Digi Yatra ने पार किया 10 करोड़ यात्राओं का आंकड़ा, अब 38 एयरपोर्ट्स पर मिल रही पेपरलेस एंट्री की सुविधा

भारत के डिजिटल एविएशन सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है. Digi Yatra ऐप के जरिए अब तक 10 करोड़ से ज्यादा यात्राएं पूरी हो चुकी हैं. यह सुविधा फिलहाल देश के 38 एयरपोर्ट्स पर उपलब्ध है और 2.4 करोड़ से ज्यादा लोग ऐप डाउनलोड कर चुके हैं.
Digi Yatra ने पार किया 10 करोड़ यात्राओं का आंकड़ा, अब 38 एयरपोर्ट्स पर मिल रही पेपरलेस एंट्री की सुविधा

Digi Yatra ने पार किया 10 करोड़ यात्राओं का आंकड़ा. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)

भारत में हवाई यात्रा को आसान और तेज बनाने के लिए शुरू की गई Digi Yatra पहल ने एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है. Digi Yatra ऐप के जरिए अब तक 10 करोड़ से ज्यादा यात्राएं दर्ज की जा चुकी हैं. वहीं iOS और Android प्लेटफॉर्म पर ऐप को 2.4 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया गया है. सरकार इसे देश के डिजिटल एविएशन बदलाव की एक बड़ी सफलता मान रही है.

38 एयरपोर्ट्स पर मिल रही है Digi Yatra की सुविधा

Digi Yatra फिलहाल देश के 38 एयरपोर्ट्स पर काम कर रही है. इस सिस्टम की मदद से यात्रियों को एयरपोर्ट पर बार-बार दस्तावेज दिखाने की जरूरत नहीं पड़ती. डिजिटल वेरिफिकेशन के जरिए एंट्री और यात्रा की प्रक्रिया पहले के मुकाबले काफी आसान हो गई है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मुताबिक Digi Yatra दुनिया के एविएशन सेक्टर में सबसे सफल डिजिटल इनोवेशन में से एक बनकर उभरी है.

एयरपोर्ट एंट्री का समय हुआ काफी कम

Digi Yatra की वजह से एयरपोर्ट पर यात्रियों की एंट्री में लगने वाला समय भी काफी कम हुआ है. पहले जहां एक यात्री की एंट्री प्रक्रिया में औसतन 15 सेकंड लगते थे, वहीं अब यह समय घटकर सिर्फ 5 सेकंड रह गया है. इससे एयरपोर्ट पर भीड़ कम करने, यात्रियों की आवाजाही तेज करने और मैन्युअल जांच की जरूरत कम करने में मदद मिली है.

पेपरलेस यात्रा से पर्यावरण को भी फायदा

Digi Yatra का एक बड़ा फायदा पर्यावरण के लिए भी बताया गया है. इस व्यवस्था में फिजिकल बोर्डिंग पास की जरूरत कम हो जाती है, जिससे हर दिन हजारों कागजों की बचत हो रही है. सरकार का कहना है कि यह पहल डिजिटल सुविधा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रही है.

नागरिक उड्डयन मंत्री ने क्या कहा?

नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने 10 करोड़ उपयोग के आंकड़े पर Digi Yatra टीम को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि यात्रियों के बढ़ते भरोसे को दिखाती है.

उन्होंने बताया कि 2014 में जहां घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या रोजाना 2 लाख से भी कम थी, वहीं पिछले तीन वर्षों में कई बार यह आंकड़ा 5 लाख यात्रियों से ऊपर पहुंच चुका है.

मंत्री के अनुसार भारतीय एयरपोर्ट्स पर सालाना यात्री संख्या 2030 तक 50 करोड़ और 2040 तक लगभग 100 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है. ऐसे में बढ़ती मांग को संभालने के लिए Digi Yatra जैसे डिजिटल समाधान अहम भूमिका निभाएंगे.

अगले साल 27 और एयरपोर्ट्स पर होगी शुरुआत

सरकार ने बताया कि अभी Digi Yatra 38 एयरपोर्ट्स पर सक्रिय है और अगले साल 27 नए एयरपोर्ट्स को भी इससे जोड़ा जाएगा. इसके अलावा इस साल शुरू होने वाले नवी मुंबई, जेवर और भोगापुरम ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स भी पूरी तरह Digi Yatra सक्षम होंगे.

अब और ज्यादा भाषाओं में मिलेगा सपोर्ट

फिलहाल Digi Yatra प्लेटफॉर्म 11 भाषाओं को सपोर्ट करता है. सरकार की योजना है कि इस साल के अंत तक इसमें 11 और क्षेत्रीय भाषाएं जोड़ी जाएं. सरकार का मानना है कि इससे ज्यादा लोगों के लिए इस सुविधा का इस्तेमाल करना आसान होगा और हवाई यात्रा को आम लोगों तक पहुंचाने के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी.

डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी पर भी फोकस

मंत्रालय के अनुसार Digi Yatra का सिस्टम "Privacy by Design" मॉडल पर आधारित है. यात्रियों का डेटा एन्क्रिप्टेड रूप में उनके अपने डिवाइस में सुरक्षित रहता है. डेटा केवल सीमित समय के लिए संबंधित एयरपोर्ट के साथ वेरिफिकेशन के उद्देश्य से साझा किया जाता है, जिसके बाद प्रक्रिया पूरी हो जाती है.

भारत के डिजिटल एविएशन मिशन की बड़ी उपलब्धि

10 करोड़ यात्राओं का आंकड़ा पार करना Digi Yatra के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. सरकार का कहना है कि डिजिटल इंडिया और सभी के लिए हवाई यात्रा के विजन को आगे बढ़ाने में यह प्लेटफॉर्म महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और आने वाले वर्षों में इसकी पहुंच और बढ़ाई जाएगी.

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