&format=webp&quality=medium)
कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने एक प्रेस ब्रीफिंग में देश के आर्थिक भविष्य का जो खाका खींचा है, वह हर भारतीय के लिए जानना जरूरी है. चाहे वह अमेरिका के साथ होने वाली बड़ी ट्रेड डील हो, या फिर पश्चिम एशिया के बिगड़ते हालात, सरकार हर मोर्चे पर 'कमांड मोड' में है. आइए जानते हैं अब तक के अपडेट और समझते हैं कैसे हैं हालात.
कॉमर्स सेक्रेटरी ने कहा कि वैश्विक व्यापार में जब एक चुनौती खत्म होती है, तो दूसरी शुरू हो जाती है. इसके बावजूद, भारत का प्रदर्शन सराहनीय रहा है. FY26 में $86,000 Cr का एक्सपोर्ट संभव है.
निर्यात (Exports): फरवरी 2026 में भारत का कुल निर्यात 76.13 बिलियन डॉलर रहा, जो फरवरी 2025 ($68.56 बिलियन) के मुकाबले काफी बेहतर है.
आयात (Imports): फरवरी 2026 में आयात 80.09 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया.
व्यापार घाटा (Trade Deficit): इस महीने 3.96 बिलियन डॉलर का ट्रेड डेफिसिट दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल इसी महीने $2.72 बिलियन का सरप्लस (ऋणात्मक डेफिसिट) था.

मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट: $36.61 बिलियन (पिछले साल $36.91 बिलियन से मामूली गिरावट).
सर्विसेज एक्सपोर्ट: $39.53 बिलियन (पिछले साल $31.65 बिलियन से बड़ी छलांग).
अहम बात: यदि पेट्रोलियम और जेम्स-ज्वेलरी सेक्टर को छोड़ दें, तो अन्य सभी क्षेत्रों में भारत ने पॉजिटिव ग्रोथ दिखाई है. ये दोनों क्षेत्र इस साल नकारात्मक (Negative) रहे हैं.

सरकार की तरफ से जारी डेटा के अनुसार, भारत में कीमती धातुओं के आयात ने ट्रेड बैलेंस पर काफी दबाव डाला है.
गोल्ड (Gold) - अप्रैल से जनवरी 2025-26
वैल्यू: गोल्ड इंपोर्ट में 20.06% की वृद्धि हुई है, जो $51.19 बिलियन से बढ़कर $61.46 बिलियन हो गई है.
कीमत का असर: सोने की मात्रा (Quantity) में 8.00% की गिरावट आई है, लेकिन वैश्विक कीमतों में 30.51% के उछाल की वजह से इंपोर्ट बिल बढ़ गया है.

सिल्वर (Silver) - अप्रैल से जनवरी 2025-26
वैल्यू: चांदी के आयात में 128.54% की अविश्वसनीय बढ़ोतरी हुई है. यह $4.28 बिलियन से सीधे $9.78 बिलियन पर पहुंच गया है.
मात्रा: इसकी मात्रा में भी 41.00% की वृद्धि हुई है, जो ऊंचे दामों और बढ़ती मांग दोनों का संकेत है. वहीं वैश्विक कीमतों में 61.71% का तगड़ा उछाल देखने को मिला है.

