&format=webp&quality=medium)
Dhanteras Gold Silver Sale 2025: दिवाली से पहले धनतेरस का पर्व एक बार फिर देशभर के बाजारों में रौनक लेकर आया है. दिल्ली, मुंबई, जयपुर, अहमदाबाद, लखनऊ और चेन्नई जैसे बड़े शहरों के बाजारों में आज सोना-चांदी की जबरदस्त खरीदारी देखने को मिल रही है. लोगों में उत्साह इस कदर है कि रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंची सोने और चांदी की कीमतें भी ग्राहकों के जोश को ठंडा नहीं कर पाईं. ट्रेड एसोसिएशनों के मुताबिक, धनतेरस पर भारत में करीब ₹50,000 करोड़ का गोल्ड और सिल्वर ट्रेड होने का अनुमान है — जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा हो सकता है.
कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) और ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) के संयुक्त सर्वे के अनुसार, इस बार धनतेरस पर सोना-चांदी की बिक्री पिछले सालों के मुकाबले अधिक है. CAIT के महासचिव और चांदनी चौक से सांसद प्रवीण खंडेलवाल और AIJGF के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने बताया कि इस बार खरीदारों का झुकाव भारी ज्वेलरी की जगह गोल्ड-सिल्वर कॉइन और हल्के गहनों की ओर ज्यादा है.
पिछले साल के मुकाबले इस बार सोने-चांदी की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है. पिछले साल (2024) सोना ₹80,000 प्रति 10 ग्राम था, जबकि इस साल यह बढ़कर ₹1,30,000 प्रति 10 ग्राम से ऊपर पहुंच गया है — यानी लगभग 60% की बढ़ोतरी. वहीं, चांदी ₹98,000 प्रति किलो से बढ़कर अब ₹1,80,000 प्रति किलो को पार कर गई है — करीब 55% का इजाफा. इन रिकॉर्ड स्तरों के बावजूद निवेशकों और उपभोक्ताओं दोनों में सोना और चांदी खरीदने का उत्साह चरम पर है.
CAIT और AIJGF की रिपोर्ट बताती है कि इस बार धनतेरस पर गोल्ड और सिल्वर कॉइन की डिमांड सबसे ज्यादा है. मिडिल क्लास और अपर मिडिल क्लास खरीदार अब सॉलिड गोल्ड या सिल्वर कॉइन को इन्वेस्टमेंट ऑप्शन के रूप में देख रहे हैं. दूसरी ओर, शादी के सीजन को देखते हुए ग्राहक हल्के वजन के डिजाइनर गहनों की ओर आकर्षित हैं.
AIJGF के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा के अनुसार, देशभर में लगभग 5 लाख ज्वेलर्स सक्रिय हैं. अगर प्रत्येक ज्वेलर औसतन 50 ग्राम सोना बेचता है, तो कुल बिक्री 25 टन सोना होगी, जिसकी कीमत लगभग ₹32,500 करोड़ बैठेगी. इसी तरह, अगर हर ज्वेलर 2 किलो चांदी बेचता है, तो कुल बिक्री 1,000 टन यानी करीब ₹18,000 करोड़ की होगी. दोनों को मिलाकर ₹50,000 करोड़ से अधिक का सोना-चांदी कारोबार अनुमानित है.
CAIT के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, “पिछले कुछ सालों की सुस्ती के बाद बाजारों में फिर से रौनक लौटी है. इस बार धनतेरस पर सोने और चांदी की खरीदारी का रिकॉर्ड बन सकता है.”
उन्होंने बताया कि निवेशक अब डिजिटल गोल्ड, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, और हल्के गहनों में भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं. यह दर्शाता है कि उपभोक्ताओं का भरोसा बुलियन मार्केट में लगातार बढ़ रहा है.
AIJGF के पंकज अरोड़ा ने कहा कि बदलते बाजार ट्रेंड को देखते हुए ज्वेलर्स अब डिजाइनर ज्वेलरी, हल्के वजन के गहनों और सिल्वर कॉइन पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. ग्राहक अब पारंपरिक डिजाइन से हटकर मॉडर्न और ट्रेंडी ज्वेलरी पसंद कर रहे हैं.
ट्रेड एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले दो हफ्तों में शादी का सीजन शुरू होने वाला है, जिससे सोना-चांदी की मांग और बढ़ेगी. अगर मौजूदा ट्रेंड ऐसे ही बने रहे, तो यह धनतेरस देश के इतिहास का सबसे बड़ा बुलियन कारोबार दिवस साबित हो सकता है.
FAQs
1. इस धनतेरस पर कितना गोल्ड-सिल्वर कारोबार होने का अनुमान है?
CAIT और AIJGF के अनुसार, कुल कारोबार ₹50,000 करोड़ से अधिक हो सकता है.
2. इस साल सोने और चांदी की कीमतें कितनी बढ़ी हैं?
सोना पिछले साल की तुलना में 60% और चांदी लगभग 55% महंगी हो चुकी है.
3. लोग भारी गहनों की बजाय क्या खरीद रहे हैं?
लोग अब गोल्ड-सिल्वर कॉइन और हल्के वजन के गहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं.
4. देशभर में कितने ज्वेलर्स इस कारोबार में शामिल हैं?
लगभग 5 लाख ज्वेलर्स देशभर में सक्रिय हैं.
5. क्या दिवाली और शादी का सीजन इस बिक्री को और बढ़ाएगा?
हाँ, ट्रेडर्स का मानना है कि शादी के सीजन के साथ यह कारोबार और तेजी से बढ़ेगा.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)