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दिल्ली में कामकाज से जुड़े रूल्स में बड़ा बदलाव किया गया है. दिल्ली सरकार ने दिल्ली शॉप्स एंड एस्टैब्लिशमेंट एक्ट 1954 में संशोधन कर कई नए प्रावधान लागू किए हैं. इन बदलावों का सीधा असर राजधानी की दुकानों, दफ्तरों और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों पर पड़ने वाला है.
दिल्ली विधानसभा ने दिल्ली शॉप्स एंड एस्टैब्लिशमेंट (संशोधन) अधिनियम 2026 को पास कर दिया है और इसे राजपत्र में भी प्रकाशित कर दिया गया है.असल में सरकार का कहना है कि इन बदलावों का मकसद बदलते कारोबारी माहौल के हिसाब से रूल्स को आधुनिक बनाना और कर्मचारियों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करना है.
| नियम / प्रावधान | नया बदलाव |
|---|---|
| लागू होने का दायरा | अब यह कानून सिर्फ 20 या उससे ज्यादा कर्मचारियों वाली दुकानों/प्रतिष्ठानों पर लागू होगा |
| दैनिक कार्य समय | 9 घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे |
| साप्ताहिक अधिकतम समय | 54 घंटे से बढ़ाकर 60 घंटे |
| ओवरटाइम सीमा | 150 घंटे से घटाकर 144 घंटे (तिमाही) |
| महिलाओं की नाइट शिफ्ट | अनुमति मिलेगी, लेकिन सख्त शर्तों के साथ |
| महिला कर्मचारी की सहमति | नाइट शिफ्ट से पहले सहमति जरूरी |
| सुरक्षा व्यवस्था | कार्यस्थल पर CCTV अनिवार्य |
| परिवहन सुविधा | सुरक्षित ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था जरूरी |
| महिला कर्मचारियों की संख्या | कम से कम 2 महिला कर्मचारी मौजूद हों |
| कानून का पालन | POSH एक्ट 2013 का पालन अनिवार्य |
महिलाओं को रात की पारी में काम कराने के लिए कंपनियों को कई सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा.
मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं –
दिल्ली सरकार का कहना है कि नए नियमों का मकसद एक तरफ कारोबार को आसान बनाना है तो दूसरी तरफ कर्मचारियों की सुरक्षा और अधिकारों को भी मजबूत करना है. सरकार के मुताबिक बदलती अर्थव्यवस्था और 24×7 कामकाज के माहौल को देखते हुए इन नियमों में बदलाव जरूरी था.

इन बदलावों से दिल्ली में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर असर पड़ेगा. जहां एक तरफ कंपनियों को काम के घंटों में ज्यादा लचीलापन मिलेगा, वहीं महिलाओं के लिए भी नाइट शिफ्ट में काम करने के नए अवसर खुल सकते हैं.कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि दिल्ली शॉप्स एंड एस्टैब्लिशमेंट एक्ट 2026 के नए नियम राजधानी के कारोबारी माहौल और रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकते हैं.
FAQs
1. दिल्ली शॉप्स एंड एस्टैब्लिशमेंट एक्ट में क्या बदलाव हुआ है?
नए संशोधन के अनुसार अब यह कानून सिर्फ उन दुकानों और प्रतिष्ठानों पर लागू होगा जहां 20 या उससे ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं
2. अब कर्मचारियों से रोज कितने घंटे काम कराया जा सकेगा?
पहले 9 घंटे की सीमा थी, जिसे बढ़ाकर अब 10 घंटे प्रतिदिन कर दिया गया है
3. सप्ताह में अधिकतम कितने घंटे काम कराया जा सकता है?
नए नियमों के तहत साप्ताहिक अधिकतम कार्य समय 54 घंटे से बढ़ाकर 60 घंटे कर दिया गया है
4. क्या महिलाओं को अब नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति है?
हाँ, लेकिन उनकी सहमति, CCTV निगरानी, सुरक्षित परिवहन और POSH एक्ट का पालन जैसी शर्तें अनिवार्य होंगी
5. ओवरटाइम से जुड़े नियमों में क्या बदलाव हुआ है?
पहले साल में 150 घंटे ओवरटाइम की सीमा थी, अब इसे बदलकर एक तिमाही में अधिकतम 144 घंटे कर दिया गया है
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