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ईरान युद्ध के कारण दुनियाभर में उपजे तेल संकट के बीच महारत्न ऑयल पीएसयू भारत पेट्रोलियम ने एक बार फिर अफवाहों का खंडन किया है. भारत पेट्रोलियम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए कहा है कि देश में कच्चे तेल की सप्लाई रुकने की अफवाहें गलत है. भारत पेट्रोलियम ने कहा है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें. देश की सभी पेट्रोलियम रिफाइनरी 100 फीसदी से अधिक क्षमता उपयोग के साथ संचालित कर रही है.
भारत पेट्रोलियम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, " आने वाले दिनों में कच्चे तेल की सप्लाई रुकने की अफवाहें पूरी तरह से गलत है. दो अतिरिक्त क्रूड कार्गो पहले से ही रास्त में हैं और जल्द ही पहुंचेगें."
मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण सप्लाई चेन फिलहाल प्रभावित हुई है, जिससे डर बना हुआ है. इस डर के कारण बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें कुछ वक्त के लिए 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई थी.
100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कीमत
ग्लोबल तेल और एनर्जी संकट को देखते हुए अमेरिकी ट्रंप प्रशासन ने समुद्र में फंसे रूसी तेल को खरीदने की इजाजत सभी देशों को दे दी है. पहले यह केवल भारत को थी. अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया पर यह पोस्ट किया है. स्कॉट बेसेंट के मुताबिक यह छोटी अवधि के लिए किया गया उपाय है, जो कवल उन शिप्स पर लागू होगा जो पहले से ही ट्रांजिट में हैं. अमेरिका के इस कदम से रूसी सरकार को कोई बड़ा वित्तीय फायदा नहीं होगा.