Budget 2026: 27 साल बाद बन रहा फिर वही संयोग! क्या 'संडे' को पेश होगा आम बजट? या सरकार तोड़ेगी परंपरा? जानें इतिहास

संडे को बजट पेश होना कोई नई बात नहीं है. अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में ऐसा हो चुका है. लेकिन, ये सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि मोदी सरकार ने ही बजट को फरवरी के आखिरी दिन से खिसकाकर 1 तारीख पर फिक्स किया था.
Budget 2026: 27 साल बाद बन रहा फिर वही संयोग! क्या 'संडे' को पेश होगा आम बजट? या सरकार तोड़ेगी परंपरा? जानें इतिहास

बहुत से लोगों को लगता है कि बजट सिर्फ वर्किंग डे पर ही आता है, लेकिन यह सच नहीं है.

जरा अपना कैलेंडर खोलिए और साल 2026 के फरवरी महीने पर नजर डालिए. 1 फरवरी 2026 को क्या दिन है? जी हां, रविवार (Sunday). यानी छुट्टी का दिन, फुरसत का दिन. लेकिन वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) के नॉर्थ ब्लॉक में इस 'संडे' को लेकर अभी से चर्चा तेज है. सवाल यह है कि क्या देश का आम बजट (Union Budget 2026) छुट्टी के दिन पेश होगा? क्या सरकार परंपरा तोड़ेगी या तारीख बदलेगी? अगर आप सोच रहे हैं कि "संडे को तो संसद बंद रहती है, बजट कैसे आएगा?" तो आपको इतिहास के पन्ने पलटने की जरूरत है.

संडे को बजट पेश होना कोई नई बात नहीं है. अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में ऐसा हो चुका है. लेकिन, ये सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि मोदी सरकार ने ही बजट को फरवरी के आखिरी दिन से खिसकाकर 1 तारीख पर फिक्स किया था.

फ्लैशबैक 1999: जब यशवंत सिन्हा ने 'संडे' को रचा था इतिहास

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बहुत से लोगों को लगता है कि बजट सिर्फ वर्किंग डे पर ही आता है, लेकिन यह सच नहीं है. इतिहास गवाह है कि देश का बही-खाता रविवार को भी खुल चुका है.

तारीख थी 28 फरवरी 1999. दिन था रविवार.

तब देश के वित्त मंत्री थे यशवंत सिन्हा. उन्होंने उस दिन सिर्फ बजट पेश ही नहीं किया, बल्कि अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही एक बड़ी परंपरा को भी तोड़ दिया था. उससे पहले बजट शाम को 5 बजे पेश होता था, लेकिन यशवंत सिन्हा ने उसे बदलकर सुबह 11 बजे कर दिया. और वह ऐतिहासिक बजट एक रविवार के दिन ही संसद में रखा गया था.

तो अगर 1999 में रविवार को बजट आ सकता है, तो 2026 में क्यों नहीं? सरकार के पास यह मजबूत नजीर (Precedent) मौजूद है.

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शनिवार को भी लग चुकी है संसद की 'क्लास'

सबसे पहले यह जान लीजिए कि संविधान में ऐसा कहीं नहीं लिखा है कि बजट रविवार या छुट्टी के दिन पेश नहीं किया जा सकता. यह सिर्फ संसद की सुविधा और परंपरा का मामला है. सिर्फ 1999 ही नहीं, मोदी सरकार में भी वीकेंड पर बजट पेश करने का ट्रेंड रहा है. आपको याद होगा, मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वित्त मंत्री रहे दिवंगत अरुण जेटली, उन्होंने 2015 में 28 फरवरी को शनिवार के दिन बजट पेश किया था. इसके बाद साल 2020 में, जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया, तो 1 फरवरी 2020 को भी शनिवार ही था.

जब शनिवार को संसद का विशेष सत्र बुलाकर बजट पेश किया जा सकता है, तो रविवार को क्यों नहीं? सरकार के लिए 1 फरवरी की तारीख अब एक 'पत्थर की लकीर' बन चुकी है, ताकि 1 अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरू होने तक सारी प्रक्रिया पूरी हो जाए. इसलिए, पूरी संभावना है कि इस बार 'संडे हो या मंडे', बजट 1 फरवरी को ही आएगा.

