&format=webp&quality=medium)
Success Story: ग्रामीण इलाकों में मछली पालन अब खेती से कहीं ज्यादा मुनाफे का सौदा बनता जा रहा है. सरकारी मदद और वैज्ञानिक तकनीक ने मछली पालन को एक बंपर कमाई वाला बिजनेस बना दिया है. जब सही योजना, वैज्ञानिक सोच और मेहनत एक साथ मिलती है, तो सफलता तय होती है. छत्तीसगढ़ के युवा किसान विनय चंद्रवंशी ने परंपरागत के साथ वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन (Fish Farming) अपनाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) का फायदा लेकर उन्होंने मत्स्य पालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है. आज वे इससे लाखों की कमाई कर रहे हैं और क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं.
क्या है प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना?
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana) केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य मछली पालन का आधुनिकीकरण करना, उत्पादन बढ़ाना और मछली पालकों की आय में इजाफा करना है. इस योजना के तहत मछली पालकों को 40% से 60% तक की सब्सिडी दी जाती है. योजना के तहत तालाब निर्माण, मछली बीज, आहार, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता प्रदान की जाती है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आजीविका के अवसर तैयार हो रहे हैं.
छत्तीसगढ़ कृषि विभाग के अनुसार, स्नातक करने के बाद विनय चंद्रवंशी ने अपनी ही जमीन पर मछली के तालाब बनाने के लिए योजना के तहत आवेदन किया. सभी जरूरी जांच और प्रक्रियाओं के बाद उनका चयन किया गया.
ये भी पढ़ें- अब सब्जियों की खेती से चमकेगी किसानों की किस्मत, बीज पर मिल रही 75% तक सब्सिडी, जानें पूरी डीटेल
इस परियोजना में कुल 7 लाख रुपये की लागत आई, जिसमें से 2.80 लाख रुपये का अनुदान उन्हें डीबीटी के माध्यम से मिला. तालाब बनाने के बाद मत्स्य पालन विभाग, कबीरधाम द्वारा उन्हें वैज्ञानिक मछली पालन का प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और नियमित निगरानी दी गई. पहले वर्ष विभाग द्वारा मछली बीज के साथ 3,000 रुपये मूल्य का मछली आहार भी उपलब्ध कराया गया, जिससे उत्पादन की अच्छी शुरुआत हुई.
शासन के सहयोग और अपनी लगातार मेहनत के कारण विनय चंद्रवंशी ने पंगेसियस मछली का पालन किया. इससे उन्हें लगभग 4.60 लाख रुपये की कमाई हुई. अब तक वे लगभग 42 टन मछली का उत्पादन कर चुके हैं. आज विनय चंद्रवंशी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होकर अपने परिवार का अच्छे से भरण-पोषण कर रहे हैं. उनकी यह सफलता आसपास के ग्रामीणों और युवाओं को मछली पालन जैसे बिजनेस की ओर प्रेरित कर रही है.
ये भी पढ़ें- Success Story: खेती की तकनीक बदलते ही चमक गई युवा किसान की किस्मत, अब हो रहा लाखों का मुनाफा
1. विनय चंद्रवंशी ने आत्मनिर्भरता कैसे हासिल की?
उसने परंपरागत खेती के साथ वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन अपनाया.
2. उन्हें किस सरकारी योजना से मदद मिली?
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) का फायदा मिला.
3. योजना के तहत विनय ने क्या किया?
अपनी ही जमीन पर मछली तालाब का निर्माण कराया और वैज्ञानिक मत्स्य पालन शुरू किया.
4. इस परियोजना की कुल लागत कितनी थी?
कुल परियोजना लागत करीब ₹7 लाख रही.
5. उन्हें कितना अनुदान मिला?
योजना के तहत ₹2.80 लाख का अनुदान डीबीटी के माध्यम से मिला.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)