बंपर सब्सिडी का ऐलान! अब टमाटर से लेकर लौकी तक उगाने पर सरकार देगी 90% तक छूट, इन किसानों की होगी चांदी ही चांदी!

मध्यप्रदेश सरकार ने हाल ही में जनजातीय किसानों को सब्जी खेती बढ़ाने के लिए 90% तक सब्सिडी देने की योजना शुरू की है. इस योजना से टमाटर, लौकी, करेला, गोभी जैसी सब्जियों की खेती पर लागत कम होगी और किसानों की आमदनी में बड़ा इजाफा होगा.
बंपर सब्सिडी का ऐलान! अब टमाटर से लेकर लौकी तक उगाने पर सरकार देगी 90% तक छूट, इन किसानों की होगी चांदी ही चांदी!

मध्यप्रदेश सरकार ने जनजातीय इलाकों में रहने वाले किसानों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है, जो उनकी खेती के तरीकों, इनकम को बढ़ा सकता है.असल में अब सरकार वनपट्टाधारी और जनजाति किसानों(Forest lease holders and tribal farmers) को सब्जी उत्पादन के लिए 90% तक सब्सिडी देने वाली है. यानी कि यहां के किसान अगर किसान टमाटर, लौकी, करेला, पत्ता गोभी, फूलगोभी, शिमला मिर्च, ब्रोकली जैसी सब्जियों की खेती करना चाहते हैं, तो उन्हें बीज, खाद, सिंचाई साधन और खेती के अन्य सामान का बहुत कम खर्च करना पड़ेगा और 90% तक की सब्सिडी मिलने वाली है.

जी हां सरकार खुद खेती की लागत का बड़ा हिस्सा उठाने वाली है. इसके जरिए ग्रामीण और जनजातीय परिवारों को केवल अनाज और दाल जैसी परंपरागत खेती पर निर्भर रहने की बजाय, सब्जियों जैसी अधिक कमाई देने वाली फसलों की ओर बढ़ाया जाए. इससे किसानों की महीने-दर-महीने इनकम बढ़ेगी और उनका आर्थिक भविष्य मजबूत होगा.

किन जिलों में मिलेगा ये लाभ

यह स्कीम मध्यप्रदेश के उन 16 जिलों में लागू होगी, जहां जनजातीय आबादी ज्यादा है. इनमें नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, मंडला, सिवनी, छिंदवाड़ा, कटनी, नरसिंहपुर, डिंडोरी, बालाघाट, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, भोपाल और सीहोर जैसे जिले शामिल हैं. खास बात यह है कि भोपाल संभाग के कोलार बांध जैसे इलाकों में रहने वाले वनपट्टाधारी परिवार भी इसका बेनेफिट्स ले सकेंगे. इन इलाकों में खेती की संभावनाएं हैं, लेकिन पूंजी और तकनीक की कमी की वजह से किसान ज्यादा लाभ नहीं ले पाते,तो अब यह योजना उनके लिए उम्मीद की नई किरण साबित हो सकती है.

सिर्फ सब्सिडी ही नहीं एजूकेट भी किया जाएगा

सरकार केवल सब्सिडी ही नहीं देगी, बल्कि किसानों को सब्जी खेती के लिए पूरी तरह एजूकेट भी किया जाएगा.यानी कि खेती में किस तरह की मिट्टी उचित होती है, कौन सी सब्जी किस मौसम में सबसे अच्छी पहोती है, सिंचाई कैसे की जाए, पौधों को रोगों और कीड़ों से कैसे बचाया जाए, कटाई और पैकिंग कैसे करें, और मंडी तक सही दाम में फसल कैसे बेची जाए आदि, यानी किसान सिर्फ उगाएंगे नहीं, बल्कि समझदारी से उगाएंगे और सही दाम पर बेचकर अच्छा लाभ भी कमा सकेंगे.

किन सब्सियों पर मिलने वाली है सब्सिडी

जी हां राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत 16 जिलों के जनजातीय किसानों को सब्जी की खेती के लिए 90 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी देने का फैसल लिया है. सब्सिडी वाली सब्जियों की सूची काफी बड़ी है, जिससे किसानों को अपनी पसंद और जमीन की अनुकूलता के अनुसार फसलों का चुनाव करने की आज़ादी मिलती है. इनमें टमाटर, लौकी, करेला, भिंडी, खीरा, बैंगन, हरी मटर, गाजर, शलजम, चुकंदर, शकरकंद, फूलगोभी, पत्ता गोभी, ब्रोकली, राजमा, सहजन की फली (मुनगा) और शिमला मिर्च जैसी कई सब्जियां शामिल हैं. ये फसलें कम समय में तैयार होती हैं और बाजार में इनकी मांग हमेशा बनी रहती है, इसलिए किसानों को निरंतर कमाई मिलती रहती है.

कैसे मिलेगा लाभ

इस योजना का लाभ पाने के लिए किसानों को MPFSTS पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन करना होगा.रजिस्ट्रेशन के बाद चयनित किसानों को ट्रेनिंग दी जाएगी और खेती से जुड़ी सामग्री एवं अन्य सुविधाएं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपलब्ध कराई जाएंगी.

खेती की लागत का बोझ घटाने के साथ-साथ सरकार ने किसानों के लिए ब्याज मुक्त फसल ऋण योजना भी जारी रखी है.साल 2025-26 तक किसान सहकारी बैंकों और प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) से शून्य फीसदी ब्याज पर फसल लोन ले सकेंगे.तो इसका मतलब यह है कि किसान फसल तैयार होने तक बिना ब्याज के लोन का उपयोग कर सकेंगे और फसल बिकने के बाद आसानी से इसे वापस चुका सकते हैं.

कुल मिलाकर, यह योजना जनजाति किसानों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने का प्रयास है. इससे न सिर्फ खेतों में हरियाली बढ़ेगी, बल्कि परिवारों की आय भी स्थिर और मजबूत होगी. सब्जियों की खेती से ग्रामीण बाजारों और मंडियों में कारोबारी गतिविधियां भी बढ़ेंगी, जिससे पूरे इलाके का विकास होगा. यह कदम किसानों को आत्मनिर्भर बनने और सुरक्षित फ्यूचर की ओर आगे बढ़ने का अवसर देता है.

5 FAQs

Q1. मध्यप्रदेश सरकार की 90% सब्सिडी योजना का लाभ किसे मिलेगा?
इस योजना का लाभ जनजाति वर्ग के वनपट्टाधारी किसानों को मिलेगा जो सब्जी की खेती करना चाहते हैं.

Q2. किन सब्जियों की खेती पर सब्सिडी मिलेगी?
टमाटर, लौकी, करेला, फूलगोभी, पत्ता गोभी, ब्रोकली, शिमला मिर्च, भिंडी, गाजर, मूली और अन्य पत्तेदार सब्जियों पर सब्सिडी उपलब्ध है.

Q3. इस योजना का उद्देश्य क्या है?
किसानों की आय बढ़ाना, खेती को लाभदायक बनाना और जनजातीय परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत करना ही इस योजना का मुख्य उद्देश्य है.

Q4. योजना का लाभ पाने के लिए कैसे आवेदन करें?
किसानों को MPFSTS पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा, इसके बाद चयनित किसानों को प्रशिक्षण और सहायता दी जाएगी.

Q5. क्या इसके साथ कोई अन्य लाभ भी मिलेगा?
हाँ, राज्य सरकार ने फसल ऋण पर शून्य प्रतिशत ब्याज की सुविधा भी जारी रखी है ताकि किसानों पर आर्थिक भार कम रहे.

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