शन को दोहरा नहीं पाएगा, लेकिन इसकी बढ़त अभी थमी नहीं है." इसका मतलब है कि दिवाली के दौरान सोने के दामों में बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है, बल्कि यह स्थिर या मामूली बढ़त के साथ रह सकते हैं.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि औद्योगिक मांग के चलते चांदी (Silver) की कीमतें 50 डॉलर के स्तर को पार कर सकती हैं. यह उछाल सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में बढ़ती मांग से प्रेरित होगा.

दिवाली पर सोने-चांदी की डिमांड बनी रहेगी बरकरार

रिपोर्ट के मुताबिक, दिवाली के समय भारतीय उपभोक्ता अब भी सोना और चांदी खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. हालांकि लोग अब अपने खरीदारी के तरीके बदल रहे हैं. जहां पहले भारी सोने के गहने ज्यादा खरीदे जाते थे, वहीं अब ग्राहक हल्के डिजाइन, कम कैरेट वाले आभूषण और डिजिटल गोल्ड या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की ओर रुख कर रहे हैं.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि लोग अब पुराने सोने के एक्सचेंज प्रोग्राम्स का उपयोग करके नए गहनों की खरीदारी कर रहे हैं. इस तरह उपभोक्ता रिकॉर्ड कीमतों के साथ खुद को एडजस्ट कर रहे हैं.

सोने-चांदी के दामों का अब तक का सफर

रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर 2022 में जहां सोने की कीमतें लगभग 1,900 डॉलर प्रति औंस थीं, वहीं अक्टूबर 2025 तक यह बढ़कर 3,850 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई हैं. घरेलू बाजार में भी सोने के दाम ₹1 लाख प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गए हैं.

वहीं, चांदी की कीमतें 2022 में 24 डॉलर प्रति औंस थीं जो अब 47 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच चुकी हैं. यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से औद्योगिक मांग, सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की तेज़ी से आई है.

अमेरिकी ब्याज दरों और केंद्रीय बैंकों की खरीद का असर

एमपी फाइनेंशियल की रिपोर्ट में बताया गया है कि सोने में तेजी का एक बड़ा कारण अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती, केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी और औद्योगिक क्षेत्रों में पुनः भंडारण (restocking) की उम्मीदें हैं.

सोने ने बीते सालों में वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बीच अपनी पहचान एक “सुरक्षित निवेश (safe haven)” के रूप में कायम रखी है. वहीं चांदी ने औद्योगिक गतिविधियों की बहाली का संकेतक बनकर अपनी तेजी को मजबूत किया है.

दुनिया के शीर्ष स्वर्ण भंडार वाले देश

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका अभी भी दुनिया का सबसे बड़ा सोना भंडारण देश है, जिसके पास 8,133 टन सोना है. इसके बाद जर्मनी (3,350 टन), चीन (2,299 टन), भारत (880 टन) और तुर्किये (635 टन) जैसे देश सक्रिय रूप से अपने गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहे हैं.

यह ट्रेंड इस बात की ओर इशारा करता है कि कई देश अमेरिकी डॉलर से धीरे-धीरे दूर होकर विविधीकरण (diversification) की ओर बढ़ रहे हैं.

निवेशकों के लिए क्या है संकेत

वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की मौजूदा कीमतों के बावजूद इसमें गिरावट की संभावना बहुत कम है क्योंकि वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, जियोपॉलिटिकल तनाव और कमजोर डॉलर जैसी परिस्थितियाँ सोने की कीमत को सपोर्ट कर रही हैं.

चांदी के निवेशकों के लिए यह एक सुनहरा समय हो सकता है, क्योंकि आने वाले महीनों में इलेक्ट्रिक वाहनों, सोलर टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स में तेजी से चांदी की खपत बढ़ने की उम्मीद है.

त्योहारी खरीदारी में बदलाव का नया ट्रेंड

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत में उपभोक्ता अब केवल सोना और चांदी खरीदने पर ही नहीं, बल्कि डिजिटल गोल्ड, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) और म्यूचुअल फंड्स में भी निवेश कर रहे हैं. यह ट्रेंड यह दिखाता है कि भारतीय उपभोक्ता अब निवेश के अधिक स्मार्ट विकल्पों को अपनाने लगे हैं.

FAQs:

1. क्या दिवाली पर सोने की कीमतें गिरेंगी?
रिपोर्ट के अनुसार, दिवाली पर सोने की कीमतों में गिरावट की संभावना नहीं है, बल्कि यह स्थिर या मामूली बढ़त के साथ रह सकती हैं.

2. चांदी की कीमत कितनी बढ़ सकती है?
औद्योगिक मांग के चलते चांदी की कीमत 50 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर सकती है.

3. सोना इतना महंगा क्यों हो गया है?
अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती, केंद्रीय बैंकों की खरीद और वैश्विक अस्थिरता के कारण सोने की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं.

4. क्या उपभोक्ता अब भी सोना खरीद रहे हैं?
हाँ, लोग अब हल्के डिजाइन और डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन खरीदारी जारी है.

5. किस देश के पास सबसे ज्यादा सोने का भंडार है?
अमेरिका के पास 8,133 टन सोना है, जो विश्व में सबसे ज्यादा है. इसके बाद जर्मनी, चीन, भारत और तुर्किये का स्थान है.

(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)

Add Zee Business as a Preferred Source
  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6