'पैसे छापने की मशीन'है ये खेती,एक बार यह पौधे लगाने के बाद 25 से 30 साल तक होगी कमाई, सरकार दे रही है सब्सिडी

पारंपरिक फसलों को पीछे छोड़कर किसान नई और अधिक लाभदायक फसलों की ओर बढ़ रहे हैं.यही कारण है कि पाम तेल की खेती किसानों को भा रही है, क्योंकि ये खेती न केवल कम समय में बेहतर उत्पादन देती है, बल्कि इसमें सरकार की सब्सिडी और तकनीकी सहायता भी उपलब्ध है
'पैसे छापने की मशीन'है ये खेती,एक बार यह पौधे लगाने के बाद 25 से 30 साल तक होगी कमाई, सरकार दे रही है सब्सिडी

भारत में अब किसान पारंपरिक फसलों से हटकर ऐसी फसलों की तरफ बढ़ रहे हैं जो ज्यादा फायदा दे सके और लंबे समय तक आमदनी का जरिया बनी रहे.तो ऐसी ही किसानों के लिए एक कमाल की फसल है पाम तेल (ऑयल पाम) की, जो किसानों को स्थिर और अच्छी कमाई का मौका देती है. सरकार भी इस खेती के लिए मदद कर रही है. इस फायदों को देखकर देश के विभिन्न भागों में इसकी खेती की जा रही है.

पाम तेल जिसको आमतौर पर पामोलिन ऑयल कहा जाता है, आज खाने-पीने की चीजों जैसे बेकरी प्रोडक्ट्स, नमकीन और तले हुए खाद्य पदार्थों में खूब इस्तेमाल हो रहा है. भारत में इस खेती की कुछ समय से डिमांड बहुत तेजी से बढ़ी है, लेकिन अब तक हम इसे इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे देशों से आयात करते थे. अब सरकार घरेलू उत्पादन बढ़ाने और किसानों को मुनाफा दिलाने के लिए पाम तेल की खेती को सब्सिडी और योजनाओं के जरिए बढ़ावा दे रही है.

लंबे समय तक देगी फायदा

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वैसे पाम का पौधा किसानों के लिए लंबे समय तक आय देने वाली फसल साबित हो सकता है. असल में एक बार लगाने के बाद यह पौधा करीब 25 से 30 साल तक तेल उत्पादन कर सकता है, जिससे किसानों को हर साल स्थायी आमदनी हो सकती है. एक हेक्टेयर जमीन से 4 से 5 टन पाम तेल निकाला जा सकता है, जिसकी बाजार में कीमत अच्छी मिलती है.

कैसे करें इसकी खेती

पाम तेल की खेती से अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए कुछ जरूरी बातें जानना बहुत जरूरी है. इसकी खेती को करने के लिए पहले जमीन और बीज की तैयारी करनी होती है, फिर कीट नियंत्रण, सिंचाई, उर्वरक और कटाई की सही विधियों को अपनाना होता है. यह फसल 29-33 डिग्री सेल्सियस तापमान और प्रतिदिन 5 घंटे की धूप में अच्छे से बढ़ती है. साथ ही, 80% से ज्यादा नमी इसकी अच्छी पैदावार के लिए जरूरी माना जाता है.

सरकार भी कर रही है मदद

आपको बता दें कि राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (NMEO) के तहत सरकार पाम तेल की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को कई प्रकार की मदद मिलती है. इसके तहत रोपण सामग्री पर करीब 85% तक सब्सिडी मिल सकती है, जो लगभग ₹12,000 प्रति हेक्टेयर होती है. इसके अलावा, पौधों के रखरखाव के लिए भी सरकार चार साल तक हर साल करीब ₹12,000 प्रति हेक्टेयर की दर से करीब 50% सब्सिडी देती है. ये स्कीम किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और पाम ऑयल की खेती को आसान और फायदेमंद बनाने में मदद कर सकती है.(नोट-खबर केवल जानकारी के लिए है, खेती कैसे करना और करना है कि नहीं ये किसान के ऊपर है)

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