शहरों में खेती का नया ट्रेंड! छत पर उगाएं जैविक सब्जियां, इन राज्यों में मिल रही है 75% तक सब्सिडी

Terrace Farming: आने वाला समय 'अर्बन फार्मिंग' का है. जिस तरह से शहरों में जमीन की कमी हो रही है, अपनी छत को उत्पादक बनाना एक स्मार्ट फैसला है. सरकार का 70-75% पैसा लगाना यह दर्शाता है कि वे जैविक खेती को लेकर कितनी गंभीर हैं.
शहरों में खेती का नया ट्रेंड! छत पर उगाएं जैविक सब्जियां, इन राज्यों में मिल रही है 75% तक सब्सिडी

शहरों में छत पर खेती के लिए कई राज्यों की सरकारें सब्सिडी प्रदान करती हैं. (प्रतीकात्मक फोटो: AI/Chatgpt)

Terrace Farming: आज के दौर में शुद्ध और कीटनाशक-मुक्त सब्जियां मिलना किसी चुनौती से कम नहीं है. शहरों की कंक्रीट की दुनिया में अक्सर हम यह सोचकर रह जाते हैं कि काश! हमारे पास भी थोड़ी जमीन होती तो अपनी सब्जियां खुद उगाते, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी घर की छत ही अब आपका छोटा सा खेत बन सकती है?

खबर आपके काम की क्यों है?

  • अब बिना खेत के भी घर पर जैविक सब्जियां उगाई जा सकती हैं
  • बिहार, झारखंड और राजस्थान जैसे राज्यों में रूफटॉप गार्डनिंग पर 70-75% तक सब्सिडी मिल रही है
  • छत पर टमाटर, मिर्च, पालक, धनिया, लौकी जैसी सब्जियां आसानी से उगाई जा सकती हैं
  • इससे महंगी और केमिकल वाली सब्जियों पर निर्भरता घटेगी

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आखिर सरकार रूफटॉप गार्डनिंग को इतना बढ़ावा क्यों दे रही है?

शहरों में तेजी से बढ़ते प्रदूषण, महंगी सब्जियां और केमिकल वाले खाने की चिंता अब सरकारों के लिए भी बड़ा मुद्दा बन चुकी है. यही वजह है कि कई राज्य सरकारें लोगों को अपनी छत पर जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं.

रूफटॉप गार्डनिंग सिर्फ शौक नहीं, बल्कि अब अर्बन फूड सिक्योरिटी का हिस्सा बनती जा रही है. इससे परिवारों को ताजी सब्जियां मिलती हैं, बिजली की खपत कम होती है और घर का तापमान भी नियंत्रित रहता है.

रूफटॉप गार्डनिंग का सीधा मतलब है अपनी छत के खाली स्पेस का उपयोग करके जैविक तरीके से फल, सब्जियां और औषधीय पौधे उगाना. सरकार के निवेश के पीछे 3 बड़े कारण हैं-

  • बाजार में मिलने वाली कीटनाशक-युक्त सब्जियों से बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है.
  • शहरों में बढ़ते प्रदूषण को कम करने और ऑक्सीजन लेवल सुधारने के लिए हरियाली जरूरी है.
  • शहरी परिवार अपनी भोजन की जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर बनें और पलायन जैसी समस्याओं पर लगाम लगे.

कौन-कौन से राज्यों में मिल रही है सब्सिडी?

बिहार सरकार की रूफटॉप गार्डनिंग योजना के तहत शहरी लोगों को छत पर खेती करने के लिए मदद दी जा रही है.

कितना खर्च और कितनी सहायता?

  • लागत: एक यूनिट की कुल लागत करीब 60,000 रुपये तय की गई है
  • सब्सिडी: सरकार इस पर 75% की सब्सिडी दे रही है
  • अधिकतम सहायता: 45,000 रुपये

यूनिट में क्या मिलेगा?

फार्मिंग बेड
मिट्टी
जैविक खाद
बीज
जरूरी स्ट्रक्चर

इसका फायदा क्या?

छत पर सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से खेती की जा सकेगी.

राजस्थान की 'स्मार्ट सिटी रूफटॉप फार्मिंग' योजना क्या है?

जयपुर के निवासियों के लिए आईएसआईटीसी (ISITC) दुर्गापुरा ने एक विशेष प्रोजेक्ट शुरू किया है.

  • कुल लागत: एक यूनिट के लिए 53,619 रुपये का बजट रखा गया है.
  • सब्सिडी: राजस्थान सरकार 70% अनुदान दे रही है.

कौन आवेदन कर सकता है?

