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Direct Tax Collection: वित्तीय वर्ष 2023-24 में सितंबर मध्य तक डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में जबरदस्त उछाल आया है. चालू वित्त वर्ष में अभी डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 8.65 लाख करोड़ रुपये हो गया है. इसी अवधि में पिछली वित्तीय वर्ष के मुकाबले ये 23.51 प्रतिशत ज्यादा है. वित्त मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी है. मंत्रालय के मुताबिक कि कंपनियों की ओर से ज्यादा एडवांस टैक्स भुगतान की वजह से डायरेक्ट टैक्स कैलेक्शन में इतनी ज्यादा बढ़ोतरी हुई है.
फाइनेंस मिनिस्ट्री ने बयान में कहा कि 16 सितंबर तक 8,65,117 करोड़ रुपये के डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 4,16,217 करोड़ रुपये का कॉरपोरेट आयकर (CIT) और सिक्युरिटी ट्रांजेक्शन टैक्शन (STT) सहित 4,47,291 करोड़ रुपये का पर्सनल इनकम टैक्स (PIT) शामिल है. चालू वित्त वर्ष के लिए 16 सितंबर तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 23.51 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है. साथ ही एडवांस टैक्स कलेक्शन 21 प्रतिशत बढ़कर 3.55 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 2.94 लाख करोड़ रुपये था.
वित्त मंत्रालय के मुताबिक एडवांस टैक्स कलेक्शन 16 सितंबर तक 3.55 लाख करोड़ रुपये रहा, जिसमें सीआईटी 2.80 लाख करोड़ रुपये और पीआईटी 74,858 करोड़ रुपये है. समीक्षाधीन अवधि में आयकर विभाग ने करीब 1.22 लाख करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया है. मंत्रालय ने कहा कि कुल मिलाकर वित्त वर्ष 2023-24 के लिए प्रत्यक्ष कर संग्रह 18.29 प्रतिशत बढ़कर 9.87 लाख करोड़ रुपये है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 8.34 लाख करोड़ रुपये था.
अगस्त में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में सालाना आधार पर 15.73 फीसदी बढ़ा था. ये 6.53 लाख करोड़ रुपए रहा है.केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बयान में अगस्त में एक बयान में कहा था, ‘‘प्रत्यक्ष कर संग्रह का 10 अगस्त, 2023 तक का अस्थायी आंकड़ा बताता है कि कर संग्रह में अच्छी वृद्धि हुई है.’’ कर संग्रह वित्त वर्ष 2023-24 के प्रत्यक्ष कर संग्रह के बजटीय अनुमान का 32.03 फीसदी है.