सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को सरकार का अल्टीमेटम, कहा- सिर्फ आय बढ़ाने पर न दें ध्यान, बल्कि...

General Insurance Companies: सरकार ने हाल ही में तीन सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों नेशनल इंश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस में में किस्तों में 7,250 करोड़ रुपये डाले हैं.
सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को सरकार का अल्टीमेटम, कहा- सिर्फ आय बढ़ाने पर न दें ध्यान, बल्कि...

General Insurance Companies: वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) ने सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कम्पनियों से कहा है कि वे सिर्फ आय बढ़ाने पर ध्यान न दें, बल्कि मुनाफा में सुधार लाने का लक्ष्य भी रखें. सरकार ने हाल ही में सार्वजनिक क्षेत्र की तीन साधारण बीमा कंपनियों- नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (National Insurance Company Limited), ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (Oriental Insurance Company Limited) और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी (United India Insurance Company) में किस्तों में 7,250 करोड़ रुपये डाले हैं.

वित्तीय सेवा सचिव विवेक जोशी ने पीटीआई-भाषा से कहा, हम सरकारी साधारण बीमा कंपनियों के प्रदर्शन पर नजर रख रहे हैं और इससे उनमें सुधार आना शुरू हो गया है. इसलिए, हम इस साल उनके प्रदर्शन पर नजर रखेंगे. उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि इन कंपनियों को आगे किसी पूंजी निवेश की जरूरत नहीं होगी. यही कारण है कि बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि इन तीनों साधारण बीमा कम्पनियों ने अपने वित्तीय प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार किया है.

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दो कंपनियां चल रही घाटे में

उन्होंने कहा कि उदाहरण के लिए, ओरिएंटल इंश्योरेंस ने वित्त वर्ष 2022-23 में 5,000 करोड़ रुपये के नुकसान के मुकाबले वित्त वर्ष 2023-24 में 18 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है, जबकि नेशनल इंश्योरेंस कंपनी (National Insurance Company Limited) ने अपना घाटा 3,800 करोड़ रुपये से कम करके 187 करोड़ रुपये कर लिया है और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस (United India Insurance Company) को वित्त वर्ष 2022-23 में 2,800 करोड़ रुपये के नुकसान के मुकाबले पिछले वित्त वर्ष में 800 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है.

न्यू इंडिया एश्योरेंस किया बेहतर प्रदर्शन

न्यू इंडिया एश्योरेंस ने अच्छा प्रदर्शन जारी रखा है, जिसका मुनाफा वित्त वर्ष 2022-23 में 1,000 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 24 में 1,100 करोड़ रुपये हो गया है. फोकस में बदलाव के अलावा, सरकार इन बीमा कंपनियों के भीतर परिचालन संबंधी मुद्दों को भी सुलझा रही है.

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