&format=webp&quality=medium)
GDP Growth: भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में मजबूत प्रदर्शन जारी रखा है. सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक देश की GDP ग्रोथ 7.8% रही. हालांकि बाजार का अनुमान करीब 8.2% का था, लेकिन इसके बावजूद ग्रोथ रेट वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूत मानी जा रही है. यह नया जीडीपी डेटा बेस ईयर की नई सीरीज के तहत जारी किया गया है, जोकि 2011-12 से बदलकर 2022-23 हो गया है.
दूसरी तिमाही (Q2) में GDP ग्रोथ 8.4% रही थी, ऐसे में तीसरी तिमाही में थोड़ी सुस्ती जरूर दिखी, लेकिन कुल मिलाकर भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ ट्रेंड स्थिर बनी हुई है.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश की रियल GDP Q3 FY26 में बढ़कर 84.54 लाख करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल इसी तिमाही में 78.41 लाख करोड़ रुपये थी. यानी सालाना आधार पर अर्थव्यवस्था में 7.8% की ग्रोथ दर्ज की गई.
वहीं मौजूदा कीमतों (Current Prices) के आधार पर यानी नॉमिनल GDP Q3 FY26 में 90.91 लाख करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल यह 83.46 लाख करोड़ रुपये थी. इस तरह नॉमिनल GDP में 8.9% की बढ़त देखने को मिली.
अगर GVA (ग्रॉस वैल्यू एडेड) की बात करें, तो स्थिर कीमतों पर Q3 FY26 में रियल GVA बढ़कर 77.38 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले 71.77 लाख करोड़ रुपये था. इसमें भी 7.8% की ग्रोथ दर्ज हुई.
मौजूदा कीमतों पर नॉमिनल GVA 82.58 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 76.35 लाख करोड़ रुपये था. यानी इसमें करीब 8.2% की बढ़त देखने को मिली है.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार Q3 में आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार अच्छी रही, हालांकि कुछ सेक्टरों में कमजोरी का असर दिखा. मार्केट एक्सपेक्टेशन से थोड़ा कम आंकड़ा आने के बावजूद अर्थशास्त्रियों का मानना है कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है.

सरकार ने GDP कैलकुलेशन में बड़ा बदलाव करते हुए नया बेस ईयर लागू किया है. अब GDP अनुमान तैयार करने में जिन डेटा का उपयोग किया जा रहा है, वो हैं-
इससे इन्फॉर्मल सेक्टर और वास्तविक आर्थिक गतिविधियों का बेहतर आकलन संभव होगा.
MOSPI (Ministry of Statistics and Programme Implementation) के सचिव सौरभ गर्ग ने जीडीपी डेटा पर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस बार के रिवीजन के लिए 56 देशों के डेटा को एनालिसिस करके तय किया गया. नई बेस में नए डेटा सोर्स को जोड़ा गया है. इंटरनेशनल स्टैण्डर्ड के साथ अलाइन किया गया है. इस बार का बदलाव 9वी बार जीडीपी कि कैलकुलेशन में बदलाव किया गया है. जीडीपी कैलकुलेशन के नए फ्रेमवर्क में पता चला है कि घर का स्वामित्व बढ़ा है.
चीफ इकोनॉमकि एडवाइजर (CEA) अनंत नागेश्वर ने कहा कि पिछले तीन साल से लगातार जीडीपी ग्रोथ 7 परसेंट से ऊपर रही है. इकोनॉमिक सर्वे FY 27 की ग्रोथ प्रोजेक्शन को नई सीरीज में ग्रोथ 7-7.4 किया जाता है.
CareEdge Ratings के अर्थशास्त्री सुब्रत मुखर्जी के मुताबिक पूरे वित्त वर्ष FY26 में भारत की GDP ग्रोथ 7.6% से 7.7% के बीच रह सकती है. यह बजट से पहले सरकार के 7.4% के अनुमान से बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है. इस नई सीरीज में आधुनिक डिजिटल डेटा सोर्स को शामिल किया गया है, जिससे आर्थिक गतिविधियों की ज्यादा सटीक तस्वीर सामने आएगी.
WATCH VIDEO: