नए बाजारों में एक्सपोर्ट अब होगा आसान! सरकार ने एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन के तहत शुरू किया क्रेडिट सपोर्ट

Exporters: केंद्र सरकार ने निर्यात बढ़ावा देने के लिए नई योजना लॉन्च की है. इससे उभरते बाजारों और हाई-रिस्क एक्सपोर्ट के लिए भारतीय निर्यातकों को आसान क्रेडिट और फाइनेंशियल मदद मिलेगी.
नए बाजारों में एक्सपोर्ट अब होगा आसान! सरकार ने एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन के तहत शुरू किया क्रेडिट सपोर्ट

भारतीय निर्यातकों के लिए खुले नए आसमान. (Image- AI)

Exporters: भारतीय निर्यातकों के लिए नए और उभरते मार्केट्स में कदम रखना अब पहले से आसान होने जा रहा है. केंद्र सरकार ने निर्यात बढ़ावा देने के लिए नई योजना लॉन्च की है. सरकार ने एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन (EPM) के तहत निर्यात प्रोत्साहन (NIRYAT PROTSAHAN) सब-स्कीम शुरू की है. इसके तहत उभरते बाजारों और हाई-रिस्क एक्सपोर्ट के लिए भारतीय निर्यातकों को आसान क्रेडिट और फाइनेंशियल मदद मिलेगी.

सरकार अब लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) कन्फर्मेशन और नेगोशिएशन जैसे ट्रेड इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए निर्यातकों का जोखिम साझा करेगी, जिससे कम निर्यात वाले क्षेत्रों और लेबर-इंटेंसिव सेक्टर को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में टिकने के लिए जरूरी 'क्रेडिट सपोर्ट' मिल सकेगा.

योजना का उद्देश्य

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इस पहल का लक्ष्य उन देशों या बाजारों में ट्रेड को बढ़ावा देना है जहाँ वर्तमान में बैंकिंग और वित्तीय सुविधाएं कम हैं.

  • निर्यात और आयात के लेन-देन में सुरक्षा और भरोसा बढ़ाना.
  • उन विदेशी लेन-देन को सहारा देना जो सीमाओं के पार होने वाली जटिलताओं के कारण अक्सर रुक जाते हैं.
  • भारतीय बैंकों और विदेशों के स्थानीय बैंकों के बीच मजबूत तालमेल बनाना ताकि फंड का ट्रांसफर आसान हो सके.
समर्थन कर्ताभारत सरकार (एक्जिम बैंक के माध्यम से)
मुख्य लाभार्थीMSMEs और अंतरराष्ट्रीय निर्यातक
लक्ष्य बाजारअंडर-सर्वेडऔर कम वित्तीय सुविधा वाले देश
मुख्य टूलरिस्क-शेयरिंग और नॉन-रिकोर्स फाइनेंस इंस्ट्रूमेंट्स

किसे मिलेगा फायदा

  • ई-कॉमर्स एक्सपोर्टर्स के लिए DGFT ने क्रेडिट असिस्टेंस की गाइडलाइंस जारी कीं.
  • एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन (EPM)– निर्यात प्रोत्साहन के तहत MSME ई-कॉमर्स निर्यातकों को क्रेडिट सुविधा मिलेगी.
  • कम से कम 6 महीने का पोस्टल/कूरियर चैनल से एक्सपोर्ट ट्रैक रिकॉर्ड + ओवरसीज वेयरहाउस में इन्वेंटरी वाली एंटिटी के लिए सुविधा.
  • नए MSME भी योग्य, अगर घरेलू ई-कॉमर्स में कम से कम 1 साल का अनुभव.

दो मुख्य सुविधाएं

  • डायरेक्ट ई-कॉमर्स क्रेडिट फैसिलिटी: ₹50 लाख तक क्रेडिट, 90% गारंटी कवर, कैश क्रेडिट/ओवरड्राफ्ट के रूप में
  • ओवरसीज इन्वेंटरी ई-कॉमर्स क्रेडिट फैसिलिटी: ₹5 करोड़ तक क्रेडिट, 75% गारंटी कवर
  • 2.75% की ब्याज सब्सिडी,
  • एक वित्त वर्ष में प्रति लाभार्थी अधिकतम ₹15 लाख की सीमा
  • निर्यात प्रमोशन मिशन के तहत ₹25,060 करोड़ का प्रावधान
  • EXIM बैंक के जरिए लागू होगी स्कीम

जोखिम में सरकार की हिस्सेदारी

सरकार, एक्जिम बैंक के माध्यम से निर्यातकों को सुरक्षा कवच प्रदान कर रही है. अगर कोई निर्यातक किसी जोखिम भरे बाजार में माल भेजता है, तो उस जोखिम का एक हिस्सा सरकार वहन करेगी.

यह उन छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs) के लिए बेहतर है जो अंतरराष्ट्रीय वैल्यू चैन का हिस्सा हैं लेकिन फंड की कमी या जोखिम के डर से पीछे हट जाते हैं.

नॉन-रिकोर्स ट्रेड फाइनेंस, इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसके तहत अगर विदेशी खरीदार भुगतान नहीं करता है, तो बैंक निर्यातक से पैसा वापस नहीं मांगता. इससे निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ती है.

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