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Budget 2024, Disinvestment Target: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को संसद में अपना लगातार छठा बजट पेश किया है. बजट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार ने विनिवेश के टारगेट पर अपना रुख साफ किया है. अंतरिम बजट में सरकार ने विनिवेश का कोई फिक्स्ड टारगेट नहीं रखा है. वहीं, अंतरिम बजट 2024-25 के मुताबिक सरकार को चालू वित्त वर्ष (2023-24) में सार्वजनिक संपत्तियों के मौद्रीकरण (Asset Monetization) से कोई राशि मिलने की उम्मीद नहीं है.
बजट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस जी बिजनस में के सवाल के जवाब में विनिवेश सचिव तुहिन कांता पांडे ने कहा, ' हमारे 61 लिस्टेड सार्वजनिक उपक्रम है और 16 पब्लिक सेक्टर बैंक है. 1 जनवरी 2021 में उनका बाजार पूंजीकरण 15 लाख करोड़ रुपए था. ये अब बढ़कर 58 लाख करोड़ रुपए हो गया है. हमने लगभग 42 लाख करोड़ रुपए का वेल्थ जनरेशन किया है. इसमें माइनॉरिटी शेयरहोल्डर को फायदा हुआ है. हमें विनिवेश करना है तो वेल्थ में भी सुधार करना होगा. शेयर की वेल्यू भी मिलेगी. '
तुहिन कांता पांडे ने आगे कहा, 'हमें मौका मिला तो इससे ज्यादा भी कर सकते हैं. मार्केट को फिक्स सिग्नल देना कि हम शेयर बेचेंगे ही बेचेंगे, इसका प्रतिकूल असर बाजार पर पड़ता है. नॉन टेक्स रेवेन्यू में डिविडेंड की अहम भूमिका है.' आपको बता दें कि चालू वित्त वर्ष में अभी तक सरकार ने कोल इंडिया, एनएचपीसी, आरवीएनएल और आईआरईडीए सहित सात सरकारी उपक्रमों में अल्पांश हिस्सेदारी बेचकर 12,504 करोड़ रुपये जुटाए हैं.
सरकार को मार्च, 2024 तक विनिवेश से कुल 30,000 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है. सरकार ऐतिहासिक रूप से वित्त वर्ष 2018-19 और 2017-18 को छोड़कर बजट में तय विनिवेश लक्ष्यों से चूकती रही है वित्त वर्ष 2023-24 के बजट अनुमानों के मुताबिक एसेट मोनोटाइजेशन के जरिए 10,000 करोड़ रुपये हासिल करने की योजना थी.