यूपी सरकार की नई पहल! इम्पैनलमेंट कराएं और सब्सिडी पर बेचें अपनी कंपनी के कृषि यंत्र

इस प्रक्रिया से किसानों को प्रमाणित और गुणवत्ता वाले कृषि यंत्र उपलब्ध होंगे, जबकि निर्माता कंपनियों को भी उत्तर प्रदेश जैसे बड़े कृषि बाजार में अपने उत्पादों की पहुंच बढ़ाने का अवसर मिलेगा.
यूपी सरकार की नई पहल! इम्पैनलमेंट कराएं और सब्सिडी पर बेचें अपनी कंपनी के कृषि यंत्र

आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज और तकनीकी विवरण भी जमा करने होंगे. (फोटो सोर्स: Pexels)

उत्तर प्रदेश में कृषि के आधुनिकीकरण और किसानों तक बेहतरीन तकनीक पहुंचाने के लिए योगी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. राज्य के कृषि विभाग ने सरकारी अनुदान (Subsidy) पर कृषि यंत्रों की बिक्री करने की इच्छुक निर्माता कंपनियों के लिए रजिस्ट्रेशन और इम्पैनलमेंट (Empanelment) की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है. यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन आयोजित की जाएगी.

कृषि विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, 29 मई 2026 से upyantratracking.in पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण और इम्पैनलमेंट प्रक्रिया शुरू हो गई. इसके माध्यम से कृषि यंत्र निर्माता कंपनियां राज्य सरकार की अलग-अलग कृषि यंत्रीकरण योजनाओं में भागीदारी कर सकेंगी और किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध करा सकेंगी.

नियम और शर्तें

विभाग के अनुसार, सभी पात्र निर्माता कंपनियों को निर्धारित मानकों और नियमों के अनुसार ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज और तकनीकी विवरण भी जमा करने होंगे. आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी, जिससे पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित की जा सके.

एंबॉस्ड सीरियल नंबर

₹10,000 से अधिक अनुदान वाले कृषि यंत्रों पर उभरा हुआ या लेजर कट सीरियल नंबर होना अनिवार्य है. इसके लिए एरियल बोल्ड (फॉन्ट और 25 mm साइज निर्धारित किया गया है.

MRP का प्रदर्शन

सभी कृषि यंत्र निर्माता कंपनियों को यंत्रवार मैक्सिमम रिटेल प्राइस (MRP, जीएसटी सहित) अपनी वेबसाइट और सभी अधिकृत विक्रेताओं/शोरूम के पटल पर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा.

agri machine subsidy

टेस्टिंग रिपोर्ट

कृषि यंत्र की टेस्टिंग रिपोर्ट निर्माता कंपनी के नाम से ही होनी चाहिए. कंपनी द्वारा स्वनिर्मित कृषि यंत्र को ही इम्पैनलमेंट में शामिल किया जाएगा.

शपथ पत्र और बैंक गारंटी

शपथ पत्र का प्रारूप पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है. बैंक गारंटी 'कृषि निदेशक, उ.प्र. कृषि भवन, लखनऊ' के नाम से बनेगी. इसकी पीडीएफ (PDF) कॉपी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी और मूल कॉपी संयुक्त कृषि निदेशक (अभियंत्रण अनुभाग) को प्रेषित करनी होगी.

कृषि यंत्रों के इम्पैनलमेंट के लिए बैंक गारंटी

बैंक गारंटी की समय सीमा अभिलेख प्रस्तुत करने के समय से न्यूनतम एक वर्ष के लिए मान्य होगी और इसे दावा अवधि के बाद ही वापस किया जाएगा.

क्र.सं.कृषि यंत्र का अधिकतम विक्रय मूल्यप्रति यंत्र/प्रति मॉडल के लिए बैंक गारंटी4 या 4 से अधिक यंत्रों के लिए बैंक गारंटी
1₹3 लाख तक₹1 लाख₹4 लाख
2₹3 लाख से ₹10 लाख तक₹2 लाख₹8 लाख
3₹10 लाख से अधिक₹3 लाख₹12 लाख

किसानों और कंपनियों के लिए इसके क्या मायने हैं?

इस सख्त इम्पैनलमेंट प्रक्रिया और एंबॉस्ड सीरियल नंबर जैसी शर्तों से किसानों को सीधे फायदा होगा. इससे बाजार में मिलने वाले नकली या घटिया क्वालिटी के कृषि यंत्रों पर रोक लगेगी और किसानों को सरकारी सब्सिडी पर केवल प्रमाणित और उच्च गुणवत्ता वाली मशीनें ही मिलेंगी.

वहीं, जो कंपनियां इन मानकों को पूरा करते हुए सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन करा लेंगी, वे उत्तर प्रदेश सरकार की अनुदान योजनाओं का सीधा हिस्सा बन सकेंगी. इससे उन्हें एक बड़ा और सुरक्षित बाजार मिलेगा.

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