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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर भारत के दो दिवसीय दौरे पर मुंबई पहुंचे हैं, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ है. इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. स्टार्मर ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच हाल ही में हुआ व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) सिर्फ एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह विकास और साझेदारी का लॉन्चपैड है.
ब्रिटिश प्रधानमंत्री अपने साथ 125 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल लेकर आए हैं, जिसमें देश के सबसे प्रमुख सीईओ, उद्यमी, विश्वविद्यालयों के कुलपति और सांस्कृतिक संस्थानों के प्रमुख शामिल हैं. उन्होंने कहा कि भारत के साथ यह साझेदारी न सिर्फ व्यापार को बढ़ावा देगी बल्कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को एक नई दिशा देगी.
स्टार्मर ने कहा, “हमने जुलाई में भारत के साथ एक बड़ा व्यापार समझौता किया. यह किसी भी देश द्वारा भारत के साथ किया गया सबसे सुरक्षित समझौता है. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती. यह सिर्फ एक कागज का टुकड़ा नहीं है, बल्कि विकास का लॉन्चपैड है.”
उन्होंने आगे कहा कि भारत 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है और भारत के साथ व्यापार अब तेज और सस्ता होगा. उन्होंने कहा कि भारत जैसे अवसर दुनिया में कहीं और नहीं मिल सकते.
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने यह भी साफ किया कि इस यात्रा में किसी भी तरह के वीजा समझौते की योजना नहीं है. उन्होंने कहा, “वीजा इस दौरे का हिस्सा नहीं है. यह यात्रा मुक्त व्यापार समझौते से जुड़े अवसरों का लाभ उठाने के लिए है, जिस पर हमने पहले ही हस्ताक्षर कर लिए हैं.” उन्होंने कहा कि ब्रिटिश कंपनियां इस समझौते से सीधे लाभ उठा रही हैं और आव्रजन नीतियां पहले की तरह सख्त रहेंगी.
भारत और ब्रिटेन ने जुलाई 2025 में व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) पर हस्ताक्षर किए थे. यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा और कई उद्योगों में शुल्क कम करेगा. इस समझौते से ब्रिटिश कंपनियों को भारतीय बाजार तक आसान पहुंच मिलेगी, खासकर स्कॉच व्हिस्की, फैशन, मेडिकल इक्विपमेंट, ऑटोमोबाइल और उपभोक्ता सामान के क्षेत्र में.
ब्रिटिश सरकार के अनुसार, इस समझौते से यूके की GDP को करीब £4.8 बिलियन वार्षिक का लाभ हो सकता है और द्विपक्षीय व्यापार 2040 तक £25 बिलियन से ज्यादा बढ़ सकता है.
भारत वर्तमान में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की तेज विकास दर, निवेश माहौल और नवाचार क्षमता को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि भारत 2028 तक तीसरे स्थान पर पहुंच सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत के साथ मजबूत व्यापारिक रिश्ते ब्रिटेन के लिए नई नौकरियों और निवेश के अवसर पैदा करेंगे.
इस दौरे को ब्रिटेन की अब तक की सबसे बड़ी व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलीय यात्रा बताया जा रहा है. इसमें Rolls-Royce, British Airways, Diageo, London Stock Exchange जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं. भारत में ब्रिटिश पीएम विभिन्न उद्योगपतियों, उद्यमियों और सरकारी प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे ताकि दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को नई दिशा दी जा सके.
1. भारत 2028 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था कैसे बनेगा?
भारत की तेज विकास दर, निवेश वृद्धि, औद्योगिक उत्पादन और निर्यात में सुधार के चलते देश अगले तीन सालों में जापान और जर्मनी को पीछे छोड़ सकता है.
2. भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते से किन सेक्टरों को फायदा होगा?
स्कॉच व्हिस्की, फैशन, मेडिकल इक्विपमेंट, ऑटोमोबाइल और उपभोक्ता सामान जैसे क्षेत्रों में ब्रिटिश कंपनियों को बड़ा फायदा मिलेगा.
3. क्या इस दौरे में वीजा नीति में बदलाव किया गया है?
नहीं. पीएम स्टार्मर ने साफ कहा है कि वीजा इस यात्रा का हिस्सा नहीं है और ब्रिटेन की आव्रजन नीतियां पहले की तरह सख्त रहेंगी.
4. इस व्यापार समझौते से ब्रिटेन को क्या लाभ होगा?
इससे ब्रिटेन की GDP में £4.8 बिलियन वार्षिक की वृद्धि होने की संभावना है. साथ ही नए व्यापारिक अवसर और रोजगार पैदा होंगे.
5. इस दौरे के दौरान पीएम स्टार्मर किन भारतीय नेताओं से मिलेंगे?
पीएम स्टार्मर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रमुख उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे, जहां भारत-ब्रिटेन आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा होगी.
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