Cotton Import Duty हटाने से टेक्सटाइल सेक्टर को बड़ी राहत! 5 महीने के लिए सरकार का बड़ा फैसला

केंद्र सरकार ने 1 जून 2026 से 30 अक्टूबर 2026 तक कपास (Cotton) के आयात पर लगने वाली सभी कस्टम ड्यूटी को अस्थायी रूप से हटा दिया है. इस फैसले का Apparel Export Promotion Council (AEPC) ने स्वागत किया है. परिषद का कहना है कि इससे कपास की उपलब्धता बढ़ेगी, लागत कम होगी और भारतीय टेक्सटाइल व गारमेंट एक्सपोर्ट को मजबूती मिलेगी.
Cotton Import Duty हटाने से टेक्सटाइल सेक्टर को बड़ी राहत! 5 महीने के लिए सरकार का बड़ा फैसला

Cotton Import Duty हटाने से टेक्सटाइल सेक्टर को बड़ी राहत! प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)

भारतीय टेक्सटाइल और गारमेंट उद्योग के लिए राहत भरी खबर आई है. केंद्र सरकार ने 1 जून 2026 से 30 अक्टूबर 2026 तक कपास के आयात पर लगने वाली सभी कस्टम ड्यूटी को अस्थायी रूप से खत्म करने का फैसला लिया है. इस कदम का Apparel Export Promotion Council (AEPC) ने स्वागत करते हुए कहा है कि इससे पूरे टेक्सटाइल वैल्यू चेन को फायदा मिलेगा.

AEPC ने सरकार के फैसले का किया स्वागत

AEPC के चेयरमैन डॉ. ए. साक्थिवेल ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि यह कदम भारतीय टेक्सटाइल और परिधान उद्योग के लिए काफी महत्वपूर्ण है. उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह का आभार व्यक्त किया. उन्होंने सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री एल. मुरुगन का भी विशेष धन्यवाद दिया और कहा कि उन्होंने उद्योग की चिंताओं को सरकार तक पहुंचाने में लगातार सहयोग किया.

कपास की उपलब्धता बढ़ेगी, लागत कम होगी

AEPC के मुताबिक आयात शुल्क हटने से टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में कच्चे माल की उपलब्धता बेहतर होगी. इससे उद्योग की लागत कम करने में मदद मिलेगी और भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी.

परिषद का कहना है कि हाल के समय में कपास और यार्न की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण खासतौर पर छोटे और मध्यम उद्योगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था. ऐसे में यह फैसला उनके लिए बड़ी राहत लेकर आ सकता है.

यार्न कीमतों में भी राहत की उम्मीद

डॉ. साक्थिवेल ने कहा कि आयात शुल्क हटाना समय की जरूरत थी और इससे घरेलू बाजार में कपास की कीमतों को संतुलित करने में मदद मिलेगी. उन्होंने स्पिनिंग मिल्स से भी अपील की कि कम लागत का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाया जाए और यार्न की कीमतों को तर्कसंगत बनाया जाए. इससे पूरे टेक्सटाइल उद्योग में स्थिरता आएगी और गारमेंट निर्यातकों को नए ऑर्डर हासिल करने में मदद मिलेगी.

लंबे समय से उठा रहा था यह मुद्दा

AEPC ने बताया कि वह लगातार वित्त, वाणिज्य, कृषि और कपड़ा मंत्रालय के सामने इस मुद्दे को उठा रहा था. कई बैठकों और ज्ञापनों के जरिए परिषद ने कपास आयात पर कस्टम ड्यूटी हटाने की मांग की थी. परिषद का मानना है कि सरकार का यह फैसला उद्योग की जरूरतों को समझने और उसके विकास को समर्थन देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

निर्यात को मिल सकती है नई ताकत

AEPC का कहना है कि यह कदम भारत को वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद सोर्सिंग डेस्टिनेशन के रूप में और मजबूत करेगा. साथ ही भारतीय टेक्सटाइल और गारमेंट निर्यात को प्रतिस्पर्धी बनाने में भी मदद करेगा. परिषद को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में यह फैसला उद्योग की ग्रोथ और निर्यात बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा.

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