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इकोनॉमिक सर्वे का पेंच: शनिवार को आएगा या शुक्रवार को?

बजट का एक नियम है- बजट पेश होने से ठीक एक दिन पहले 'इकोनॉमिक सर्वे' (आर्थिक सर्वेक्षण) पेश किया जाता है. यह सरकार का वो रिपोर्ट कार्ड होता है, जो बताता है कि पिछले साल देश की अर्थव्यवस्था कैसी रही.

अब यहां गणित थोड़ा दिलचस्प हो जाता है:
अगर बजट 1 फरवरी (रविवार) को आता है. तो कायदे से इकोनॉमिक सर्वे 31 जनवरी (शनिवार) को आना चाहिए. आम तौर पर, इकोनॉमिक सर्वे बजट से पहले वाले 'वर्किंग डे' पर पेश होता है. ऐसे में दो सिनेरियो बन सकते हैं:

  • पहला: सरकार 30 जनवरी (शुक्रवार) को ही इकोनॉमिक सर्वे पेश कर दे और एक दिन का गैप ले.
  • दूसरा: संसद का सत्र शनिवार (31 जनवरी) और रविवार (1 फरवरी) दोनों दिन लगातार चले.

जानकारों का मानना है कि सरकार 1 तारीख की पवित्रता (Sanctity) को बनाए रखने के लिए वीकेंड पर संसद चला सकती है.

शेयर बाजार का क्या होगा? संडे को ट्रेडिंग?

बजट और शेयर बाजार (Stock Market) का चोली-दामन का साथ है. आम तौर पर शनिवार और रविवार को शेयर बाजार बंद रहता है. लेकिन इतिहास में जब-जब बजट शनिवार को आया है (जैसे 2015 और 2020 में), तब-तब बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और निफ्टी (NSE) ने 'स्पेशल ट्रेडिंग सेशन' आयोजित किया है. अगर 1 फरवरी 2026 को रविवार के दिन बजट आता है, तो आप तैयार रहिए- उस दिन संडे होने के बावजूद दलाल स्ट्रीट गुलजार रहेगी और मार्केट में पैसे बनेंगे (या बिगड़ेंगे!).

Conclusion: छुट्टी नहीं, 'ड्यूटी' का दिन होगा

कुल मिलाकर तस्वीर यह बन रही है कि 1 फरवरी 2026 का रविवार, हम और आप भले ही छुट्टी मानकर चलें, लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी टीम के लिए यह साल का सबसे व्यस्त दिन होने वाला है. आधिकारिक ऐलान का इंतजार जरूर है, लेकिन संकेतों से साफ है कि सरकार 'तारीख' बदलने के मूड में नहीं है, चाहे दिन कोई भी हो. तो तैयार हो जाइए, क्योंकि इस बार का बजट वीकेंड का मजा किरकिरा नहीं, बल्कि उसे और 'मसालेदार' बनाने आ रहा है.

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: बजट की तारीख 1 फरवरी ही क्यों रखी जाती है?

A: मोदी सरकार ने 2017 में बजट की तारीख 28 फरवरी से बदलकर 1 फरवरी कर दी थी. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि 31 मार्च तक बजट पास हो जाए और 1 अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष के लिए मंत्रालयों को पैसा मिल सके.

Q2: क्या पहले कभी रविवार को बजट पेश हुआ है?

A: जी हां, 28 फरवरी 1999 को तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने रविवार के दिन ही केंद्रीय बजट पेश किया था. यह वही बजट था जिसमें टाइमिंग बदलकर सुबह 11 बजे की गई थी.

Q3: 1 फरवरी 2026 को रविवार है, तो क्या शेयर बाजार खुला रहेगा?

A: अगर बजट 1 फरवरी को पेश होता है, तो शेयर बाजार में एक 'स्पेशल लाइव ट्रेडिंग सेशन' आयोजित किया जा सकता है, जैसा कि 2020 में शनिवार के दिन किया गया था.

Q4: इकोनॉमिक सर्वे 2026 कब आएगा?

A: अगर बजट 1 फरवरी (रविवार) को आता है, तो इकोनॉमिक सर्वे या तो 31 जनवरी (शनिवार) को या फिर उससे पहले के आखिरी वर्किंग डे यानी 30 जनवरी (शुक्रवार) को पेश किया जा सकता है.

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