केवल निजी आवासीय भवनों के मालिक
कमर्शियल बिल्डिंग पात्र नहीं

झारखंड की 'अर्बन फार्मिंग' योजना के क्या फायदे हैं?

झारखंड सरकार ने 'प्रोमोशन ऑफ अर्बन फार्मिंग' योजना के तहत शहरी परिवारों को छत पर खेती के लिए प्रोत्साहित किया है. झारखंड सरकार (विशेषकर बोकारो जिला) शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है.

योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  • परिवारों की आय बढ़ाना
  • पोषण सुधारना
  • शहरी हरियाली बढ़ाना
  • ऑक्सीजन स्तर सुधारना
  • पलायन रोकना

कितनी सब्सिडी मिलेगी?

  • कुल लागत पर 75% अनुदान
  • यह योजना खासतौर पर बोकारो समेत शहरी और आसपास के क्षेत्रों में लागू की जा रही है.
  • अगर आप शहर में रहते हैं, तो ये योजना आपके बहुत काम की हो सकती है.

आपको क्या फायदा होगा?

  • रोज ताजी और जहर मुक्त सब्जियां
  • हर महीने सब्जियों का खर्च कम
  • बच्चों को नेचुरल फूड
  • घर की छत का बेहतर इस्तेमाल
  • गर्मियों में घर का तापमान कम

किन लोगों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद?

फ्लैट और मकान मालिक
रिटायर्ड लोग
गृहिणियां
हेल्थ कॉन्शियस परिवार
छोटे स्तर पर कमाई शुरू करने वाले लोग

rooftop gardening

क्या सच में छत पर खेती आसान है?

हां, अगर सही प्लानिंग हो तो 100-200 स्क्वायर फीट की छत पर भी अच्छी खेती की जा सकती है.

शुरुआत में क्या-क्या चाहिए?

  • ग्रो बैग या कंटेनर
  • अच्छी मिट्टी
  • वर्मी कम्पोस्ट
  • धूप वाली जगह
  • नियमित पानी

छत पर कौन-कौन सी सब्जियां आसानी से उगाई जा सकती हैं?

कम जगह में ज्यादा उत्पादन देने वाली फसलें-

  • टमाटर
  • मिर्च
  • बैंगन
  • पालक
  • मेथी
  • धनिया
  • लौकी
  • करेला
  • खीरा

क्या रूफटॉप गार्डनिंग से कमाई भी हो सकती है?

छोटे स्तर पर शुरुआत करने वाले लोग धीरे-धीरे इसे माइक्रो बिजनेस में भी बदल सकते हैं.

कैसे?

  • ऑर्गेनिक सब्जियां बेचकर
  • नर्सरी तैयार करके
  • जैविक खाद बनाकर
  • माइक्रोग्रीन्स उगाकर

आज कई शहरों में लोग घर की छत से हर महीने हजारों रुपये तक कमा रहे हैं.

क्या छत पर खेती करने से घर को नुकसान होता है?

यह एक बड़ा डर है, लेकिन आधुनिक 'रूफटॉप फार्मिंग' इसी का समाधान है. मिट्टी सीधे छत पर नहीं डाली जाती, बल्कि विशेष स्टैंड और ड्रेनेज सेल वाले बेड का उपयोग होता है. यूनिट लगाने से पहले छत की वाटरप्रूफिंग की सलाह दी जाती है, जिससे सीलन का खतरा नहीं रहता.

निष्कर्ष

अगर आप शहर में रहते हैं और बढ़ती महंगाई व केमिकल वाली सब्जियों से परेशान हैं, तो यह आपके लिए 'हेल्थ और वेल्थ' दोनों का सौदा है. कम निवेश में आप सालों-साल ताजा सब्जियां पा सकते हैं. इससे न केवल आपके किचन का खर्च कम होगा, बल्कि गर्मी के दिनों में आपकी छत का तापमान भी कम रहेगा, जिससे घर ठंडा रहेगा.

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 क्या फ्लैट की छत पर भी खेती हो सकती है?

हां, अगर सोसायटी अनुमति दे और छत मजबूत हो तो कंटेनर गार्डनिंग आसानी से की जा सकती है.

Q2 क्या इसमें बहुत ज्यादा पानी लगता है?

नहीं, ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग से पानी की बचत होती है

Q3 क्या सरकार हर राज्य में सब्सिडी दे रही है?

अभी कुछ राज्यों में योजना लागू है

Q4 क्या जैविक खेती के लिए केमिकल खाद जरूरी है?

नहीं, वर्मी कम्पोस्ट और जैविक खाद से बेहतर उत्पादन लिया जा सकता है.

Q5 क्या इससे घर का तापमान भी कम होता है?

हां, छत पर हरियाली होने से गर्मी का असर कम होता है.

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