2029 तक 2.4 ट्रिलियन डॉलर का होगा ग्लोबल पेमेंट बाजार, AI और UPI बदल देंगे तस्वीर: BCG रिपोर्ट

BCG की रिपोर्ट के अनुसार, 2029 तक ग्लोबल पेमेंट रेवेन्यू 2.4 ट्रिलियन डॉलर पहुंच जाएगा. हालांकि ग्रोथ रेट धीमी होगी, लेकिन AI, डिजिटल करेंसी और भारत के UPI जैसे रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव लाएंगे.
2029 तक 2.4 ट्रिलियन डॉलर का होगा ग्लोबल पेमेंट बाजार, AI और UPI बदल देंगे तस्वीर: BCG रिपोर्ट

ग्लोबल पेमेंट इंडस्ट्री एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, 2029 तक वैश्विक पेमेंट रेवेन्यू 2.4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. हालांकि, रेवेन्यू ग्रोथ की रफ्तार धीमी पड़ सकती है, लेकिन एजेन्टिक AI, डिजिटल करेंसी और भारत के UPI जैसे रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम इस इंडस्ट्री की अगली बड़ी लहर को आकार देंगे, जिससे पैसे के लेन-देन का पूरा तरीका बदल जाएगा.

रिपोर्ट में बताया गया है कि 2019 से चली आ रही 8.8 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर अगले पांच सालों में घटकर 4 प्रतिशत रह सकती है. लेकिन यह धीमी ग्रोथ एक बड़े परिवर्तन का संकेत है. इंडस्ट्री के लिए अब पारंपरिक ग्रोथ के तरीके उतने प्रभावी नहीं रह गए हैं.

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भारत का UPI बना ग्लोबल मॉडल

इस बदलाव में रियल-टाइम अकाउंट-टू-अकाउंट (A2A) पेमेंट सिस्टम सबसे आगे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, A2A पेमेंट वॉल्यूम में 2024 में दुनिया भर में 40 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है. भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जो अब हर महीने 19 बिलियन से अधिक ट्रांजैक्शन प्रोसेस कर रहा है.

ये सिस्टम अब दुनिया भर में डिजिटल रिटेल पेमेंट का लगभग एक चौथाई हिस्सा बन चुके हैं. भारत और ब्राजील जैसे देशों में तो 50 प्रतिशत से भी ज्यादा डिजिटल ट्रांजैक्शन इन्हीं के जरिए हो रहे हैं.

AI और डिजिटल करेंसी का होगा दबदबा

भविष्य का पेमेंट बाजार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल करेंसी से तय होगा. रिपोर्ट का अनुमान है कि एजेन्टिक AI का ई-कॉमर्स खर्च पर 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का प्रभाव पड़ सकता है.

वहीं, स्टेबलकॉइन का वॉल्यूम 26 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है, हालांकि अभी इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से क्रिप्टो ट्रेडिंग के लिए हो रहा है और रियल वर्ल्ड पेमेंट में इसकी हिस्सेदारी सिर्फ 1 प्रतिशत है.

फिनटेक कंपनियों की बढ़ती ताकत

इस बदलाव में पेमेंट पर फोकस करने वाली फिनटेक कंपनियों का भी बड़ा योगदान है. इन कंपनियों ने 2024 में 176 बिलियन डॉलर का रेवेन्यू अर्जित किया और वे सालाना 23 प्रतिशत की तेज दर से बढ़ रही हैं.

पिछले 25 साल में इन कंपनियों ने 135 बिलियन डॉलर से अधिक की इक्विटी फंडिंग जुटाई है और अब वे कुल फिनटेक रेवेन्यू का 45 प्रतिशत हिस्सा हैं. यह दिखाता है कि नए और इनोवेटिव प्लेयर्स पेमेंट इंडस्ट्री को किस तरह से बदल रहे हैं.

FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. पेमेंट इंडस्ट्री की ग्रोथ धीमी क्यों हो रही है.

A. पारंपरिक ग्रोथ फैक्टर्स की प्रभावशीलता कम हो रही है और डिपॉजिट मार्जिन में गिरावट आई है, जिससे ओवरऑल ग्रोथ धीमी हुई है.

Q. एजेन्टिक AI पेमेंट सिस्टम को कैसे प्रभावित करेगा.

A. एजेन्टिक AI ग्राहकों के लिए पेमेंट और खरीदारी के फैसले ऑटोमेटिक तरीके से कर सकता है, जिससे ई-कॉमर्स खर्च पर 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का असर पड़ने की संभावना है.

Q. रियल-टाइम अकाउंट-टू-अकाउंट (A2A) पेमेंट क्या है.

A. यह एक डिजिटल पेमेंट मेथड है जिसमें पैसा सीधे एक बैंक अकाउंट से दूसरे बैंक अकाउंट में तुरंत ट्रांसफर हो जाता है, जैसे भारत का UPI.

Q. इस रिपोर्ट में भारत के UPI का जिक्र क्यों किया गया है.

A. क्योंकि UPI दुनिया में रियल-टाइम पेमेंट का सबसे सफल मॉडल बन गया है, जो हर महीने 19 बिलियन से ज्यादा ट्रांजैक्शन प्रोसेस कर रहा है.

Q. स्टेबलकॉइन क्या हैं और पेमेंट में उनकी क्या भूमिका है.

A. स्टेबलकॉइन एक तरह की डिजिटल करेंसी है जिसकी कीमत किसी बाहरी संपत्ति (जैसे डॉलर) से जुड़ी होती है. फिलहाल इनका इस्तेमाल क्रिप्टो ट्रेडिंग में ज्यादा है, लेकिन भविष्य में ये रियल वर्ल्ड पेमेंट में अहम हो सकते हैं.

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