यूपी के किसानों को बड़ी राहत! अब गेहूं बेचने में नहीं आएगी अड़चन, सरकार ने हटाई बड़ी शर्त

UP Wheat Procurement: किसानों को योग्य होने के लिए अब 'फार्मर रजिस्ट्री' की जरूरत नहीं होगी और वे नई खरीद व्यवस्था लागू होने से पहले की तरह ही अपनी फसलें बेच सकेंगे.
यूपी के किसानों को बड़ी राहत! अब गेहूं बेचने में नहीं आएगी अड़चन, सरकार ने हटाई बड़ी शर्त

अब बिना रजिस्ट्रेशन भी सरकारी केंद्रों पर गेहूं की बिक्री संभव है.  (प्रतीकात्मक फोटो: AI)

UP Wheat Procurement: गेहूं बेचने में आ रही दिक्कतों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है. अब किसान बिना फार्मर रजिस्ट्री (Farmer Registry) के भी सीधे सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी फसल बेच सकेंगे, जिससे लंबे समय से चल रही प्रक्रिया संबंधी बाधाएं खत्म होंगी और उन्हें अपनी उपज का सही दाम मिल सकेगा.

ज़ी बिजनेस के रिपोर्ट अंबरीश पांडेय के मुताबिक योगी सरकार के इस कदम को किसानों के एक बड़े तबके के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है. क्योंकि इससे अपनी फसलों को बेचने के लिए सरकारी केंद्रों पर पहले खुद को रजिस्टर करवाने की मौजूदा शर्त खत्म हो गई है.

सरकार ने नियम क्यों बदले?

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  • बड़ी संख्या में किसान रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाए थे
  • खासकर जिन इलाकों में चकबंदी चल रही है
  • किसानों को मजबूरी में बिचौलियों को सस्ते में गेहूं बेचना पड़ रहा था
  • बढ़ती शिकायतों के बाद सरकार ने तुरंत फैसला लिया.

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किन किसानों को इस फैसले से सबसे ज्यादा फायदा होगा?

सबसे ज्यादा राहत उन गांवों के किसानों को मिलेगी जहां 'चकबंदी' की प्रक्रिया चल रही है. चकबंदी के कारण कई किसानों के पास अपडेटेड 'फार्मर रजिस्ट्री' सर्टिफिकेट नहीं थे. अब इन किसानों को पुरानी व्यवस्था के तहत ही फसल बेचने की मंजूरी मिल गई है.

अब फसल बेचने की नई व्यवस्था क्या है?

  • अधिकारियों के अनुसार, अब खरीद केंद्रों पर आसान खरीद सुनिश्चित की जाएगी.
  • किसानों को अब 'फार्मर रजिस्ट्री' सर्टिफिकेट दिखाने की मजबूरी नहीं होगी.
  • वे नई व्यवस्था लागू होने से पहले की तरह, सीधे अपनी उपज केंद्र पर ले जा सकते हैं.

जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बिना पंजीकरण वाले किसानों को भी पंजीकृत किसानों के समान ही दर्जा और सुविधाएं दी जाएं.

अब किसानों को क्या फायदा मिलेगा?

  • बिना रजिस्ट्रेशन भी सरकारी केंद्रों पर बिक्री संभव
  • MSP का पूरा फायदा
  • बिचौलियों पर निर्भरता कम
  • बिक्री प्रक्रिया आसान

किन किसानों को सबसे ज्यादा राहत?

खास तौर पर-

  • चकबंदी प्रभावित गांव
  • जिनके पास फार्म रजिस्ट्री सर्टिफिकेट नहीं
  • छोटे और सीमांत किसान

पहले क्या समस्या थी?

  • रजिस्ट्रेशन अनिवार्य था
  • दस्तावेज न होने पर खरीद नहीं
  • किसान फसल लेकर सरकारी केंद्र तक नहीं पहुंच पा रहे थे
  • मजबूरी में कम कीमत पर बिक्री

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1. क्या रजिस्ट्रेशन अब पूरी तरह खत्म हो गया?

फिलहाल गेहूं खरीद के लिए अनिवार्यता हटाई गई है.

Q2. क्या MSP मिलेगा?

हां, बिना रजिस्ट्रेशन भी MSP का फायदा मिलेगा.

Q3. किन किसानों को फायदा?

खासकर चकबंदी से प्रभावित और बिना रजिस्ट्रेशन वाले किसानों को.