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भारत-अमेरिका ट्रेड डील.
India-US Trade Deal: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को हटा दिया है. वहीं, धारा 122 का उपयोग करते हुए ट्रंप ने 150 दिनों के लिए अमेरिका में आयातित वस्तुओं पर 10% का टैरिफ लगा दिया है. यह अस्थायी आयात शुल्क 24 फरवरी से लागू होगा.
एल्युमिनियम एक्सट्रूशन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALEMAI) के प्रेसिडेंट जितेंद्र चोपड़ा ने कहा कि भारत के साथ डील के टर्म में कोई बदलाव नहीं हुआ है. कुछ सेक्टर में अभी अमेरिका की ओर से भारी टैरिफ जारी रहेगा. सेक्शन 232 के तहत लगे टैरिफ पर अमेरिका की कोर्ट के फैसले का असर नहीं होगा.
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से दिए फैसले में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा अलग-अलग देशों पर लगाए गए ट्रेड टैरिफ कानून के दायरे से बाहर थे. यह फैसला मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने दिया.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जारी घोषणा में ट्रंप ने कहा कि 24 फरवरी 2026 से 150 दिनों के लिए अमेरिका में आयात होने वाले सामान पर 10% का अस्थायी इम्पोर्ट ड्यूटी लगाया जाएगा.
अमेरिका ने अगस्त में भारत पर 25% का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था. बाद में रूस से कच्चा तेल खरीदने के मुद्दे पर 25% अतिरिक्त पेनाल्टी टैरिफ लगाया गया, जिससे कुल शुल्क 50% हो गया था.
इससे पहले, जब दोनों देशों ने अंतरिम ट्रेड डील के फ्रेमवर्क पर सहमति की घोषणा की थी, तब ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश जारी कर रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर लगाए गए 25 फीसदी पेनाल्टी टैरिफ को हटा दिया था. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि भारत ने मॉस्को से सीधे या परोक्ष रूप से ऊर्जा आयात बंद करने और अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है.
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ट्रेड डील के तहत अमेरिका भारत पर रेसिप्रोकल टैरिफ 25% से घटाकर 18% करने पर सहमत हुआ था. हालांकि जब ट्रंप से भारत के साथ समझौते के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, कुछ भी नहीं बदला है.
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