मिट्टी की जांच अब सिर्फ 90 सेकंड में! IIT कानपुर के छात्रों ने बनाई 'भू परिक्षक', 60 हजार किसानों ने उठाया फायदा

UP International Trade Show 2025: यह एक ऐसी स्मार्ट मिट्टी जांचने वाली मशीन, जो किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है.
मिट्टी की जांच अब सिर्फ 90 सेकंड में! IIT कानपुर के छात्रों ने बनाई 'भू परिक्षक', 60 हजार किसानों ने उठाया फायदा

UP International Trade Show 2025: यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 में इस बार एक ऐसी तकनीक ने सबका ध्यान खींचा है, जो कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है. 'भू परिक्षक' (Bhu Parikshak) नाम की यह स्मार्ट सॉइल टेस्टिंग मशीन आईआईटी कानपुर के छात्रों द्वारा तैयार की गई है. यह एक ऐसी स्मार्ट मिट्टी जांचने वाली मशीन, जो किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है.

90 सेकंड के भीतर रिपोर्ट कर देती है तैयार

वजन मात्र 350 ग्राम होने के कारण किसान इसे आसानी से कहीं भी लेकर जा सकता है. मशीन में एक छोटा सा सांचा दिया गया है, जिसमें किसान केवल 10 ग्राम मिट्टी डालता है. स्टार्ट बटन दबाते ही मशीन 90 सेकंड के भीतर रिपोर्ट तैयार कर देती है.

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6 पोषक तत्वों की जानकारी

यह एक साथ 6 तरह के परिणाम देती है. जिनमें नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम, क्ले (मिट्टी की बनावट), क्लोरो-फ्लोरो कार्बन बताती है. जिसके बाद पोषक तत्वों की कमी और उसकी भरपाई के लिए प्रति एकड़ कितनी मात्रा में उर्वरक डालना चाहिए, ये भी पता चलता है.

अभी कहां मिल रही है ये मशीन?

फिलहाल यह मशीन सीधे किसानों को उपलब्ध नहीं कराई गई है. इसे चुनिंदा सेंटरों से उपयोग के लिए लिया जा सकता है. स्कैनेक्स टीम का कहना है कि आने वाले समय में इसे ब्लॉक स्तर तक पहुंचाया जाएगा ताकि हर किसान अपने खेत की मिट्टी खुद टेस्ट कर सके.

60 हजार किसानों ने उठाया फायदा

अब तक 20 राज्यों के 150 गांवों में यह तकनीक पहुंच चुकी है. करीब 60 हजार किसान नियमित रूप से इस मशीन से मिट्टी की जांच कर रहे हैं. किसानों का मानना है कि समय पर और सटीक स्वायल रिपोर्ट मिलने से खाद और उर्वरक के खर्च में कमी आई है और पैदावार में भी बढ़ोतरी हुई है.

किसने बनाई ये मशीन?

स्कैनेक्स नामक क्लाइमेट-स्मार्ट टेक्नोलॉजी स्टार्टअप के फाउंडर रजत वर्धन और उनकी टीम ने मिलकर इसे विकसित किया है. अब तक किसान को अपनी जमीन की मिट्टी की जांच कराने के लिए 80 से 100 दिन तक इंतजार करना पड़ता था, जबकि इस मशीन से मात्र 90 सेकेंड में सटीक रिजल्ट मिल जाता है.

तकनीक कैसे काम करती है?

यह मशीन इंफ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कोपी, आईओटी और एआई/एम एल तकनीक पर आधारित है. यह पूरी तरह ऑटोमैटिक और बैटरी ऑपरेटेड है. किसानों को अब 80-100 दिन इंतजार नहीं करना पड़ेगा, सिर्फ 1.5 मिनट में रिपोर्ट उनके पास होती है.

'भू परिक्षक' मशीन की खासियतें

  • यह मशीन IIT कानपुर के छात्रों द्वारा बनाई गई है.
  • इसका वजन सिर्फ 350 ग्राम है, यानी किसान इसे आसानी से अपने खेत तक ले जा सकते हैं.
  • इसमें किसान को केवल 10 ग्राम मिट्टी डालनी होती है, और सिर्फ 90 सेकंड में यह मिट्टी की पूरी रिपोर्ट दे देती है.
  • भू परिक्षक एक बार में मिट्टी की 6 अहम चीजों की जांच करता है

निष्कर्ष

‘भू परिक्षक’ मशीन से किसानों को अब अपने खेत की मिट्टी जांचने के लिए न तो ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते हैं और न ही समय. इससे खेती साइंटिफिक और स्मार्ट बन रही है. आने वाले समय में यह तकनीक भारत के हर किसान के लिए वरदान साबित हो सकती है.

खबर से जुड़ा FAQs


Q1. ‘भू परिक्षक’ क्या है?
'भू परिक्षक' एक स्मार्ट मिट्टी जांचने वाली मशीन है, जो सिर्फ 90 सेकंड में खेत की मिट्टी का विश्लेषण करती है.

Q2. मशीन कैसे काम करती है?
मशीन में किसान 10 ग्राम मिट्टी डाल सकते हैं. स्टार्ट बटन दबाते ही मशीन 90 सेकंड में मिट्टी की रिपोर्ट देती है.

Q3. मशीन किन पोषक तत्वों की जांच करती है?
भू परिक्षक मशीन मिट्टी में 6 घटकों की जांच करती है.

Q4. क्या यह मशीन किसानों को सीधे मिल रही है?
फिलहाल यह मशीन किसानों को सीधे नहीं बेची जा रही है.

Q5. इसका क्या फायदा है?
किसान को सटीक और तेज मिट्टी रिपोर्ट मिलती है. उर्वरकों का सही उपयोग होता है, जिससे खर्च कम और उत्पादन ज्यादा होता है.

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