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Success Story: अब पढ़े-लिखे युवा भी खेती-किसानी को करियर के रूप में देख रहे हैं. हरियाणा के रोहतक के मदीना गांव के दो भाई हरदीव व साहिल ने खेती अपनी पहचान बनाई है. एमबीए व बीकॉम पास दोनों भाइयों ने 10 एकड़ बंजर जमीन में लेमन ग्रास (Lemongrass Cultivation) उगाई है. पूरी तरह से ऑर्गेनिक है. खेत में ही लेमन ऑयल व लेमन वाटर निकालने के लिए 12 लाख रुपये खर्च कर प्रोसेसिंग प्लांट लगाया है. यही ऑयल अब वे फाइव स्टार होटलों से लेकर कई बड़ी दवा कंपनियों को सप्लाई कर रहे हैं. एक एकड़ में सालाना 3 से 4 लाख रुपये कमा रहे हैं. दोनों भाइयों द्वारा की गई खेती हर किसान के लिए प्रेरणादायक है.
हरियाणा सरकार बागवानी विभाग के अनुसार, हाल ही दोनों भाइयों ने लेमन-टी भी बाजार में उतारी है. इसके 40 ग्राम के एक पाउच की कीमत 150 रुपये है. इसी तरह लेमन वाटर को भी वे 100-200 ml की बोतलों में भरकर कई शहरों में सप्लाई कर रहे हैं. एडवांस में दवा कंपनियों के ऑयल के ऑर्डर मिल रहे हैं.
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लेमन ग्रास की खेती पूरी तरह से ऑर्गेनिक है. धान की तरह इसकी पनीरी लगानी पड़ती है. इसके बाद 5 साल तक यह पैदावार देती है. 6 से 8 महीने में फसल तैयार हो जाती है और उसके बाद इसकी छंटाई की जाती है. फसल में सिंचाई की गेहूं, धान की तुलना में काफी कम जरूरत पड़ती है. खेत में इस फसल को किसी प्रकार के नुकसान होने का भी कोई खतरा नहीं होता. क्योंकि पशु भी इसको खाते नहीं. इसके पत्त पशु के जबड़े में चुभते हैं.
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उनके पास 20 एकड़ पैतृक जमीन है. लेमन ग्रास की खेती से उन्होंने पहले एचएयू हिसार में कई वर्कशॉप में हिस्सा लिया. इसके बाद हिमाचल प्रदेश के पालमपुर से लेमन ग्रास (Lemongrass) की पनीरी लेकर आए. वर्ष 2023 में उन्होंने दो एकड़ में इसको लगाया था. अब यह रकबा 10 एकड़ तक पहुंच गया है. लेमन ग्रास की खेती से वे धान, गेहूं, कपास, गन्ने जैसी परंपरागत फसलों की तुलना में प्रति एकड़ इस समय 3 से 4 गुना अधिक कमाई कर रहे हैं.