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अब बिना रजिस्ट्रेशन भी सरकारी केंद्रों पर गेहूं की बिक्री संभव है. (प्रतीकात्मक फोटो: AI)
UP Wheat Procurement: गेहूं बेचने में आ रही दिक्कतों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है. अब किसान बिना फार्मर रजिस्ट्री (Farmer Registry) के भी सीधे सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी फसल बेच सकेंगे, जिससे लंबे समय से चल रही प्रक्रिया संबंधी बाधाएं खत्म होंगी और उन्हें अपनी उपज का सही दाम मिल सकेगा.
ज़ी बिजनेस के रिपोर्ट अंबरीश पांडेय के मुताबिक योगी सरकार के इस कदम को किसानों के एक बड़े तबके के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है. क्योंकि इससे अपनी फसलों को बेचने के लिए सरकारी केंद्रों पर पहले खुद को रजिस्टर करवाने की मौजूदा शर्त खत्म हो गई है.
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सबसे ज्यादा राहत उन गांवों के किसानों को मिलेगी जहां 'चकबंदी' की प्रक्रिया चल रही है. चकबंदी के कारण कई किसानों के पास अपडेटेड 'फार्मर रजिस्ट्री' सर्टिफिकेट नहीं थे. अब इन किसानों को पुरानी व्यवस्था के तहत ही फसल बेचने की मंजूरी मिल गई है.
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जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बिना पंजीकरण वाले किसानों को भी पंजीकृत किसानों के समान ही दर्जा और सुविधाएं दी जाएं.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1. क्या रजिस्ट्रेशन अब पूरी तरह खत्म हो गया?
फिलहाल गेहूं खरीद के लिए अनिवार्यता हटाई गई है.
Q2. क्या MSP मिलेगा?
हां, बिना रजिस्ट्रेशन भी MSP का फायदा मिलेगा.
Q3. किन किसानों को फायदा?
खासकर चकबंदी से प्रभावित और बिना रजिस्ट्रेशन वाले किसानों को.