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सोने और चांदी में सोमवार को जबरदस्त तेजी देखी गई. (Gold and Silver Price) दोनों कीमती धातुएं अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं. आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार की तुलना में सोना 2,600 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 10,000 रुपए प्रति किलो से ज्यादा महंगी हो गई.
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 24 कैरेट सोना अब 1,24,155 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, जो शुक्रवार को 1,21,525 रुपए था. यानी सिर्फ 24 घंटे में 2,630 रुपए का उछाल. वहीं 22 कैरेट सोना 1,13,726 रुपए और 18 कैरेट सोना 93,116 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है.
सोने के साथ-साथ चांदी ने भी धमाकेदार प्रदर्शन किया. चांदी की कीमत 10,825 रुपए उछलकर 1,75,325 रुपए प्रति किलो हो गई है. इससे पहले ये 1,64,500 रुपए प्रति किलो थी. यानी एक ही दिन में निवेशकों की झोली में मोटा मुनाफा आ गया.
हाजिर बाजार की तरह वायदा बाजार (Futures Market) में भी जबरदस्त तेजी देखी गई. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 दिसंबर 2025 के लिए गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट 2.21% बढ़कर 1,24,043 रुपए पर पहुंच गया. वहीं, सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट 4.39% चढ़कर 1,52,900 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया.
कॉमैक्स (COMEX) पर भी सोने और चांदी के दामों में जबरदस्त उछाल देखा गया. सोना 2.50% बढ़कर 4,100 डॉलर प्रति औंस और चांदी 5.88% बढ़कर 50.02 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई.
यह तेजी ग्लोबल स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) की वजह से है. अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते विवाद के कारण निवेशक सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों (Safe Haven Assets) की ओर भाग रहे हैं.
एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, सोमवार को सोना 2,000 रुपए के गैप-अप के साथ 1,23,200 रुपए प्रति 10 ग्राम के ऊपर खुला था. इसकी वजह अमेरिका द्वारा चीनी उत्पादों पर 100% टैरिफ बढ़ाने की घोषणा और चीन की ओर से रेयर अर्थ मिनरल के निर्यात पर रोक की धमकी है.
इससे ग्लोबल मार्केट में जोखिम (Risk Aversion) बढ़ गया है. नतीजा ये हुआ कि निवेशकों ने गोल्ड में पैसा लगाना शुरू कर दिया, जिससे दामों में तेजी आई.
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा माहौल में सोने का आउटलुक (Gold Outlook) बुलिश बना रहेगा. यानी आने वाले दिनों में इसमें और बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि, जिन निवेशकों ने पहले से सोने में पैसा लगाया है, उन्हें अभी शॉर्ट टर्म मुनाफा बुक करने की सलाह दी जा रही है.
सोना और चांदी दोनों फिलहाल अपने चरम पर हैं. अमेरिका-चीन के बीच बढ़ता तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और सेफ इन्वेस्टमेंट की तलाश इन दोनों कीमती धातुओं को नई ऊंचाई दे रही है. मार्केट में फिलहाल बुलिश सेंटीमेंट है और एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले दिनों में भी गोल्ड-सिल्वर की चमक जारी रह सकती है.
हां, सोना लंबे समय के लिए एक सुरक्षित निवेश माना जाता है.
जब ग्लोबल इकॉनमी स्थिर रहती है या डॉलर मजबूत होता है, तब सोने के दाम गिरते हैं.
हां, इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ने के कारण चांदी भी अच्छे रिटर्न दे सकती है.
ये इंटरनेशनल मार्केट, करेंसी वैल्यू और डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है.
हां, छोटे निवेशकों के लिए ये एक अच्छा और आसान विकल्प है.
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