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Success Story: खेत-किसानी में युवाओं की भागदारी बढ़ने लगी है. पढ़ाई-लिखाई कर युवा अब नौकरी की जगह खेती को तरजीह देने लगते हैं. ऐसे ही एक युवा किसान हैं रितक राज, जिसने पटना यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन कर चुके एक युवक ने नौकरी की जगह जैविक खेती (Organic Farming) को अपनाया. युवक ने लीज पर जमीन लेकर स्ट्रॉबेरी की खेती (Strawberry Farming) वर्ष 2024 में शुरू की. पहले ही वर्ष में युवक को लगत से दोगुना मुनाफा हुआ.
बिहार कृषि विभाग के मुताबिक, मधेपुरा के युवा किसान रितक राज ने पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी शुरू की, लेकिन इसी दौरान कुछ अलग करने का विचार उनके मन आया. वहां से घर लौटकर उन्होंने जैविक खेती की दिशा में कदम बढ़ाया. वे बताते हैं कि बालम गढ़िया में 5 कट्ठा जमीन लीज पर लेकर स्ट्रॉबेरी (Strawberry) का पौधा लगाया था. उनके द्वारा लगाया गया स्ट्रॉबेरी पूरी तरह से ऑर्गेनिक है. स्ट्रॉबेरी के अलावे मशरूम (Mushroom) का उत्पादन भी कर रहे हैं.
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5 कट्ठा खेत में लगाए गए स्ट्रॉबेरी (Strawberry) पौधों से करीब 4 से 5 माह तक फसल आता है. उनके खेत से निकलने वाला स्ट्रॉबेरी की खपत अभी मधेपूरा में हो रहा है. बाजार की कोई दिक्कत नहीं है. पिछले 3 महीने में 2 लाख रुपये से ज्यादा का स्ट्रॉबेरी बेच चुके हैं. पिछले साल नवंबर में रितक राज ने स्ट्रॉबेरी के 5 हजार पौधे लगाए थे. अभी बाजार में इसकी बिक्री की जा रही है.
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युवा किसान के मुताबिक कृषि विभाग से अगर इस फसल पर अनुदान मिलने लगे तो किसान को काफी सहूलियत होगी. वहीं, युवा इस तरह से ऑर्गेनिक खेती की दिशा में अपना रुख करेंगे.
स्ट्रॉबेरी की खेती मुख्य रूप से महाराष्ट्र के महाबलेश्वर के इलाके में होती है. वहां के फसल में जो मिठास है, वही मिठास उनके द्वारा लगाए गए फसल में भी है. इसकी मुख्य वजह है कि ऑर्गेनिक तरीक से खेती की गई है. इसके अलावा यहां लगाया गया पौधा भी महाराष्ट्र के महाबलेश्वर से मंगाया गया था.