बिहान योजना से अनीता पटेल बनीं आत्मनिर्भर, सब्जी की खेती से कमा रही ₹20,000 महीना

Success Story: आय कम होने के कारण बच्चों की पढ़ाई भी संकट में पड़ गई थी. ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार की बिहान योजना (Bihan Yojana) ने उनकी जिंदगी बदल दी.
बिहान योजना से अनीता पटेल बनीं आत्मनिर्भर, सब्जी की खेती से कमा रही ₹20,000 महीना

Farmer Anita Patel.

Success Story: आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत संचालित बिहान योजना (Bihan Yojana) आशा की किरण बन रही है. बिहान योजना ने मुंगेली जिले के ग्राम पंचायत कंतेली के सुरदा गांव की अनीता पटेल के जीवन को नई दिशा दी है.

काफी कठिनाइयों में गुजर रहा था जीवन

छत्तीसगढ़ कृषि विभाग के मुताबिक, अनीता पटेल के पास महज 1 एकड़ जमीन थी. पति और तीन बच्चों के साथ उनका जीवन काफी कठिनाइयों में गुजर रहा था. आय कम होने के कारण बच्चों की पढ़ाई भी संकट में पड़ गई थी. ऐसे में शासन की बिहान योजना (Bihan Yojana) ने उनकी जिंदगी बदल दी.

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क्या है राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन?

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (National Rural Livelihoods Mission- NRLM) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक प्रमुख योजना है जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों की आजीविका में सुधार करना है. ग्रामीण महिलाओं को स्व-सहायता समूहों SHGs) के माध्यम से संगठित कर आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है.

बिहान योजना क्या है?

बिहान योजना, जिसे छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के नाम से भी जाना जाता है, छत्तीसगढ़ सरकार की एक योजना है जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त बनाना और उनकी आजीविका में सुधार करना है.

सब्जी की खेती शुरू की

अनीता ने 'मां शाकम्भरी स्व सहायता समूह' का गठन किया. समूह को 15 हजार रुपये की चक्रीय निधि और 60 हजार रुपये का सामुदायिक निवेश फंड मिला. इस राशि का उपयोग कर उन्होंने सब्जी की खेती (Vegetable Cultivation) शुरू की.

सालाना 2.50 लाख रुपये की कमाई

खेती का दायरा बढ़ा तो बैंक से शासन की मदद से 1 लाख रुपये का लोन भी उपलब्ध कराया गया. अनीता पटेल अपनी बाड़ी में ग्राफ्टेड मिर्ची, भाटा और अन्य सब्जियां उगाकर सालाना लगभग 2.50 लाख रुपये की आय कमा रही हैं. मुंगेली मंडी नजदीक होने से उन्हें सब्जियों की बिक्री आसान हो जाती है और नगद भुगतान भी मिल जाता है.

अनीता ने बताया कि 'बिहान योजना' (Bihan Yojana) से जुड़कर न केवल परिवार चलाना आसान हुआ, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो गई है. उन्होंने अन्य महिलाओं को भी इस योजना का फायदा उठाकर आत्मनिर्भर बनने की अपील की. अनीता ने कहा कि अब उनके बच्चों के बेहतर भविष्य के सपनों को सच करने की राह आसान हो गई है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)


Q1. बिहान योजना क्या है?
Ans: बिहान योजना, जिसे छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (CGSRLM) के नाम से भी जाना जाता है, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाई जा रही एक योजना है

Q2. बिहान योजना से कौन फायदा उठा सकता है?
Ans: छत्तीसगढ़ राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों की गरीब महिलाएं इस योजना से जुड़कर स्व-सहायता समूह के माध्यम से फायदा उठा सकती हैं.

Q3. बिहान योजना के तहत क्या-क्या सहायता मिलती है?
Ans: बिहान योजना के तहत रिवॉल्विंग फंड, सामुदायिक निवेश फंड, बैंक लोन पर सहुलियत, कौशल विकास प्रशिक्षण और मार्केट लिंक मार्गदर्शन मिलता है.

Q4. स्व-सहायता समूह कैसे बनता है?
Ans: ग्रामीण महिलाएं मिलकर 10-20 सदस्यों का समूह बनाती हैं जिसे स्व-सहायता समूह (SHG) कहा जाता है.

Q5. क्या बिहान योजना से जुड़ने के लिए कोई शुल्क देना होता है?
Ans: नहीं, यह योजना सरकार द्वारा प्रायोजित है और इससे जुड़ने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होता.

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