Budget 2026 पर CII का रोडमैप! निवेश को रफ्तार देने के लिए कैपेक्स बढ़ाने से लेकर टैक्स राहत तक सुधारों का प्रस्ताव

Budget 2026: CII के मुताबिक, बजट 2026-27 को एक साथ स्टेबिलाइजेशन और ग्रोथ, दोनों की भूमिका निभानी होगी, जिसमें निवेश को बढ़ावा देना सबसे अहम स्तंभ होगा.
Budget 2026 पर CII का रोडमैप! निवेश को रफ्तार देने के लिए कैपेक्स बढ़ाने से लेकर टैक्स राहत तक सुधारों का प्रस्ताव

Budget 2026: भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने आगामी बजट 2026-27 के लिए सरकार के सामने निवेश-प्रेरित विकास को केंद्र में रखते हुए व्यापक सुधारों का खाका रखा है. CII का कहना है कि सार्वजनिक, निजी और विदेशी निवेशों को साथ लेकर चलने वाली नीति ही भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनाए रख सकती है.

CII के मुताबिक, बजट 2026-27 को एक साथ स्टेबिलाइजेशन और ग्रोथ, दोनों की भूमिका निभानी होगी, जिसमें निवेश को बढ़ावा देना सबसे अहम स्तंभ होगा.

कैपेक्स पर जोर

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CII ने सुझाव दिया कि FY26-27 केंद्रीय पूंजीगत व्यय (Capex) में 12% की बढ़ोतरी की जाए और राज्यों को दी जाने वाली पूंजीगत व्यय सहायता में 10% बढ़ोतरी की जाए. इसके साथ ही, 2026-32 के लिए 150 लाख करोड़ रुपये की नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (NIP) 2.0 शुरू की जाए. CII का मानना है कि इससे इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार सृजन को मजबूत आधार मिलेगा.

निवेश करने वाली कंपनियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन

CII ने सरकार से आग्रह किया है कि जिन कंपनियों ने महत्वपूर्ण नए निवेश, उत्पादन या टैक्स योगदान के महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल किए हैं, उन्हें अतिरिक्त टैक्स रियायतें या कम्पलायंस में ढील दी जाए. इससे निजी क्षेत्र को बड़े निवेश निर्णय लेने के लिए और प्रोत्साहन मिलेगा.

एक्सीलेरेटेड डेप्रिसिएशन का फायदा

CII ने एक्सीलेरेटेड डेप्रिसिएशन फायदे को दोबारा लागू करने की मांग की है, ताकि नए कैपेक्स और तकनीकी उन्नयन को और ज्यादा प्रोत्साहन दिया जा सके. खासतौर पर MSME और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा मिल सके. हालांकि, CII ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे आधुनिकीकरण को बढ़ावा मिले, लेकिन मिनिमम अल्टरनेट टैक्स (MAT) की देनदारी न बढ़े.

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NIIF को मजबूत करने और नई रणनीतिक परिषद का प्रस्ताव

CII ने नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) को मजबूत करने का सुझाव दिया है. इसके साथ ही सॉवरेन इन्वेस्टमेंट फ्रेमवर्क काउंसिल (SIFC) के गठन की सिफारिश की गई है, ताकि निवेश राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हो सके.

पब्लिक डेट फ्रेमवर्क

सीआईआई ने यह भी कहा कि आर्थिक चक्र आधारित पब्लिक डेट फ्रेमवर्क को अपनाकर वित्तीय स्थिरता को मजबूत किया जा सकता है.

सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, आगामी बजट 2026-27 को स्थिरीकरण और ग्रोथ के दोनों भूमिकाओं को निभाना होगा और निवेश को बढ़ावा देना इसके सबसे महत्वपूर्ण घटकों में से एक होगा.

FAQs

1. बजट 2026-27 को लेकर CII की मुख्य मांग क्या है?
निवेश-प्रेरित ग्रोथ के लिए कैपेक्स बढ़ाना, टैक्स प्रोत्साहन और संरचनात्मक सुधार.

2. CII ने कैपेक्स बढ़ाने को लेकर क्या सुझाव दिया है?
केंद्र के कैपेक्स में 12% और राज्यों की कैपेक्स सहायता में 10% बढ़ोतरी.

3. NIP 2.0 क्या है और इसका आकार कितना होगा?
NIP2.0, जिसका आकार ₹150 लाख करोड़ (2026-32) प्रस्तावित है.

4. किन कंपनियों को अतिरिक्त टैक्स राहत देने की बात कही गई है?
जिन्होंने नए निवेश, उत्पादन या कर योगदान में बड़े लक्ष्य पूरे किए हों.

5. NIIF को मजबूत करने के लिए क्या प्रस्ताव है?
NIIF को सशक्त करने के साथ SIFC के गठन का सुझाव.

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