फसल कटाई के बाद का नुकसान अब होगा कम, बढ़ेगा किसान का मुनाफा, इस कंपनी ने पेश की नई तकनीक

Food Waste Reduction: इस समाधान में मिथाइल साइक्लोप्रोपीन का इस्तेमाल किया जाता है, जो एक प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर है और जो एथिलीन को रोककर पकने में देरी करता है.
फसल कटाई के बाद का नुकसान अब होगा कम, बढ़ेगा किसान का मुनाफा, इस कंपनी ने पेश की नई तकनीक

Food Waste Reduction: ट्रॉपिकल एग्रोसिस्टम (इंडिया) ने फसल कटाई के बाद खाद्य पदार्थो की बर्बादी कम करने के लिए अमेरिका स्थित एग्रोफ्रेश इंक (AgroFresh Inc) के समाधानों के वितरण का विस्तार कर रही है. इन समाधानों में फसल कटाई के बाद प्रबंधन की तकनीक शामिल है, जो कोल्ड स्टोरेज पर निर्भरता कम करती है और ऊर्जा की खपत को नियंत्रित करती है. इससे परिवहन के दौरान उपज के खराब न होने की अवधि बढ़ती है.

इस समाधान में मिथाइल साइक्लोप्रोपीन का इस्तेमाल किया जाता है, जो एक प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर है और जो एथिलीन को रोककर पकने में देरी करता है. यह एक एक प्राकृतिक हार्मोन है, जो फलों को अधिक समय तक ताजा रखता है. ट्रॉपिकल एग्रो (Tropical Agro) के पास भारत में इसके उपयोग का विशेष अधिकार है.

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ट्रॉपिकल एग्रोसिस्टम (Tropical Agrosystem,) के अनुसार ‘स्मार्टफ्रेश इनबॉक्स’ (SmartFresh InBox) स्टोरेज या ट्रांसपोर्टेशन के दौरान सीधे उत्पाद के बक्सों में रखे जाने वाले पाउच में आता है, जिससे माल की तत्काल आवाजाही संभव हो जाती है.

भारत में इस फसल के लिए मिली मंजूरी

इस तकनीक को भारत में सेब (Apple) के लिए मंजूरी दी गई है, जबकि अन्य फसलों के लिए परीक्षण जारी है. ग्लोबल लेवल पर इस प्रणाली का इस्तेमाल सेब, नाशपाती (Pears), आलूबुखारा (Plums), कीवी (Kiwifruit), टमाटर (Tomatoes), ब्रोकली (Broccoli), खरबूजे (Melons)और अन्य फलों पर किया गया है. भारत में, परीक्षणों ने अंगूर (Grapes), अमरूद (Guava), चीकू (Sapota), अनार (Pomegranate) और सीताफल (Custard Apples) पर इसकी प्रभावशीलता दिखाई है.

'सवाल कल का है' अभियान

कंपनी ने एक बयान में कहा कि यह उत्पाद 250 पाउच के पैक में उपलब्ध है, जिनकी खुराक 0.625 ग्राम और 1.25 ग्राम है, ताकि अलग-अलग उत्पादन मात्राओं के अनुसार इसे इस्तेमाल किया जा सके. यह सहयोग ट्रॉपिकल एग्रो की स्थिरता पहलों पर आधारित है, जिसमें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने वाला उसका 'SawalKalKaHai' अभियान भी शामिल है.

भारत में एग्रोफ्रेश इंक. के अकाउंट मैनेज डॉ. संजय कुमार कुंडू ने कहा, भारत एग्रोफ्रेश के लिए एक प्रमुख बाजार है, और हम ट्रॉपिकल एग्रो के साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्साहित हैं ताकि हम अपने कटाई-पश्चात नवाचारों को ज़्यादा किसानों और सप्लाई चेन के हितधारकों तक पहुंचा सकें. ट्रॉपिकल एग्रो की मजबूत स्थानीय पहुंच के साथ, हमारा मानना है कि स्मार्टफ्रेश इनबॉक्स का एक परिवर्तनकारी प्रभाव होगा.

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