भारत के ग्रोथ पर बढ़ा EY का भरोसा, FY26 के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया

EY ने कहा कि जीएसटी रेट कट और मॉनिटरी पॉलिसी में सहूलियत का बड़ा लाभ मिलेगा. FY26 के लिए ईवाई ने भारत के ग्रोथ रेट का अनुमान बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है जो पहले 6.5 फीसदी था.
भारत के ग्रोथ पर बढ़ा EY का भरोसा, FY26 के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया

India GDP Growth Growth Outlook.

ग्लोबल प्रोफेशनल सर्विस फर्म EY ने सोमवार को कहा कि मजबूत जीएसटी 2.0 सुधारों को देखते हुए भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया गया है, जो कि पहले 6.5 फीसदी था. ईवाई की इकोनॉमी वॉच के सितंबर एडिशन के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच मौद्रिक नीति में ढील और जीएसटी सुधार से घरेलू मांग में मजबूती की उम्मीद के कारण यह वृद्धि हुई है.

निर्यात को लेकर चुनौती है

ग्लोबल प्रोफेशनल सर्विस फर्म के अनुसार, "FY26 की पहली तिमाही में 7.8 फीसदी की वास्तविक जीडीपी वृद्धि और जीएसटी सुधार से मांग में बढ़ोतरी के साथ, जहां एक ओर भारत के निर्यात संभावनाओं पर वैश्विक चुनौतियों का असर पड़ रहा है, वहीं हम उम्मीद करते हैं कि FY26 में भारत की वार्षिक वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.7 फीसदी रहेगी."

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GST सुधार से मांग को मजबूती मिली है

ईवाई इंडिया के मुख्य नीति सलाहकार डी.के. श्रीवास्तव ने कहा, "जीएसट सुधारो से डिस्पोजेबल इनकम और घरेलू मांग में बढ़ोतरी हुई है और व्यापार में विविधता लाने के प्रयासों से नए अवसर खुले हैं, जिससे भारत वित्त वर्ष 6 में अपनी वृद्धि गति बनाए रखने की स्थिति में है. टेक्नोलॉजी में रणनीतिक निवेश और लक्षित नीतिगत उपाय सुधारों को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ में बदलने के लिए महत्वपूर्ण होंगे."

मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटी कई सालों के उच्चतम स्तर पर

अगस्त 2025 में, मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई बढ़कर 59.3 हो गया, जो फरवरी 2008 के बाद सबसे अधिक है. सेवा क्षेत्र का पीएमआई भी बढ़कर 62.9 हो गया, जो जून 2010 के बाद सबसे अधिक है. आईआईपी की समग्र वृद्धि दर जून 2025 के 1.5 फीसदी से बढ़कर जुलाई 2025 में 3.5 फीसदी हो गई, जो मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग उत्पादन में वृद्धि के कारण हुई.

महंगाई भी कई सालों के न्यूनतम स्तर पर

रिपोर्ट में कहा गया है, "रीटेल इंफ्लेशन जुलाई 2025 में 1.6 फीसदी से बढ़कर अगस्त 2025 में 2.1 फीसदी हो गई, जबकि इसी अवधि में कोर सीपीआई मुद्रास्फीति 4.2 फीसदी से बढ़कर 4.3 फीसदी हो गई."अगस्त 2025 में थोक मूल्य सूचकांक महंगाई दर 0.5 फीसदी पर पॉजिटिव हो गई, जबकि जुलाई 2025 में यह (-)0.6 फीसदी थी. सब्जियों की कीमतों में यह बढ़ोतरी अनुकूल आधार प्रभाव के कमजोर होने और टमाटर की कीमतों में कुछ बढ़ोतरी के कारण हुई.