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Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को बजट पेश करेंगी. घरेलू फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री चाहता है कि सरकार आगामी बजट में क्षेत्र में रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) को बढ़ावा देने के लिए कॉरपोरेट टैक्स (Corporate Tax) में रियायत दे और एक प्रभावी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (IPR) व्यवस्था स्थापित करने के लिए कदम उठाए. इससे देश में फार्मा उद्योग की बढ़ोतरी को प्रोत्साहन मिलेगा.
ऑर्गेनाइजेशन ऑफ फार्मास्युटिकल प्रोड्यूसर्स ऑफ इंडिया (OPPI) के महानिदेशक अनिल मताई बजट को लेकर उद्योग की मांग रखते हुए कहा कि सरकार रिसर्च एंड डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के कदम उठाए. इसके लिए बहुराष्ट्रीय कंपनियों को R&D से संबंद्ध प्रोत्साहन दिए जाएं और क्षेत्र को कॉरपोरेट टैक्स (Corporate Tax) में रियायतें प्रदान की जाएं.
मताई ने कहा, ऊंचे जोखिम की वजह से हमारा सुझाव है कि आयकर कानून, 1961 की धारा 115BAB का दायरा ऐसी कंपनियों तक बढ़ाया जाए, जो सिर्फ फार्मा R&D में लगी हैं. ऐसी कंपनियों को आरएंडी खर्च पर 200 फीसदी की कटौती दी जाए.
उन्होंने कहा कि इससे क्लिनिकल परीक्षण और पेटेंट पंजीकरण सहित जरूरी अनुसंधान और विकास करने की क्षेत्र की क्षमता में बेतहाशा बढ़ोतरी होगी. मताई ने विकास को गति देने के लिए एक प्रभावी IPR व्यवस्था स्थापित करने तथा वैश्विक और घरेलू दोनों ही प्रकार की अनुसंधान आधारित फार्मा कंपनियों को भारत में नवीन उपचार पद्धतियां शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने की भी मांग की, ताकि अपूर्ण चिकित्सा जरूरतों को पूरा किया जा सके.
इसके अलावा, उन्होंने फार्मास्यूटिकल कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान करने वाले केंद्रों और कंपनियों के लिए प्रोत्साहन शुरू करने की मांग की. मताई ने कहा, दुर्लभ बीमारियों के लिए उपचार विकसित करने के लिए प्रोत्साहन भी महत्वपूर्ण हैं.