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पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच व्यापारियों ने केंद्र सरकार को बड़ा सुझाव दिया है( फाइल फोटो)
पश्चिमी एशिया संकट के कारण देश में पेट्रोल डीजल की दरों में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है, जिसके कारण ना केवल व्यापारी वर्ग बल्कि आम जनता भी परेशान है. कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले दिनों में पेट्रोल डीजल की कीमतों में और भी बढ़ोतरी हो सकती है ऐसे में दिल्ली और देश में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री CTI ने पेट्रोल, डीजल पर राज्यों से वसूले जाने वाले VAT ( वैल्यू एडेड टैक्स ) में राहत की मांग की गई है ताकि आम जनता को पेट्रोल, डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों से राहत मिल सके.
आपको बता दें कि CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने आज इस मुद्दे पर केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी को खत लिखा है और सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों की एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाकर पेट्रोल, डीजल पर राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले VAT ( value added tax) में राहत देने की मांग की है .
जी हां CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने बयान जारी करके कहा कि पेट्रोल, डीजल पर एक्साइज ड्यूटी केन्द्र सरकार के अन्तर्गत आती है लेकिन वैट राज्यों के अन्तर्गत आता है इसलिए पेट्रोल डीजल पर राहत देने की जिम्मेदारी अकेले केन्द्र की ही नहीं है बल्कि राज्यों को भी आगे आकर सहयोग करना पड़ेगा क्योंकि उपभोक्ता राज्यों में ही रहते हैं .
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बृजेश गोयल ने मांग की है कि चूंकि 21 राज्यों में तो BJP और NDA की ही सरकार है इसलिए पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी सभी राज्यों को निर्देश जारी करें कि अगले 3 महीने के लिए सभी राज्य पेट्रोल, डीजल पर फ्लैट 5% वैट लगाएंगे , इससे देश में पेट्रोल, डीजल पर अलग अलग राज्यों की वैट दरों के मुताबिक 10 से 15 रूपए प्रति लीटर की राहत मिलेगी.
साथ ही तेल कंपनियां अगर पेट्रोल डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी करती हैं तो भी वैट कम होने से आम उपभोक्ता इसके सीधे असर से बच सकते हैं .अगर 3 महीने में विश्व और भारत में पेट्रोलियम संकट से राहत मिलती है तो सभी राज्य अपने अपने हिसाब से पेट्रोल, डीजल पर वैट दरों की पुनर्समीक्षा कर सकते हैं .
CTI महासचिव गुरमीत अरोड़ा और रमेश आहूजा ने कहा कि पेट्रोल, डीजल पर राज्यों ने वैट पर वाट लगाकर विलेन बना दिया है. तेलंगाना में पेट्रोल पर 35.20% वैट लगता है इसलिए तेलंगाना में पेट्रोल की कीमत 112.85 रूपए प्रति लीटर है जबकि आंध्र प्रदेश में पेट्रोल पर 31% वैट और 4 रूपए अतिरिक्त टैक्स के कारण कीमत 115.02 रूपए प्रति लीटर है , दिल्ली में पेट्रोल पर वैट 19.40% है .
लेकिन अंडमान निकोबार में पेट्रोल पर केवल 1% वैट लगता है जिसके कारण वहां पेट्रोल की कीमत देश में सबसे कम 86.46 रूपए प्रति लीटर है.
CTI वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक गर्ग और उपाध्यक्ष राहुल अदलखा ने बताया कि डीजल पर तेलंगाना में सबसे ज्यादा 27% वैट लगता है और वहां डीजल की कीमत 100.94 रूपए प्रति लीटर है जबकि आंध्र प्रदेश में डीजल पर वैट 22.25% और अन्य अतिरिक्त टैक्स को मिलाकर कीमत 102 रूपए प्रति लीटर है ,
दिल्ली में डीजल पर वैट 16.75% है.लेकिन अंडमान निकोबार में डीजल पर केवल 1% वैट लगता है इसलिए वहां डीजल की कीमत देश में सबसे कम 82.22 रूपए प्रति लीटर है
CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि अगर हम दिल्ली की बात करें तो 2 दिन पहले के आंकड़ों के अनुसार पेट्रोल का वास्तविक मूल्य 66.29 रूपए प्रति लीटर था जबकि डीजल का वास्तविक मूल्य 67.36 रूपए प्रति लीटर था.
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CTI के अनुसार आज के समय में पेट्रोल के वास्तविक मूल्य पर एक्साइज ड्यूटी और वैट को मिलाकर अलग अलग राज्यों में 40- 50% टैक्स लगता है , जबकि डीजल पर लगभग 30 से 35% टैक्स लगता है . पेट्रोल डीजल पर सभी राज्य मनमानी करते हुए अपने अपने हिसाब से वैट वसूल रहे हैं जिसके कारण हर राज्य में पेट्रोल डीजल की दरें अलग अलग है.
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