Crude Oil Crash: देर रात कच्चा तेल हुआ क्रैश, 16% की भारी गिरावट, ब्रेंट क्रूड का भाव पहुंचा $80 के नीचे, जानिए 3 बड़ी वजहें

Crude Oil Price Crash: ग्लोबल ऑयल मार्केट में आज 10 मार्च 2026 को बड़ी हलचल देखी गई. पिछले 24 घंटों में कच्चा तेल (Crude Oil) अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई से 16% तक नीचे गिर गया है. सोमवार को जो ब्रेंट क्रूड $119.50 के करीब पहुंच गया था, वह आज $85-$88 के स्तर पर फिसल गया है.
Crude Oil Crash: देर रात कच्चा तेल हुआ क्रैश, 16% की भारी गिरावट, ब्रेंट क्रूड का भाव पहुंचा $80 के नीचे, जानिए 3 बड़ी वजहें

वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए आज एक बड़ी राहत वाली खबर आई है. पिछले कुछ दिनों से जिस तरह कच्चे तेल की कीमतें $120 की ओर बढ़ रही थीं, उसने पूरी दुनिया को डरा दिया था. लेकिन आज बाजी पलट गई है. ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) और WTI क्रूड दोनों में ही भारी गिरावट देखी गई है. यह गिरावट इतनी तेज थी कि इसे हाल के सालों का सबसे बड़ा 'इंट्राडे रिवर्सल' भी कहा जा रहा है. आइए, इस गिरावट के पीछे की पूरी कहानी समझते हैं.

$120 से $80 तक का सफर

कल का हाल: सोमवार को सप्लाई रुकने के डर से ब्रेंट क्रूड $119.50 के स्तर को छू गया था. ऐसा लग रहा था कि यह $150 तक पहुंच जाएगा.

Add Zee Business as a Preferred Source

आज की गिरावट: आज कीमतों में करीब 16% की गिरावट आई और ब्रेंट क्रूड का भाव $80 के करीब पहुंच गया है.

असर: केवल एक दिन में तेल के भाव $10 से $15 प्रति बैरल तक गिर गए हैं.

गिरावट की 3 बड़ी वजहें

1- डोनाल्ड ट्रंप का बयान: अमेरिकी राष्ट्रपति ने फ्लोरिडा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और CBS न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध "बहुत जल्द खत्म होने वाला है". उन्होंने यहां तक कहा कि "उनके पास सैन्य रूप से अब कुछ नहीं बचा है". इस बयान ने बाजार से 'पैनिक प्रीमियम' को खत्म कर दिया.

2- प्रतिबंधों में ढील के संकेत: ट्रंप ने संकेत दिया कि वे तेल की कीमतों को कम करने के लिए कुछ देशों पर लगे ऑयल प्रतिबंध हटा सकते हैं और रूस से तेल खरीद को लेकर भी लचीला रुख अपना सकते हैं.

3- G7 और IEA की सक्रियता: इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) और G7 देशों ने अपने इमरजेंसी ऑयल रिजर्व (SPR) से तेल छोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ने की उम्मीद जगी है.

भारत पर इसका क्या असर होगा?

भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा तेल आयात करता है. कच्चे तेल में इस गिरावट का सीधा असर भारत पर पड़ेगा:

शेयर बाजार: क्रूड गिरने से Reliance, ONGC जैसे ऑयल स्टॉक्स में 3% तक की गिरावट आई, लेकिन पेंट, टायर और एविएशन सेक्टर के शेयरों में उछाल देखा गया.

रुपया: डॉलर के मुकाबले ऑल-टाइम लो पर पहुंच चुका भारतीय रुपया आज थोड़ा संभला है.

पेट्रोल-डीजल: फिलहाल भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर हैं. बार-बार इस बात के कयास लग रहे थे कि महंगे क्रूड की वजह से डीजल-पेट्रोल भी महंगा हो सकता है, लेकिन अब उम्मीद कम है कि वैसा कुछ हो.

Conclusion

कच्चे तेल में यह गिरावट वैश्विक महंगाई को रोकने में 'संजीवनी' का काम करेगी. यदि ट्रंप के दावे के अनुसार युद्ध जल्दी खत्म होता है, तो हम तेल की कीमतों को $70 के स्तर पर भी देख सकते हैं. फिलहाल, यह गिरावट आम आदमी और एयरलाइंस (जो फ्यूल सरचार्ज से जूझ रही हैं) के लिए राहत की पहली किरण है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1- आज कच्चे तेल की कीमत कितनी गिरी है?

ब्रेंट क्रूड में करीब 15% की गिरावट आई है और यह $85 प्रति बैरल के पास पहुंच गया है.

2- तेल की कीमतें गिरने का मुख्य कारण क्या है?

डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान कि ईरान युद्ध जल्द खत्म होगा और प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी.

3- क्या भारत में पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा?

अभी कीमतें स्थिर हैं, लेकिन अगर कच्चा तेल $80 के नीचे बना रहा, तो तेल कंपनियां दाम घटाने पर विचार कर सकती हैं.

4- WTI और ब्रेंट क्रूड में क्या अंतर है?

ब्रेंट क्रूड अंतरराष्ट्रीय मानक है (मुख्यतः यूरोप/एशिया के लिए), जबकि WTI अमेरिकी कच्चे तेल का मानक है.

5- वैश्विक बाजार में तेल की सबसे ऊंची कीमत क्या रही थी?

सोमवार को युद्ध के तनाव के बीच यह $119.50 प्रति बैरल तक पहु़ंच गया था.

(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6