PMFBY: कटाई के बाद खेतों में सुखाई के लिए रखी फसलों में नुकसान पर भी मिलता है मुआवजा, जानें क्लेम करने का प्रोसेस

Crop Insurance: अब कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी फसल को भी नुकसान पहुंचता है, तो उसका भी मुआवजा दिया जाता है. बहुत कम किसान इस महत्वपूर्ण बात को जानते हैं. 
PMFBY: कटाई के बाद खेतों में सुखाई के लिए रखी फसलों में नुकसान पर भी मिलता है मुआवजा, जानें क्लेम करने का प्रोसेस

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana.

Crop Insurance: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को लेकर किसानों में एक आम धारणा है कि यह योजना सिर्फ खेत में खड़ी फसल के नुकसान पर मुआवजा देती है. लेकिन अब इसका दायरा कहीं ज्यादा बड़ा और फायदेमंद हो गया है. अब कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी फसल को भी नुकसान पहुंचता है, तो उसका भी मुआवजा दिया जाता है. बहुत कम किसान इस महत्वपूर्ण बात को जानते हैं.

क्या है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)?

PMFBY भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसका उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, कीट हमलों और फसल नुकसान से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है. यह योजना किसानों को कम प्रीमियम पर बीमा कवर देती है और फसल की क्षति की भरपाई सुनिश्चित करती है

अब कटाई के बाद भी मिल सकता है मुआवजा- जानिए कैसे?

PMFBY के तहत फसल क्षति की तीन स्थितियों को कवर किया जाता है- बीज बोने के बाद फसल की क्षति, त में खड़ी फसल की क्षति और फसल कटाई के बाद की क्षति. यह तीसरा पहलू कई किसानों के लिए नया और चौंकाने वाला हो सकता है, लेकिन यह किसानों के हित में बड़ा कदम है.

कटाई के बाद फसल क्षति कब होती है?

जब किसान फसल काटने के बाद उसे खेत में ही 10-12 दिन के लिए धूप में सुखाने के लिए छोड़ते हैं, तो उसी दौरान अगर

  • तेज बारिश
  • ओलावृष्टि
  • बाढ़

जैसी कोई आपदा आ जाए और फसल बर्बाद हो जाए, तो उसका भी मुआवजा दिया जाता है.

किन शर्तों पर मिलेगा यह मुआवजा?

राज्य सरकार को उस क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा की पुष्टि करनी होती है. क्षति की सूचना किसान को 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को देनी होती है. फसल कटाई के बाद अधिकतम 14 दिनों तक खेत में सुखाने के लिए छोड़ी गई फसल की हानि ही कवर होती है. फसल बीमा पॉलिसी में शामिल होनी चाहिए और बीमा प्रीमियम समय पर जमा किया गया हो

कौन-कौन सी फसलें होती हैं कवर?

PMFBY के तहत खरीफ, रबी और वार्षिक वाणिज्यिक/बागवानी फसलें कवर की जाती हैं. जैसे-

गेहूं, धान, मक्का
सरसों, चना
कपास, गन्ना
बागवानी की फसलें (जहां राज्य अनुमति दे)

कितना मिलता है मुआवजा?

मुआवजे की राशि आपकी फसल के बीमित मूल्य और नुकसान की मात्रा के आधार पर तय की जाती है.

कैसे करें दावा?

  • 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी / कृषि विभाग / CSC केंद्र पर सूचना दें.
  • फसल का फोटो / वीडियो सबूत तैयार रखें.
  • बीमा कंपनी द्वारा फील्ड सर्वे किया जाएगा.

सर्वे के बाद मुआवजा राशि सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है.

PMFBY के अन्य फायदे भी जानें

प्रीमियम दर- खरीफ फसलों के लिए 2%, रबी के लिए 1.5%, व्यवसायिक फसलों के लिए 5%
फसल सुरक्षा- प्राकृतिक आपदा, कीट, बीमारी, बारिश, सूखा आदि से सुरक्षा
डिजिटल प्रोसेस- आवेदन, क्लेम और मुआवजा डिजिटल रूप से होता है
प्रत्यक्ष लाभ- मुआवजा सीधे DBT के जरिए किसान के खाते में

कैसे उठाएं योजना का लाभ?

  • CSC केंद्र या कृषि विभाग से संपर्क करें
  • PMFBY की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करें
  • बैंक / बीमा एजेंट के जरिए भी बीमा कराया जा सकता है
  • PM Kisan ऐप / कृषि विभाग के ऐप्स से भी रजिस्ट्रेशन संभव

निष्कर्ष

अब किसान सिर्फ खड़ी फसल ही नहीं, बल्कि कटाई के बाद सुखाने के लिए छोड़ी गई फसल को भी सुरक्षित कर सकते हैं. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए एक भरोसेमंद सुरक्षा कवच है- जरूरत है तो बस सही जानकारी और समय पर दावा करने की.

खबर से जुड़ा FAQs

Q1. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) क्या है?
PMFBY भारत सरकार की एक बीमा योजना है जो किसानों को फसल के नुकसान पर आर्थिक सहायता देती है.

Q2. क्या कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी गई फसल का नुकसान भी कवर होता है?
हां, अब PMFBY के तहत कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए छोड़ी गई फसल को प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर भी मुआवजा मिलता है.

Q3. कटाई के बाद फसल के नुकसान के लिए किन शर्तों को पूरा करना जरूरी है?
फसल खेत में कटाई के बाद अधिकतम 14 दिन तक होनी चाहिए. 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी या कृषि विभाग को सूचना देना जरूरी है.

Q4. मुआवजा कैसे तय किया जाता है?
बीमित फसल के प्रकार, नुकसान की मात्रा, और बीमित राशि के आधार पर मुआवजा तय होता है.

Q5. मुआवजे के लिए दावा कैसे करें?
फसल को नुकसान पहुंचने के 72 घंटे के भीतर सूचना दें. बीमा कंपनी / CSC / कृषि विभाग में शिकायत दर्ज करें. फोटो, वीडियो जैसे सबूत जमा करें

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