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Agri Business Idea: केंद्र और राज्य सरकारें किसानों को पारंपरिक खेती के अलावा बागवानी फसलों जैसे फल-फूल की खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. गेंदा फूल की खेती (Marigold Farming) एक प्रॉफिटेबल बिजनेस है. यह किसानों को कम समय में अच्छा मुनाफा देती है. इसका फायदा भी किसानों को बढ़िया मिलता है. छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव विकास खंड के ग्राम लोकेर के किसान मोती बंजारा गेंद (Genda Phool) की अच्छी खेती कर रहे हैं और दूसरे किसानों को गेंदे की खेती के लिए प्रोत्साहित भी कर रहे हैं.
छत्तीसगढ़ कृषि विभाग के मुताबिक, किसान मोती बंजारा ने 2014 से गेंदे की खेती करना शुरू किया था. उसने अपने खेत के 20 डिसमिल जमीन में फूल की खेती की. त्योहार के सीजन में गेंदे का अच्छी बिक्री होने से उनको अच्छा मुनाफा होने लगा. किसान के मुताबिक, कृषि विज्ञान केन्द्र डूमरबाहर जशपुर के मार्गदर्शन से ड्रिप मल्चिंग में खेती करना शुरू किया और रकबा को एक एकड़ तक बढ़ाया. जिसके बाद कृषि वैज्ञानिकों ने नेट हाउस (Net House) में खेती करने का सलाह दिया गया. किसान ने पत्थलगांव के उघान विभाग से संपर्क करके अपना आवेदन जमा किया और अब 0.2000 हेक्टेयर में नेट हाउस और 1 एकड़ में ड्रिप मल्चिंग (Drip Mulching) के माध्यम से अब साल भर गेंदे और गेलोडियस की खेती से अच्छा मुनाफा हो रहा है.
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किसान मोती ने बताया कि पिछले दीपावली में ही 15 दिन के भीतर गेंदे फूल की बिक्री से 3 लाख से अधिक की कमाई हो गई. एक सीजन में अच्छा मार्केट होने पर प्रति 1 एकड़ से 3 से 3.50 लाख रुपये की कमाई हो जाता है. उन्होंने बताया कि पिछले खरीब सीजन में 2.5 एकड़ में गेंदे की फसल से अच्छा मुनाफा लिया था. गेंदे की मार्केट जशपुर जिले भर में और आस पास जैसे सरगुजा, बिलासपुर, रायपुर, उड़ीसा, झारखंड भी फूलों की सप्लाई किया जाता है. और अन्य जिलों के साथ अन्य राज्यों से भी मांग निरंतर बनी रहती है. जिले के कई किसान गेंदे की फूल लगाकर अच्छा आमदनी कर रहे हैं.
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किसान ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की अलग-अलग योजना का फायदा उन्हें मिला है. उन्होंने बताया कि अन्य किसान भी उनको देखकर गेंदे की खेती करना चालू कर दिया है और अच्छी आमदनी पा रहे हैं. छत्तीसगढ़ शासन की योजना के तहत क्रेडा विभाग से सौर सूजला योजना का फायदा भी मिला है. कृषि विभाग से गोदाम निर्माण, उद्यान विभाग से पैक हाउस,नेट हाउस जैसे अन्य योजनाओं का भी फायदा उन्हें मिला.
उन्होंने बताया कि गेंदे फूल (Marigold Flower) के अलावा बुके गुलदस्ता बनाकर साल में लगभग 2 लाख की अतिरिक्त कमाई कर लेते हैं. किसान मोती ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनका परिवार बहुत खुश हैं.उनका पारिवारिक जीवन स्तर में सुखद बदलाव आया है.

बता दें कि फूलों खेती कम समय में तैयार हो जाता है. गेंदा लगभग 60-70 दिनों में फूल देना शुरू कर देता है, जिससे किसानों को जल्दी मुनाफा मिलता है. कम लागत, अधिक फायदा इसकी खेती में बहुत ज्यादा निवेश नहीं लगता और इसकी मांग हमेशा बनी रहती है, जिससे अच्छा मुनाफा मिलता है.
शादी-विवाह और त्योहारों पर गेंदे के फूलों की मांग बहुत अधिक होती है. मंदिरों, धार्मिक स्थलों और सजावट के लिए भी इसका उपयोग होता है. गेंदे का उपयोग औषधीय रूप में भी किया जाता है. बाजार में अच्छी कीमत गेंदा हर मौसम में बिकता है, खासकर दिपावली दुर्गा पूजा, गणेश चतुर्थी, होली जैसे त्योहारों पर इसकी कीमत बढ़ जाती है.