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क्या आप कम पानी, कम लागत और कम मेहनत में तगड़ा मुनाफा कमाना चाहते हैं? तो फिर बाजरे की खेती आपके लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है. वैसे तो बाजरा सिर्फ एक अनाज नहीं, बल्कि किसानों के लिए कमाई का एक शानदार जरिया भी है, स्पेशली उन इलाकों में जहां पर पानी की कमी रहती है. तो यह फसल कैसे आपको मालामाल कर सकती है, आइए आज सब कुछ आसान भाषा में समझते हैं.
असल में बाजरा सूखे या कम बारिश वाले इलाकों के लिए वरदान मानते हैं. इसे बहुत कम पानी में भी उगाया जा सकता है, साथ ही खाद और कीटनाशकों का खर्च कम आता है. बाजरा तेजी से बदलते मौसम और सूखे को आसानी से झेल सकता है.
मिट्टी: बाजरा किसी भी तरह की मिट्टी में उग सकता है, लेकिन बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानते हैं.
जुताई: खेत की 1-2 बार गहरी जुताई करें और मिट्टी को भुरभुरा बनाएं ताकि खरपतवार भी निकल जाएं.
सही किस्म का चुनाव: अपने इलाके की जलवायु और मिट्टी के हिसाब से RHB-177, HHB-67 इम्प्रूव्ड, HHB-226, पूसा 23 में से सही किस्म चुनें.
बुवाई का समय: वैसे जून के आखिर से जुलाई के मध्य तक बुवाई सबसे अच्छी रहती है, लेकिन मानसून की बारिश के बाद बुवाई कर सकते हैं.
बुवाई का तरीका: पंक्तियों में बुवाई करें। पंक्ति से पंक्ति की दूरी 45-60 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 10-15 सेंटीमीटर रखें।
बीज को 2-3 सेंटीमीटर से ज़्यादा गहरा न बोएं और प्रति एकड़ 1.5 से 2 किलो बीज काफी होता है.
सिंचाई: बाजरे को बहुत कम पानी चाहिए होता है और अगर बारिश अच्छी हो जाए तो सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ती है.
उन्नत किस्मों से प्रति एकड़ 8 से 15 क्विंटल (800 से 1500 किलो) बाजरा पैदा हो सकता है, लेकिन हम एक औसत 10 क्विंटल (1000 किलो) प्रति एकड़ मानकर चलते हैं.
मार्केट: बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लगभग ₹2,500 से ₹2,700 प्रति क्विंटल होता है.बाज़ार में अच्छे भाव पर यह ₹2,800 से ₹3,500 प्रति क्विंटल तक बिक सकता है. तो हम एक औसत ₹2,800 प्रति क्विंटल मानकर चलते हैं.
ग्रास इनकम: 10 क्विंटल x ₹2,800/क्विंटल = ₹28,000 प्रति एकड़
खेत की जुताई: ₹1,500 - ₹2,000
बीज: ₹300 - ₹500
खाद और उर्वरक: ₹2,000 - ₹3,000
खरपतवार नियंत्रण/गुड़ाई: ₹1,000 - ₹1,500
कटाई और थ्रेशिंग: ₹2,000 - ₹3,000
अन्य छोटे-मोटे खर्च: ₹500 - ₹1,000
फुल कुल लागत का कैलकुलेशन : करीब ₹7,300 - ₹11,000 प्रति एकड़
हम एक औसत ₹9,000 प्रति एकड़ मान लेते हैं.
नेट प्रॉफिट: ₹28,000 - ₹9,000 = ₹19,000 प्रति एकड़
तो देखा आपने? एक एकड़ बाजरे की खेती से आप ₹19,000 तक का शुद्ध मुनाफा कमा सकते हैं.
बाजरे की कटाई के बाद उसका बचा हुआ डंठल और पत्तियां चारा के लिए बेचकर प्रति एकड़ ₹4,000 से ₹6,000 तक की अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं.
कुल मुनाफा (अनाज + चारा): ₹19,000 (अनाज) +करीब ₹5,000 (चारा) = करीब ₹24,000 प्रति एकड़
अगर आपके पास 2-3 एकड़ जमीन है, फिर आसानी से एक सीजन में ₹40,000 से ₹70,000 या उससे भी ज़्यादा कमा सकते हैं. लेकिन इसके लिए सही किस्म और मार्केट के रेट का पूरा ध्यान रखना जरूरी होता है.(नोट: खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है, कमाई का कैलकुलेशन कम-ज्यादा हो सकता है)
5 FAQs
Q1. बाजरे की खेती क्यों फायदेमंद है?
क्योंकि इसमें कम पानी, कम लागत और कम मेहनत लगती है और फिर भी अच्छी पैदावार मिलती है.
Q2. बाजरा किन इलाकों में सबसे ज्यादा उगाया जाता है?
सूखा या कम बारिश वाले इलाकों में बाजरे की खेती सबसे ज्यादा सफल रहती है.
Q3. बाजरे की खेती में कितना खर्च आता है?
यह बहुत कम लागत वाली फसल है, जिसमें खाद और कीटनाशक का खर्च भी न्यूनतम होता है.
Q4. बाजरे की फसल कितने समय में तैयार होती है?
बाजरा लगभग 70 से 90 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाता है.
Q5. बाजरे की खेती से किसानों को कितना मुनाफा हो सकता है?
सही देखभाल और उचित मार्केट प्राइस मिलने पर किसानों को दोगुना तक मुनाफा मिल सकता है.
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