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हर साल बजट से पहले मंत्रालयों, विभागों और राज्यों से सुझाव मांगे जाते हैं.
देश का अगला आम बजट यानी वित्त वर्ष 2026-27 का बजट (FY27 Budget) तैयार करने की प्रक्रिया अब शुरू होने वाली है. वित्त मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर ऐलान किया है कि 9 अक्टूबर से बजट को लेकर अहम मीटिंग्स शुरू होंगी. ये वो दौर है जब देश की इकोनॉमी की धड़कनें तेज हो जाती हैं, क्योंकि आगे का पूरा रोडमैप यहीं से बनना है.
हर साल बजट से पहले मंत्रालयों, विभागों और राज्यों से सुझाव मांगे जाते हैं. लेकिन जब फाइनेंस मिनिस्ट्री में शुरुआती मीटिंग्स होती हैं तो ये सिर्फ कागजी काम नहीं होता, बल्कि आने वाले बजट का एजेंडा इन्हीं चर्चाओं से तय होता है. यहीं पर यह भी तय होता है कि आम लोगों को कितना फायदा मिलेगा, टैक्स स्लैब में क्या बदलाव हो सकते हैं और सरकार किस सेक्टर पर सबसे ज्यादा जोर देने वाली है.
जब भी बजट का जिक्र होता है, आम आदमी की उम्मीदें सबसे ऊपर रहती हैं. इस बार भी लोगों की नज़रें इन मुद्दों पर होंगी.
खाने-पीने की चीजों और ईंधन की बढ़ती कीमतों से आम आदमी दबा हुआ है. उम्मीद है सरकार इस बार राहत देगी.
टैक्सपेयर्स को लगता है कि अब नई टैक्स रेजीम को और आसान बनाया जाए और कुछ राहत दी जाए.
युवाओं को रोजगार और स्टार्टअप्स को सपोर्ट देने वाले कदमों का इंतजार है.
कुछ राज्य पहले ही सुझाव दे चुके हैं कि स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर से जीएसटी हटे, उम्मीद है इस पर चर्चा होगी.
9 अक्टूबर से जो प्रक्रिया शुरू होगी, उसका सफर लंबा है.
मंत्रालय अपने-अपने डिमांड और प्लान्स पेश करेंगे.
फाइनेंस मिनिस्ट्री इन मांगों को समेटकर प्राथमिकता तय करेगी.
बजट का ड्राफ्ट तैयार होगा और कैबिनेट लेवल पर चर्चा होगी.
फाइनल बजट संसद में पेश होगा.
FY27 बजट ऐसे समय आ रहा है जब भारत की अर्थव्यवस्था चुनौतियों और मौकों के बीच खड़ी है.
यह हर बजट से जुड़ा सबसे बड़ा सवाल है. पिछले कुछ सालों से सरकार ने नई टैक्स रेजीम को आगे बढ़ाया है, लेकिन लोगों का कहना है कि इसमें और राहत दी जानी चाहिए. क्या इस बार सरकार स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाएगी? या फिर 80C जैसी बचत योजनाओं को नई रेजीम में लाएगी? इसका जवाब तो फरवरी में मिलेगा, लेकिन चर्चा अभी से शुरू हो गई है.
पिछले कुछ सालों से सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग पर ज्यादा फोकस किया है. लेकिन इस बार ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय को लेकर भी बड़ा ऐलान हो सकता है. पीएम किसान योजना, खाद्य सब्सिडी और ग्रामीण रोजगार गारंटी जैसे मुद्दे प्राथमिकता में रहेंगे.
9 अक्टूबर से शुरू होने वाली ये मीटिंग्स महज औपचारिकता नहीं हैं. यहीं से तय होगा कि बजट 2027 आम आदमी की जेब पर कितना असर डालेगा और देश की इकॉनमी को किस दिशा में ले जाएगा. आने वाले महीनों में हर बैठक, हर चर्चा और हर बयान एक बड़ा संकेत होगा. और फरवरी 2026 में जब बजट पेश होगा तो करोड़ों आंखें इसी पर टिकी होंगी कि सरकार ने किसको क्या दिया.
Q. FY27 बजट पर मीटिंग्स कब से शुरू होंगी?
9 अक्टूबर 2025 से.
Q. बजट पेश कब होगा?
फरवरी 2026 में संसद में पेश होगा.
Q. इस बार बजट में सबसे बड़ा फोकस किस पर हो सकता है?
महंगाई से राहत, टैक्स में छूट और रोजगार बढ़ाने पर.
Q. क्या टैक्स स्लैब में बदलाव होगा?
इस पर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं, लेकिन चर्चा जरूर है.