कॉमर्स सेक्रेटरी ने पश्चिम एशिया (West Asia) के हालातों पर गहरी चिंता व्यक्त की है. उन्होंने इसे एक "बड़ा लॉजिस्टिक चैलेंज" बताया है. उन्होंने कहा कि अभी इसके असर का सही आकलन नहीं किया जा सकता, लेकिन दुनिया के दूसरे देशों से इसे कंपनसेट करने की कोशिश हो रही है. सरकार इससे निपटने के लिए कई कदम उठा रही है-
रोजाना समीक्षा: हर सुबह 10 बजे सभी संबंधित मंत्रालयों के साथ स्थिति की समीक्षा की जाती है.
IMG का गठन: एक इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप (IMG) बनाकर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है.
निर्यातकों को राहत: एक्सपोर्ट ऑब्लिगेशन (Export Obligation) की समय सीमा को बढ़ाकर अगस्त तक कर दिया गया है.
कार्गो में दिक्कत: न केवल भारत से निर्यात, बल्कि उन देशों से आने वाले सामान (आवक) में भी दिक्कतें आ रही हैं.
रूस से तेल खरीद: रूस से कच्चे तेल की खरीद पर साफ है कि हम रूस से तेल खरीद रहे हैं, पिछले महीने भी खरीद रहे थे.
अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों पर कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने महत्वपूर्ण अपडेट दिया है:
टैरिफ में कमी: उम्मीद जताई गई है कि अमेरिका के साथ डील में टैरिफ रेट 18% से भी कम हो सकता है.
सुप्रीम कोर्ट का मामला: डील को लेकर आगे का रास्ता अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसलों पर निर्भर करेगा. हालांकि, डील का फ्रेमवर्क (Framework) तैयार है और टीमें नेगोसिएशन कर रही हैं.
Section 301 की जांच: अमेरिका ने भारत की विनिर्माण क्षमता (Manufacturing Capacity) पर 'सेक्शन 301' के तहत ट्रेड जांच शुरू की है. भारत को इसका नोटिस मिल चुका है और चर्चा जारी है.
चाय (Tea): $865 मिलियन का एक्सपोर्ट. मुख्य गंतव्य: UAE, इराक, USA.
कॉफी (Coffee): $1621 मिलियन का एक्सपोर्ट. मुख्य गंतव्य: इटली, जर्मनी, रूस.
मिलेट्स (Millets): $57.4 मिलियन का एक्सपोर्ट. मुख्य गंतव्य: बाजरा, किनोआ.
अन्य अनाज (Other Cereals): $324 मिलियन का एक्सपोर्ट. मुख्य गंतव्य: नेपाल, बांग्लादेश, वियतनाम.
भारत अपनी व्यापारिक सीमाओं का विस्तार करने के लिए कई देशों के साथ समझौतों (FTA) की प्रक्रिया में है:
Ratification की प्रक्रिया: यूके (UK) और ओमान (Oman) के साथ समझौते अंतिम चरण में हैं.
बातचीत जारी: न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ (EU) के साथ चर्चा सकारात्मक दिशा में है.
अमेरिका: 'Interim Agreement' के फ्रेमवर्क पर काम चल रहा है.
कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल की ब्रीफिंग से साफ है कि भारत वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी अपनी जगह बना रहा है. $76.13 बिलियन का एक्सपोर्ट एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन सोने-चांदी के ऊंचे दाम और पश्चिम एशिया का संकट आने वाले मार्च महीने के लिए "लॉजिस्टिक चुनौतियां" खड़ी कर सकता है. सरकार की प्राथमिकता अब एक्सपोर्टर्स को सुरक्षा देने और अमेरिका के साथ एक बेहतर 'प्रेफरेंशियल प्रिविलेज' डील सुनिश्चित करने की है.
1- फरवरी 2026 में भारत का कुल निर्यात कितना रहा?
फरवरी 2026 में भारत का कुल निर्यात (मर्चेंडाइज + सर्विसेज) $76.13 बिलियन रहा.
2- क्या अमेरिका के साथ ट्रेड डील में टैरिफ कम होगा?
जी हां, कॉमर्स सेक्रेटरी ने संकेत दिया है कि टैरिफ 18% से कम रहने की संभावना है.
3- पश्चिम एशिया संकट का व्यापार पर क्या असर है?
इससे कार्गो और लॉजिस्टिक में बड़ी दिक्कतें आ रही हैं. सरकार ने इसके लिए एक्सपोर्ट ऑब्लिगेशन की समय सीमा अगस्त तक बढ़ा दी है.
4- सोने के आयात में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
वैल्यू के मामले में सोने का आयात 20.06% बढ़ा है, जिसका मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर बढ़ी हुई कीमतें हैं.
5- भारत का सबसे बड़ा आयात स्रोत (Import Source) कौन सा देश है?
चीन (China) $119.56 बिलियन के साथ भारत का सबसे बड़ा आयात स्रोत बना हुआ है.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)